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Chaitra Navratri 2026 Date: चैत्र नवरात्रि मार्च या अप्रैल के समय में आती है. इसका प्रारंभ चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से होता है. पहले दिन शुभ मुहर्त में कलश स्थापना के साथ मां दुर्गा की पूजा प्रारंभ होती है. आइए जानते हैं कि चैत्र नवरात्रि कब है? चैत्र नवरात्रि कलश स्थापना मुहूर्त क्या है?
Chaitra Navratri 2026 Date: चैत्र नवरात्रि का प्रारंभ चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से होता है. प्रतिपदा को कलश स्थापना करते हैं, उसके साथ ही मां दुर्गा के 9 स्वरूपों की पूजा का उत्सव प्रारंभ होता है, जो 9, 10 या 8 दिन का होता है. तिथियों के आधार पर चैत्र नवरात्रि के दिन 8, 9 या 10 हो सकते हैं. अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार, चैत्र नवरात्रि मार्च या अप्रैल के समय में आती है. चैत्र नवरात्रि के अलावा शारदीय नवरात्रि आती है, जो जनसामान्य लोग करते हैं. इन दोनों के अलावा दो गुप्त नवरात्रि होती हैं. चैत्र नवरात्रि में महानवमी की तिथि को राम नवमी मनाई जाती है. इसमें दशमी के दिन दशहरा नहीं मनाते हैं, दशहरा शारदीय नवरात्रि का त्योहार होता है. आइए जानते हैं कि इस साल चैत्र नवरात्रि कब है? चैत्र नवरात्रि के कलश स्थापना का मुहूर्त क्या है?
चैत्र नवरात्रि 2026 की तारीख
दृक पंचांग के अनुसार, चैत्र नवरात्रि के प्रारंभ के लिए आवश्यक चैत्र शुक्ल प्रतिपदा तिथि 19 मार्च दिन गुरुवार को सुबह में 6 बजकर 52 मिनट से शुरू होगी. प्रतिपदा तिथि 20 मार्च को प्रात: 4 बजकर 51 मिनट पर खत्म हो जा रही है. उदयातिथि के आधार पर चैत्र नवरात्रि का प्रारंभ 19 मार्च गुरुवार से होगाा. उस दिन चैत्र नवरात्रि का पहला दिन है और उसकी दिन कलश स्थापना होगी.
चैत्र नवरात्रि कलश स्थापना मुहूर्त
चैत्र नवरात्रि कलश स्थापना मुहूर्त 2026.
इस साल चैत्र नवरात्रि की कलश स्थापना के लिए दो शुभ मुहूर्त मिल रहे हैं. पहला मुहूर्त सुबह में 50 मिनट का होगा, जबकि दूसरा मुहूर्त दोपहर में 48 मिनट का प्राप्त हो रहा है.
- पहला मुहूर्त: जिन लोगों को सुबह में चैत्र नवरात्रि की कलश स्थापना करनी है, वे 6 बजकर 52 मिनट से 7 बजकर 43 मिनट के बीच कर सकते हैं.
- दूसरा मुहूर्त: चैत्र नवरात्रि की कलश स्थापना का दूसरा मुहूर्त दोपहर में 12 बजकर 5 मिनट से 12 बजकर 53 मिनट तक है. जो लोग सुबह में कलश स्थापना नहीं कर पाएं, वे दोपहर में घटस्थापना कर सकते हैं. ये मुहूर्त भी बहुत अच्छा है.
चैत्र नवरात्रि की प्रतिपदा पर सर्वार्थ सिद्धि योग
इस साल चैत्र नवरात्रि की पहली तिथि यानि प्रतिपदा पर सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है. उस दिन शुक्ल और ब्रह्म योग भी बनेंगे. शुक्ल योग प्रात:काल से लेकर देर रात 01:17 ए एम तक है, उसके बाद से ब्रह्म योग होगा. सर्वार्थ सिद्धि योग 20 मार्च को 04:05 ए एम से लेकर 06:25 ए एम तक है. कलश स्थापना शुक्ल योग में होगा.
चैत्र नवरात्रि के पहले दिन राहुकाल
चैत्र नवरात्रि की प्रतिपदा को यानि पहले दिन राहुकाल दोपहर में 02:00 पी एम से लेकर 03:30 पी एम तक है. राहुकाल में शुभ कार्य नहीं करते हैं.
चैत्र नवरात्रि का समापन
19 मार्च से शुरू होने वाली चैत्र नवरात्रि का समापन 27 मार्च शुक्रवार को महानवमी पर पारण के साथ होगा. इस बार की चैत्र नवरात्रि 9 दिनों की होगी.
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कार्तिकेय तिवारी Hindi Bharat.one Digital में Deputy News Editor के पद पर कार्यरत हैं. वर्तमान में धर्म, ज्योतिष, वास्तु और फेंगशुई से जुड़ी खबरों पर काम करते हैं. पत्रकारिता में 12 वर्षों का अनुभव है. डिजिटल पत्रक…और पढ़ें
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