मार्च 2026 त्योहारों से है भरा! यहां जानिए कब पड़ेंगे इस महीने के मुख्य पर्व!
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March Festival 2026 List : मार्च 2026 वास्तव में खुशियों और त्योहारों से भरा महीना होने वाला है. इस महीने में न केवल रंगों का त्योहार होली मनाया जाएगा, बल्कि रमज़ान का समापन और हिंदू नववर्ष की शुरुआत भी इसी महीने में होगी. ऐसे में यहां मार्च 2026 के मुख्य त्योहारों की सूची दी गई है…
होली (4 मार्च): हिंदू धर्म के सबसे रंगीन और बड़े पैमाने पर मनाए जाने वाले त्योहारों में से एक, होली 2026 बुधवार, 4 मार्च को है, और होलिका दहन 3 मार्च की शाम को होगा. यह त्योहार बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है और वसंत के आने की निशानी है. लोग रंग-बिरंगे पाउडर, जोशीले संगीत, मज़ेदार डांस और परिवार और दोस्तों के साथ खुशी-खुशी मिलकर होली मनाते हैं, जिससे मस्ती और साथ का माहौल बनता है.
रंग पंचमी (8 मार्च): होली के पांच दिन बाद पड़ने वाली रंग पंचमी 2026 रविवार, 8 मार्च को मनाई जाएगी। महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में खास तौर पर लोकप्रिय यह त्योहार होली की भावना को ज़िंदा रखता है, जिसमें रंगीन खेल, कम्युनिटी गैदरिंग और ज़ोरदार जश्न होते हैं, जो लोगों को मस्ती और जश्न के एक शानदार नज़ारे में एक साथ लाते हैं.
शीतला सप्तमी (11 मार्च): शीतला सप्तमी, जिसे बासोड़ा भी कहा जाता है, 2026 में लगभग 11 मार्च को मनाई जाएगी. इस दिन, भक्त देवी शीतला की पूजा करते हैं और एक दिन पहले तैयार किया गया खाना चढ़ाते हैं. यह त्योहार पारंपरिक रूप से अच्छी सेहत और बीमारी से बचाव के लिए प्रार्थना से जुड़ा है, जो भक्ति और समुदाय के रीति-रिवाजों को दिखाता है.
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उगादी/गुड़ी पड़वा (19 मार्च): गुड़ी पड़वा और उगादी 19 मार्च, 2026 को महाराष्ट्र और कई दक्षिणी राज्यों में हिंदू नए साल के तौर पर मनाया जाएगा. इस दिन चैत्र नवरात्रि की शुरुआत भी होती है. घरों को त्योहार की सजावट से सजाया जाता है, खास पकवान बनाए जाते हैं, और प्रार्थना की जाती है, जो खुशहाली, नई शुरुआत और आने वाले साल के लिए एक नई शुरुआत का प्रतीक है.
गणगौर (लगभग 21 मार्च): गणगौर और गौरी पूजा आमतौर पर 21 मार्च, 2026 के आसपास मनाई जाती है, खासकर राजस्थान और आसपास के इलाकों में. इस त्योहार के दौरान, महिलाएं देवी गौरी की पूजा करती हैं और शादीशुदा जीवन में खुशी, समृद्धि और परिवार की खुशहाली के लिए प्रार्थना करती हैं. इस उत्सव में रंग-बिरंगे जुलूस, पारंपरिक रस्में और स्थानीय संस्कृति और त्योहारों का प्रदर्शन शामिल होता है.
राम नवमी (26 और 27 मार्च): भगवान राम के जन्म का जश्न मनाते हुए, राम नवमी गुरुवार, 26 मार्च, 2026 (स्मार्त परंपरा) और शुक्रवार, 27 मार्च, 2026 (इस्कॉन परंपरा) को मनाई जाएगी.भक्त उपवास रखते हैं, भक्ति गीत गाते हैं, रामायण पढ़ते हैं, और प्रार्थना और रीति-रिवाजों के ज़रिए भगवान राम के गुणों और जीवन का सम्मान करते हैं.
