Thursday, February 26, 2026
20 C
Surat
[tds_menu_login inline="yes" guest_tdicon="td-icon-profile" logout_tdicon="td-icon-log-out" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNiIsIm1hcmdpbi1ib3R0b20iOiIwIiwibWFyZ2luLWxlZnQiOiIyNSIsImRpc3BsYXkiOiIifSwicG9ydHJhaXQiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiMiIsIm1hcmdpbi1sZWZ0IjoiMTYiLCJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBvcnRyYWl0X21heF93aWR0aCI6MTAxOCwicG9ydHJhaXRfbWluX3dpZHRoIjo3NjgsImxhbmRzY2FwZSI6eyJtYXJnaW4tcmlnaHQiOiI1IiwibWFyZ2luLWxlZnQiOiIyMCIsImRpc3BsYXkiOiIifSwibGFuZHNjYXBlX21heF93aWR0aCI6MTE0MCwibGFuZHNjYXBlX21pbl93aWR0aCI6MTAxOX0=" icon_color="#ffffff" icon_color_h="var(--dark-border)" toggle_txt_color="#ffffff" toggle_txt_color_h="var(--dark-border)" f_toggle_font_family="global-font-2_global" f_toggle_font_transform="uppercase" f_toggle_font_weight="500" f_toggle_font_size="13" f_toggle_font_line_height="1.2" f_toggle_font_spacing="0.2" ia_space="0" menu_offset_top="eyJhbGwiOiIxNCIsInBvcnRyYWl0IjoiMTIiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMyJ9" menu_shadow_shadow_size="16" menu_shadow_shadow_color="rgba(10,0,0,0.16)" f_uh_font_family="global-font-1_global" f_links_font_family="global-font-1_global" f_uf_font_family="global-font-1_global" f_gh_font_family="global-font-1_global" f_btn1_font_family="global-font-1_global" f_btn2_font_family="global-font-1_global" menu_uh_color="var(--base-color-1)" menu_uh_border_color="var(--dark-border)" menu_ul_link_color="var(--base-color-1)" menu_ul_link_color_h="var(--accent-color-1)" menu_ul_sep_color="#ffffff" menu_uf_txt_color="var(--base-color-1)" menu_uf_txt_color_h="var(--accent-color-1)" menu_uf_border_color="var(--dark-border)" show_version="" icon_size="eyJhbGwiOjIwLCJwb3J0cmFpdCI6IjE4In0=" menu_gh_color="var(--base-color-1)" menu_gh_border_color="var(--dark-border)" menu_gc_btn1_color="#ffffff" menu_gc_btn1_color_h="#ffffff" menu_gc_btn1_bg_color="var(--accent-color-1)" menu_gc_btn1_bg_color_h="var(--accent-color-2)" menu_gc_btn2_color="var(--accent-color-1)" menu_gc_btn2_color_h="var(--accent-color-2)" f_btn2_font_size="13" f_btn1_font_size="13" toggle_hide="yes" toggle_horiz_align="content-horiz-center" menu_horiz_align="content-horiz-center" f_uh_font_weight="eyJsYW5kc2NhcGUiOiI3MDAiLCJhbGwiOiI3MDAifQ==" f_gh_font_weight="700" show_menu="yes" avatar_size="eyJhbGwiOiIyMiIsImxhbmRzY2FwZSI6IjIxIiwicG9ydHJhaXQiOiIxOSJ9" page_0_title="My Articles" menu_ul_sep_space="0" page_0_url="#"]

Finance

Marketing

Politics

Strategy

Finance

Marketing

Politics

Strategy

Baisakhi 2025: कैसे मनाई जाती है बैसाखी? क्या करें इस दिन दान की सालभर बनी रहे व्यापार में बरकत


Baisakhi 2025: बैसाखी का पर्व भारतीय संस्कृति में बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है. आज पूरे देश में बड़े हर्षोल्लास और पारंपरिक उत्साह के साथ इसे मनाया जा रहा है. बता दें कि यह त्योहार रबी की फसल के पकने पर मनाया जाता है, जिसमें किसान भगवान के प्रति आभार प्रकट करते हैं. धार्मिक मान्यता के अनुसार, नई फसल को सबसे पहले अग्नि देवता को समर्पित किया जाता है उसके बाद ही दूसरों के द्वारा उसका सेवन किया जाता है. लेकिन क्या आपको पता है कि बैसाखी का त्यौहार कैसे मनाया जाता है और इस दिन क्या करना चाहिए आइए जानते हैं.

