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Ayodhya Ram mandir Dhwajarohan 2025 Today: मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को अयोध्या के रामलला मंदिर के शिखर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ध्वजारोहण का कार्यक्रम किया जाएगा. क्या आपको पता है कि भगवान राम का जन्म जिस मुहूर्त में हुआ था, उसी मुहूर्त और योग में दिव्य धर्म ध्वज मंदिर के शिखर पर लगाया जाएगा. आइए जानते हैं भगवान राम का जन्म किस मुहूर्त में हुआ…
Ayodhya Ram mandir Dhwajarohan 2025 Today: अयोध्या में राम मंदिर पूरी तरह बनकर तैयार हो गया है और अब केवल दिव्य धर्म ध्वजारोहण की बारी है. आज विवाह पंचमी के मौके पर रामलला मंदिर के शिखर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ध्वजारोहण किया जाएगा. मंदिर पर ध्वजारोहण होना उसकी पूर्णता को दर्शाता है और यह इस महोत्सव का प्रमुख आकर्षण होगा. मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को विवाह पंचमी का पर्व मनाया जाता है. इस दिन प्रभु श्रीराम और माता जानकी का विवाह हुआ था. क्या आपको पता है कि जिस मुहूर्त में भगवान राम अवतरित हुए, उसी मुहूर्त में ध्वजारोहण कार्यक्रम होने वाला है. आइए जानते हैं किन शुभ योग और मुहूर्त में ध्वजारोहण कार्यक्रम किया जाएगा.
विवाह पंचमी के मौके पर यानी आज अयोध्या एक बार फिर बेहद खास और आध्यात्मिक क्षण बनने जा रहा है. पुराणों के अनुसार है कि भगवान राम का जन्म अभिजीत मुहूर्त में हुआ था और ठीक उसी पवित्र घड़ी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रामलला मंदिर के विशाल शिखर पर दिव्य केसरिया ध्वज फहराने वाले हैं. आज सुबह से ही अयोध्या में होने वाला हर क्षण लाखों श्रद्धालुओं के लिए सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि रामनगरी की आत्मा से जुड़ा भावुक उत्सव बनने वाला है.

अभिजीत मुहूर्त का समय
पंचांग के अनुसार, आज रामलला मंदिर पर ध्वजारोहण का कार्यक्रम अभिजीत मुहूर्त में आयोजित किया जाएगा. यह मुहूर्त दोपहर 11 बजकर 52 मिनट से शुरू होगा और 12 बजकर 35 मिनट तक रहने वाला है. इसलिए ध्वजारोहण के लिए 43 मिनट का समय बेहद शुभ माना जाता है. पुराणों के अनुसार, भगवान राम का जन्म भी इसी मुहूर्त में हुआ था इसलिए राम मंदिर के शिखर पर धव्ज लगाने के लिए यह मुहूर्त चुना गया है.
अभिजीत मुहूर्त का महत्व
अभिजीत मुहूर्त को वैदिक परंपरा में सर्वश्रेष्ठ, सर्वसिद्ध और दैवीय शक्ति से युक्त मुहूर्त माना गया है. यह दिन के 8वें मुहूर्त का मध्य समय में होता है. यह दैनिक रूप से सूर्य के प्रभावशाली मध्य भाग में आता है और अत्यंत शुभ माना गया है. सूर्य के उदय और अस्त के बीच का मध्य भाग अर्थात् दोपहर के लगभग मध्य में आने वाला लगभग 48 मिनट का समय ही अभिजीत मुहूर्त कहलाता है. अभिजीत स्वयं श्री विष्णु का एक नाम है और प्रभु श्रीराम का जन्म भी इसी मुहूर्त में हुआ था इसलिए इस मुहूर्त से आरंभ कार्य सफलता की ओर अग्रसर होता है. यह समय सूर्यमंडल की ऊर्जा के चरम पर होता है, इसलिए ग्रहों की अनिष्टता कम रहती है.

मंगलवार का दिन क्यों है खास?
आज मंगलवार का दिन है और यह दिन ध्वजारोहण के लिए बेहद खास माना जा रहा है क्योंकि पुराणों के अनुसार, भगवान राम का जन्म चैत्र मास की नवमी तिथि को हुआ था और उस दिन भी मंगलवार था. साथ ही त्रेतायुग में भगवान राम और माता का विवाह मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को हुआ था और उस दिन भी मंगलवार था. भगवान राम के परमभक्त हनुमानजी को समर्पित मंगलवार का दिन ऊर्जा और पराक्रम से भरपूर रहता है.
मैं धार्मिक विषय, ग्रह-नक्षत्र, ज्योतिष उपाय पर 8 साल से भी अधिक समय से काम कर रहा हूं। वेद पुराण, वैदिक ज्योतिष, मेदनी ज्योतिष, राशिफल, टैरो और आर्थिक करियर राशिफल पर गहराई से अध्ययन किया है और अपने ज्ञान से प…और पढ़ें
मैं धार्मिक विषय, ग्रह-नक्षत्र, ज्योतिष उपाय पर 8 साल से भी अधिक समय से काम कर रहा हूं। वेद पुराण, वैदिक ज्योतिष, मेदनी ज्योतिष, राशिफल, टैरो और आर्थिक करियर राशिफल पर गहराई से अध्ययन किया है और अपने ज्ञान से प… और पढ़ें
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