शिमला. रिच मैदान पर चल रहे सरस मेले में एक स्टॉल के बाहर अक्सर सबसे ज्यादा भीड़ देखने को मिल रही है. यह स्टॉल ऊना जिला के शक्ति स्वयं सहायता समूह द्वारा लगाया गया है. यहां पर मिलने वाली किंभ की चाट के लोग दीवाने हो रहे हैं. सुबह से लेकर शाम तक इस स्टाल पर भारी भीड़ देखी जा सकती है. किंभ की चाट सर्दियों के दौरान ही मिलती है. क्योंकि, यह चाट गलगल का इस्तेमाल कर बनाई जाती है और गलगल केवल सर्दियों में ही उगता है. गलगल को ऊना की स्थानीय बोली में किंभ कहा जाता है.
औषधीय गुणों से भरपूर है किंभ
शक्ति स्वयं सहायता समूह ऊना की महिला मीना ठाकुर ने Bharat.one से बातचीत में बताया कि किंभ सर्दियों में उगाया जाता है. लोग इस चाट को खाना बेहद पसंद कर रहे है. इसकी विशेषता यह है कि इसमें औषधीय गुणों की भरमार है. मौसम बदलने के साथ होने वाली सर्दी, खांसी, जुखाम को ठीक करने में यह मददगार है. वहीं, यदि किसी भी व्यक्ति का खून गाढ़ा हो, तो उसे ठीक करने में यह कारगर साबित हो सकता है. इसमें भरपूर मात्रा में विटामिन सी पाया जाता है. इसके अलावा भी किंभ कई प्रकार के औषधीय गुणों से सम्पन्न होता है. इसके अलावा स्वाद बढ़ाने के लिए इसमें हरा धनिया और हरे पुदीने की चटनी डाली जाती है. इससे स्वाद तो बेहतर होता ही है, लेकिन इनके अपने औषधीय गुण भी है.
एक दिन में हो रही 20 हजार तक की कमाई
मीना ठाकुर ने बताया कि इस वर्ष, बीते वर्ष के मुकाबले लोगों का अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है. दिन में लगभग 20 हजार रुपए तक की कमाई हो रही है. हम लोग बचपन से किंभ की चाट का आनंद लेते थे और हमारे बुजुर्ग भी सर्दियों के दौरान इसका सेवन करते थे. किंभ का सेवन धूप में करना सबसे बेहतर माना जाता है. मीना ठाकुर बताती हैं कि वह 2020 में स्वयं सहायता समूह से जुड़ी थीं और 4 वर्षों से इसे चला रही हैं. इस समूह में कुल 10 महिलाएं काम करती हैं. हम ऊना के खाने को हिमाचल प्रदेश सहित, प्रदेश से बाहर चंडीगढ़, नोएडा और दिल्ली तक प्रमोट कर चुके है.
FIRST PUBLISHED : December 6, 2024, 17:02 IST
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