Thursday, March 5, 2026
35 C
Surat
[tds_menu_login inline="yes" guest_tdicon="td-icon-profile" logout_tdicon="td-icon-log-out" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNiIsIm1hcmdpbi1ib3R0b20iOiIwIiwibWFyZ2luLWxlZnQiOiIyNSIsImRpc3BsYXkiOiIifSwicG9ydHJhaXQiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiMiIsIm1hcmdpbi1sZWZ0IjoiMTYiLCJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBvcnRyYWl0X21heF93aWR0aCI6MTAxOCwicG9ydHJhaXRfbWluX3dpZHRoIjo3NjgsImxhbmRzY2FwZSI6eyJtYXJnaW4tcmlnaHQiOiI1IiwibWFyZ2luLWxlZnQiOiIyMCIsImRpc3BsYXkiOiIifSwibGFuZHNjYXBlX21heF93aWR0aCI6MTE0MCwibGFuZHNjYXBlX21pbl93aWR0aCI6MTAxOX0=" icon_color="#ffffff" icon_color_h="var(--dark-border)" toggle_txt_color="#ffffff" toggle_txt_color_h="var(--dark-border)" f_toggle_font_family="global-font-2_global" f_toggle_font_transform="uppercase" f_toggle_font_weight="500" f_toggle_font_size="13" f_toggle_font_line_height="1.2" f_toggle_font_spacing="0.2" ia_space="0" menu_offset_top="eyJhbGwiOiIxNCIsInBvcnRyYWl0IjoiMTIiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMyJ9" menu_shadow_shadow_size="16" menu_shadow_shadow_color="rgba(10,0,0,0.16)" f_uh_font_family="global-font-1_global" f_links_font_family="global-font-1_global" f_uf_font_family="global-font-1_global" f_gh_font_family="global-font-1_global" f_btn1_font_family="global-font-1_global" f_btn2_font_family="global-font-1_global" menu_uh_color="var(--base-color-1)" menu_uh_border_color="var(--dark-border)" menu_ul_link_color="var(--base-color-1)" menu_ul_link_color_h="var(--accent-color-1)" menu_ul_sep_color="#ffffff" menu_uf_txt_color="var(--base-color-1)" menu_uf_txt_color_h="var(--accent-color-1)" menu_uf_border_color="var(--dark-border)" show_version="" icon_size="eyJhbGwiOjIwLCJwb3J0cmFpdCI6IjE4In0=" menu_gh_color="var(--base-color-1)" menu_gh_border_color="var(--dark-border)" menu_gc_btn1_color="#ffffff" menu_gc_btn1_color_h="#ffffff" menu_gc_btn1_bg_color="var(--accent-color-1)" menu_gc_btn1_bg_color_h="var(--accent-color-2)" menu_gc_btn2_color="var(--accent-color-1)" menu_gc_btn2_color_h="var(--accent-color-2)" f_btn2_font_size="13" f_btn1_font_size="13" toggle_hide="yes" toggle_horiz_align="content-horiz-center" menu_horiz_align="content-horiz-center" f_uh_font_weight="eyJsYW5kc2NhcGUiOiI3MDAiLCJhbGwiOiI3MDAifQ==" f_gh_font_weight="700" show_menu="yes" avatar_size="eyJhbGwiOiIyMiIsImxhbmRzY2FwZSI6IjIxIiwicG9ydHJhaXQiOiIxOSJ9" page_0_title="My Articles" menu_ul_sep_space="0" page_0_url="#"]

Somvati Amavasya 2024: भाद्रपद अमावस्या पर 2 दिन वाला दुर्लभ संयोग, सोमवार को मिलेगा सौभाग्य, मंगलवार को पाएं धन लाभ!


क्या इस साल भाद्रपद की अमावस्या दो दिन पड़ रही है? ऐसा सवाल इसलिए हो रहा है क्योंकि भाद्रपद अमावस्या की तिथि दो दिन सूर्योदय के समय ही प्राप्त हो रही है. ऐसा दुर्लभ संयोग काफी समय बाद देखने को मिलता है. काशी के ज्योतिषाचार्य चक्रपाणि भट्ट का कहना है​ कि इस साल की भाद्रपद अमावस्या तिथि सोमवार और मंगलवार दोनों ही दिन प्राप्त हो रही है. ऐसे में इस बार सोमवती अमावस्या और भौमवती अमावस्या दोनों का ही लाभ लोगों को प्राप्त होगा. आइए जानते हैं भाद्रपद अमावस्या तिथि पर बनने वाले सोमवती अमावस्या और भौमवती अमावस्या के महत्व और उपायों के बारे में.

