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वैसे तो भारत में कई खास मंदिर हैं लेकिन भारत के मैंगलोर में एक ऐसा मंदिर है, जहां लोग सुरक्षा और न्याय पाने के लिए भक्त आते हैं. जिन लोगों को कहीं भी न्याय नहीं मिलता, वे यहां अमावस्या की रात खास अनुष्ठान करते हैं. यहां पर भगवान की पूजा न्याय के देवता के रूप में की जाती है. आइए जानते हैं इस मंदिर के बारे में खास बातें…
कर्नाटक के मैंगलोर में एक ऐसा मंदिर है, जहां सुरक्षा और न्याय पाने के लिए भक्तों की भीड़ लगती है. इस मंदिर में अमावस्या की रात भक्तों की काफी भीड़ देखने को मिलती है और यहां रात में न्याया पाने के लिए कई खास अनुष्ठान करते हैं. अनोखा और दैवीय नजारा हर अमावस्या की रात को स्वामी कोरगज्जा मंदिर में देखने को मिलता है. जिन लोगों को कोर्ट-कचहरी समेत जीवन के कई क्षेत्रों में सही न्याय नहीं मिल पाता, वे यहां मंदिर में आते हैं और खास पूजा करते हैं. इस पूजा के माध्यम से वे ईश्वर से न्याय मांगते हैं और उनकी इच्छा पूरी भी होती है. यहां पर भगवान की पूजा न्याय के देवता के रूप में की जाती है. आइए जानते हैं इस मंदिर के बारे में खास बातें…
मंदिर की कई रहस्यमयी कहानियां
मैंगलोर के पास एक गांव में स्वामी कोरगज्जा मंदिर को धर्म के देवता के रूप में पूजा जाता है. वहां के लोगों का मानना है कि स्वामी कोरगज्जा भगवान शिव के अवतार हैं और वह पूरे शहर की सुरक्षा करते हैं. मंदिर में कोरगज्जा की प्रतिमा के पास एक नाग को भी देखा जाता है. भक्तों की आस्था है कि मंदिर में दिखने वाला नाग स्वामी कोरगज्जा ही हैं, जो भक्तों की परेशानी को दूर करने के लिए आते हैं. इस मंदिर की कई तरह की रहस्यमयी कहानियां मौजूद हैं.
हर मनोकामना होती है पूरी
स्वामी कोरगज्जा के मंदिर को न्याय का धाम कहा जाता है. भक्तों का मंदिर पर इतना दृढ़ विश्वास है कि उनका मानना है कि मंदिर में मांगी हर मनोकामना पूरी हो जाती है या उनसे जुड़े शुभ संकेत मिलने लगते हैं. यहां प्रसाद के रूप में मदिरा, चकली और सुपारी भेंट की जाती हैं. स्वामी कोरगज्जा के मंदिर सिर्फ मैंगलोर में ही नहीं बल्कि कर्नाटक के कई क्षेत्रीय गांवों में भी देखने को मिल जाएंगे. हर मंदिर भक्तों को न्याय और खोई हुई चीजों को वापस दिलाने के लिए प्रसिद्ध है.
हर धर्म के आते हैं लोग
इस मंदिर की खास बात ये है कि यहां धर्म का बंधन नहीं है. मंदिर में स्वामी कोरगज्जा का आशीर्वाद लेने के लिए अलग-अलग धर्म के लोग आते हैं. भक्तों का मानना है कि अज्जा के लिए हर इंसान बराबर है. मंदिर में स्वामी कोरगज्जा को प्रसन्न करने के लिए हर साल अपने-अपने समुदाय की भलाई के लिए पारंपरिक कोला उत्सव का आयोजन करते हैं. इसमें एक व्यक्ति घास और पत्ते लपेटे कोरगज्जा के गीत गाकर उन्हें प्रसन्न करता है. पुराने समय से ही कोला उत्सव में महिलाओं का आना मना होता है.
मैं धार्मिक विषय, ग्रह-नक्षत्र, ज्योतिष उपाय पर 8 साल से भी अधिक समय से काम कर रहा हूं। वेद पुराण, वैदिक ज्योतिष, मेदनी ज्योतिष, राशिफल, टैरो और आर्थिक करियर राशिफल पर गहराई से अध्ययन किया है और अपने ज्ञान से प…और पढ़ें
मैं धार्मिक विषय, ग्रह-नक्षत्र, ज्योतिष उपाय पर 8 साल से भी अधिक समय से काम कर रहा हूं। वेद पुराण, वैदिक ज्योतिष, मेदनी ज्योतिष, राशिफल, टैरो और आर्थिक करियर राशिफल पर गहराई से अध्ययन किया है और अपने ज्ञान से प… और पढ़ें
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https://hindi.news18.com/news/dharm/swamy-koragajja-temple-mangalore-gave-justice-to-everyone-know-about-history-and-importance-ws-kl-9894600.html

















