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Rajnandgaon News: राजनांदगांव के डोंगरगढ़ में जैन धर्म के आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज का समाधि स्थल बनाया जा रहा है. आपको बता दें, यहां दर्शन के लिए दूर-दूर से जैन समाज से जुड़े लोग पहुंच रहे हैं. जानें यह…और पढ़ें
चंद्रगिरी तीर्थ
हाइलाइट्स
- डोंगरगढ़ में विद्यासागर जी महाराज का समाधि स्थल बन रहा है.
- समाधि स्थल देखने दूर-दूर से जैन अनुयायी पहुंच रहे हैं.
- समाधि स्थल वर्चुअल होगा, कोई प्रतिमा नहीं रहेगी.
राजनांदगांव- जिले के डोंगरगढ़ में चंद्रगिरी तीर्थ स्थल स्थित है, जहां जैन धर्म के आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज का समाधि स्थल बनाया जा रहा है, जिसे देखने के लिए पूरे देश भर से जैन समाज से जुड़े लोग पहुंच रहे हैं. जैन मुनि आचार्य और बड़ी संख्या में जैन अनुयाई यहां पहुंच रहे हैं और आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के समाधि स्थल का दर्शन कर रहे हैं. समाधि स्मारक का भूमि पूजन बीते दिनों किया गया.
18 फरवरी को ब्रह्मलीन हो गए थे महाराज
अमरावती महाराष्ट्र से पहुंची महिला नीलिमा ने बताया, कि आचार्य श्री के समाधि स्थल का दर्शन करने हम लोग आए हुए हैं. बहुत अच्छा हम लोगों को लग रहा है. हमारी बहुत इच्छा थी यहां आने की. महाराज जी के समाधि स्थल का दर्शन करके हम लोग धन्य हो गए. आपको बता दें कि जैन धर्म के आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज 18 फरवरी 2024 को ब्रह्मलीन हो गए थे. इसके बाद उनके समाधि स्थल को लेकर तैयारियां की जा रही थीं. बीते दिनों डोंगरगढ़ के चंद्रगिरी तीर्थ स्थल पर पहुंचकर आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के समाधि स्थल का भूमि पूजन किया गया.
वहीं इस संबंध में निशांत जैन, ट्रस्टी चंद्रगिरी तीर्थ स्थल, डोंगरगढ़ ने बताया कि 6 फरवरी को केंद्रीय गृह मंत्री जी आए थे और उन्होंने भूमि पूजन किया. केंद्रीय गृह मंत्री ने आचार्य श्री के समाधि स्थल का दर्शन किया. इसके साथ ही उन्होंने 108 चरण पादुकाओं का विमोचन भी किया और आचार्य श्री की याद में ₹100 के सिक्के का भी विमोचन किया और अन्य कार्यक्रमों में भी शामिल हुए. आगे वे बताते हैं कि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के समाधि स्थल को देखने पूरे देश भर से जैन धर्म के अनुयायी, जैन आचार्य और जैन मुनि पहुंच रहे हैं. . यहां आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज की समाधि स्थली है.
नहीं होगी यहां प्रतिमा
वे आगे बताते हैं कि यहां समाधि स्मारक तैयार होगा, जो वर्चुअल होगा, यानी यहां कोई प्रतिमा या मूर्ति नहीं रहेगी. वे कहते हैं कि यहां आने पर ऐसा प्रतीत होता है कि आचार्य श्री आज भी हमारे बीच हैं. यह मंदिर लगभग चार एकड़ भूमि पर बनेगा, जिसे बनने में करीब दो साल लगेंगे. इसके साथ ही चंद्रगिरी का मंदिर भी तैयार हो जाएगा, जो 151 फीट ऊंचा होगा. यह मंदिर लाल और पीले पत्थरों से बनेगा, और फिलहाल यह पीले पाषाण से बनेगा. आगे वे बताते हैं, कि अष्टधातु से निर्मित 108 चरण पादुका आचार्य श्री की प्रतिष्ठित की जा चुकी हैं, जिन्हें पूरे भारत के सब जगह मंदिरों में भेजी जा रही हैं और वहां स्थापित की जा रही हैं. पीले पत्थर राजस्थान से आ रहे हैं, आने वाले समय में पूरा मंदिर बनकर तैयार हो जाएगा.
Rajnandgaon,Chhattisgarh
February 17, 2025, 08:48 IST
चंद्रगिरी तीर्थस्थल में बनाया जा रहा है विद्यासागर महाराज का समाधि स्थल, जानें
Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी, राशि-धर्म और शास्त्रों के आधार पर ज्योतिषाचार्य और आचार्यों से बात करके लिखी गई है. किसी भी घटना-दुर्घटना या लाभ-हानि महज संयोग है. ज्योतिषाचार्यों की जानकारी सर्वहित में है. बताई गई किसी भी बात का Bharat.one व्यक्तिगत समर्थन नहीं करता है.
