देवघर. हिंदू धर्म में विवाह पंचमी की तिथि बेहद शुभ मानी जाती है. माना जाता है कि इस दिन भगवान राम और माता सीता का विवाह संपन्न हुआ था. इस दिन को वैवाहिक वर्षगांठ के रूप में मनाते हैं. इसके साथ ही विवाह पंचमी के दिन भगवान राम, माता सीता की पूजा आराधना करने से वैवाहिक जीवन में खुशहाली आती है. वहीं कई युवक और युवतियों के शादी विवाह में कई तरह के अटकले लगने लगते हैं. रिश्ते लगने के बाद भी बार-बार टूट जाते हैं. वैसे युवक युवतियों को इस दिन खास उपाय करना चाहिए. खास उपाय करने से जल्द ही शादी विवाह के योग बनेंगे. क्या उपाय करना चाहिए जानते है देवघर के ज्योतिषाचार्य से?
क्या कहते है देवघर के ज्योतिषाचार्य ?
देवघर के पागल बाबा आश्रम स्थित मुद्गल ज्योतिष केंद्र के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित नंदकिशोर मुद्गल ने Bharat.one के संवाददाता से बातचीत करते हुए कहा कि मार्गशीर्ष महीने के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को विवाह पंचमी का व्रत रखा जाता है. इस दिन भगवान राम और माता सीता का विवाह संपन्न हुआ था. इसलिए इस दिन का महत्व बेहद खास है. इस साल विवाह पंचमी का व्रत 6 दिसंबर को रखा जाएगा. विवाह पंचमी के दिन भगवान राम माता सीता की पूजा आराधना अवश्य करनी चाहिए विशेष कर उन युवक युवतियों के जिनके शादी विवाह में अर्चन पैदा हो रही हो.
विवाह पंचमी के दिन करे यह उपाय
माँ पार्वती की करें पूजा
ज्योतिषाचार्य बताते हैं की ग्रह दोष के कारण या फिर किन्हीं कारण व शादी में समस्या उत्पन्न हो रही हो तो विवाह पंचमी के दिन माता पार्वती के मंदिर जाकर पूजा आराधना करने के बाद 16 श्रृंगार अर्पण करें साथ ही रामचरितमानस की एक चौपाई\” जय जय गिरिवर राज किशोरी जय महेश मुख चंद चकोरी \”का 108 बार जाप करें. ऐसा करने से मां पार्वती प्रसन्न होंगी और विवाह का योग जल्द बनेगा.
तुलसी के पत्ते में लगाए हल्दी
ज्योतिषाचार्य बताते कि दूसरा उपाय यह है कि विवाह पंचमी के दिन नौ तुलसी के पत्ते तोड़कर उसमें हल्दी कुमकुम लगाकर एक लाल कपड़े में बांध लें और युवक युवतियों के दाहिने कलाई में बांध दें ग्रह दोष शांत होंगे और विवाह के योग जल्द बनेंगे.
Editer- Anuj Singh
FIRST PUBLISHED : November 27, 2024, 11:51 IST
Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी, राशि-धर्म और शास्त्रों के आधार पर ज्योतिषाचार्य और आचार्यों से बात करके लिखी गई है. किसी भी घटना-दुर्घटना या लाभ-हानि महज संयोग है. ज्योतिषाचार्यों की जानकारी सर्वहित में है. बताई गई किसी भी बात का Bharat.one व्यक्तिगत समर्थन नहीं करता है.

