ज्योतिशास्त्र के अनुसार, बैसाखी के दिन सूर्यदेव की पूजा, स्नान के अलावा अगर कुछ चीजों का दान करना बहुत उत्तम माना जाता है. ऐसा करने से व्यक्ति को कई प्रकार से लाभ मिलता है. साथ ही उनके जीवन के कष्टों से मुक्ति सहित नौकरी व्यापार में तरक्की मिलती है. तो इस बारे में विस्तार से जानते हैं ज्योतिषाचार्य व वास्तु सलाहकार डॉ अरविंद पचौरी से कि बैसाखी के दिन किन चीजों का दान करन चाहिए और कैसे मनाई जाती है बैसाखी.

कैसे मनाई जाती है बैसाखी
बैसाखी के दिन गुरुद्वारों को बैसाखी के दिन बहुत ही सुंदर तरीके से सजाया जाता है और इस दिन हर तरफ एक अलग ही रौनक देखने को मिलती है. इस दिन सुबह स्नान करने के बाद लोग गुरुद्वारों में भजन और प्रार्थना करते हैं. माना जाता है कि बैसाखी के दिन सच्चे मन व श्रृद्धा से गुरुद्वारे में माथा टेकने के साथ ही जीवन में सुख-शांति की प्राप्ति होती है.

इस दिन जगह-जगह जुलूस निकाले जाते हैं व कई जगहों पर धार्मिक कार्यक्रम भी आयोजित किये जाते हैं. बता दें कि बैसाखी के दिन मुख्यरूप से घरों में सरसों का साग और मक्के की रोटी समेत कई अन्य पकवान भी बनाए जाते हैं.

यह भी पढ़ें- Vikat Sankashti Chaturthi: भगवान गणेश को प्रसन्न करने के लिए करें इन मंत्रों का जाप, बनेंगे बिगड़े काम

बैसाखी के दिन करें इन चीजों का दान

ज्योतिषशास्त्र के अनुसार, बैसाखी के दिन गेहूं का दान करना भी बहुत शुभ माना जाता है. कहा जाता है कि इसका दान करने से आपके घर में बरकत बनी रहती है और हमेशा मां अन्नपूर्णा का वास बना रहता है.

बैसाखी के पावन पर्व के दिन उड़द की दाल का दान करना भी बहुत अच्छा माना जाता है. कहा जाता है कि इसके दान से व्यक्ति को कार्यों में आ रही बाधाएं दूर हो जाती हैं.

बैसाखी के दिन चावल से बनी खीर का दान करने से व्यक्ति को करियर बिजनेस में सफलता मिलती है और सालभर उसके व्यापार में उन्नति मिलती है.

बैसाखी के त्योहार पर बिहार सहित कई क्षेत्रों में सत्तू का सेवन करने के साथ-साथ इसका दान करने की भी परंपरा है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सत्तू का संबंध सूर्य, मंगल और गुरु ग्रहों से होता है. ऐसे में अगर इन चीजों का दान बैसाखी के दिन किया जाए तो समस्त ग्रहों की शांति व मजबूती के लिए यह शुभ माना जाता है.

मान्यताओं के अनुसार, बैसाखी के दिन गेंहू, मसूर की दाल, चावल, गुड़ समेत लाल रंग युक्त चीजों का दान करना सर्वोत्तम माना जाता है. ऐसा करने से सूर्यदेव का आशीर्वाद भी प्राप्त होता है और उनकी कृपा भी बनी रहती है.


.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.

https://hindi.news18.com/news/astro/astro-tips-baisakhi-2025-how-is-baisakhi-celebrated-know-what-to-o-daan-on-this-day-to-get-growth-in-business-whole-year-9172673.html

Hot this week

कब्ज के कारण और प्राकृतिक उपाय जानें, पेट साफ रखने के लिए जरूरी टिप्स.

कब्ज आजकल की लाइफस्टाइल से जुड़ी एक आम...

Protein Rich Indian Breakfast। हाई-प्रोटीन वाला पोहा रेसिपी

High Protein Poha Recipe: सुबह का नाश्ता दिन...

सूर्यकुंड धाम हजारीबाग झारखंड धार्मिक स्थल और गर्म जल कुंड का महत्व.

हजारीबाग : झारखंड में हजारीबाग जिले के बरकट्ठा...

Topics

Protein Rich Indian Breakfast। हाई-प्रोटीन वाला पोहा रेसिपी

High Protein Poha Recipe: सुबह का नाश्ता दिन...

सूर्यकुंड धाम हजारीबाग झारखंड धार्मिक स्थल और गर्म जल कुंड का महत्व.

हजारीबाग : झारखंड में हजारीबाग जिले के बरकट्ठा...
Exit mobile version