2 दिन है भाद्रपद अमावस्या 2024
हिंदू कैलेंडर के अनुसार, भाद्रपद की अमावस्या तिथि 2 सितंबर को सुबह 5:21 बजे से प्रारंभ होकर 3 सितंबर को सुबह 7:24 बजे तक है. 2 सितंबर को सूर्योदय सुबह 06:00 बजे हो रहा है. ऐसे में उदयातिथि के आधार पर भाद्रपद अमावस्या 2 सितंबर सोमवार को है, जो सोमवती अमावस्या है.

वहीं दूसरे दिन 3 सितंबर मंगलवार को भी सूर्योदय सुबह 06:00 बजे हो रहा है और उस दिन अमावस्या तिथि सूर्योदय के बाद 7:24 बजे तक रहेगी. ऐसे में भाद्रपद अमावस्या की उदयातिथि मंगलवार को भी प्राप्त हो रही है. इस आधार पर वह भौमवती अमावस्या होगी.

यह भी पढ़ें: सोमवती अमावस्या पर होते हैं 3 दान, पितरों के साथ देव और ऋषि भी हो जाते तृप्त, जानें जरूरी बातें

सोमवती अमावस्या 2024 योग
शिव योग: प्रात:काल से लेकर शाम 06:20 बजे तक
सिद्ध योग: शाम 06:20 बजे से पूर्ण रात्रि तक

भौमवती अमावस्या 2024 योग
सिद्ध योग: प्रात:काल से लेकर शाम 07:05 बजे तक
साध्य योग: शाम 07:05 बजे से 4 सितंबर को रात 08:03 बजे तक

सोमवती अमावस्या पर मिलेगा सौभाग्य, करें यह उपाय
सोमवती अमावस्या के दिन सुहागन महिलाओं को सौभाग्य का आशीर्वाद मिलता है. इस दिन व्रत रखते हैं और भगवान भोलेनाथ के साथ माता पार्वती की पूजा करते हैं. फिर पीपल के पेड़ की पूजा और परिक्रमा करते हैं. पीपल के पेड़ की 108 बार परिक्रमा करनी चाहिए. देव वृक्ष पीपल में आप रक्षासूत्र या लाल रंग का धागा लपेट सकती हैं.

यह भी पढ़ें: परिघ योग में शनि प्रदोष व्रत, शाम को इस विधि से करें शिव पूजा, पूरी होगी विशेष मनोकामना

भौमवती अमावस्या के उपाय
1. यदि आप पर बैंक का कोई कर्ज है और आप उससे मुक्ति चाहते हैं तो भौमवती अमावस्या इसके लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है. इस दिन आप हनुमान जी की पूजा करें और केले का पौधा लगाएं. नियमित उसकी देखभाल करें. धीरे-धीरे आप कर्ज से मुक्त हो जाएंगे.

2. नौकरी प्राप्ति, शिक्षा और प्रतियोगिता में सफलता पाने के लिए भी भौमवती अमावस्या विशेष मानी जाती है. इस दिन हनुमान जी की पूजा करके अपने गुरु का आशीर्वाद लें. आटे की 108 गोलियां बनाकर मछलियों को खिलाएं. कार्य में सफलता प्राप्त हो सकती है.

3. धन लाभ और वित्तीय स्थिति को मजबूत करने के लिए एक जटावाला नारियल लें, जिसमें पानी हो. उस पर एक लाल रंग का धागा या रक्षासूत्र 7 बार लपेट दें. फिर अपने इष्टदेव का ध्यान करके उसे बहते हुए जल में प्रवाहित कर दें. इस उपाय से आपको लाभ हो सकता है.

Hot this week

बदलते मौसम पशुओं की ऐसे करें देखभाल, नहीं तो कम हो जाएगा दूध, अपनाएं यह देसी उपाय

होमवीडियोagricultureबदलते मौसम पशुओं की ऐसे करें देखभाल, नहीं...

Topics

बदलते मौसम पशुओं की ऐसे करें देखभाल, नहीं तो कम हो जाएगा दूध, अपनाएं यह देसी उपाय

होमवीडियोagricultureबदलते मौसम पशुओं की ऐसे करें देखभाल, नहीं...
spot_img

Related Articles

Popular Categories

spot_imgspot_img