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Kolhapur Datt Misal: कोल्हापुर की दत्त मिसल, शिवम और आकाश द्वारा शुरू की गई, ताजे मसालों के उपयोग से बनी है. 45 मिसल की रिसर्च के बाद शुरू हुई इस मिसल की 11 शाखाएं महाराष्ट्र में हैं.

दत्त मिसल की सफलता की कहानी
हाइलाइट्स
- कोल्हापुर की दत्त मिसल 11 शहरों में प्रसिद्ध है.
- शिवम और आकाश ने 45 मिसल की रिसर्च के बाद इसे शुरू किया.
- दत्त मिसल ताजे मसालों का उपयोग करती है.
कोल्हापुर: महाराष्ट्र के कोल्हापुर का नाम सुनते ही खाने के शौकीनों को तांबड़ा-पांढरा रस्सा और तीखी मिसल का ख्याल आता है. कोल्हापुर की कई मिसल प्रसिद्ध हैं, लेकिन आज हम एक ऐसी मिसल के बारे में जानेंगे जिसने अपनी स्वाद और विभिन्न प्रकारों के कारण बहुत कम समय में प्रसिद्धि पाई. इस मिसल का नाम है दत्त मिसल. शिवम और आकाश, इन दो दोस्तों ने सबसे पहले इसे किनी टोल नाका इलाके में शुरू किया. इसकी स्वाद, बनाने की विधि, इन सबके कारण देखते ही देखते इस मिसल को लोगों की पसंद मिल गई. अब पूरे महाराष्ट्र में इसके 11 शाखाएं हैं.
माता-पिता खेत में मजदूर लेकिन…
कोल्हापुर अपने तीखे मटन, तांबड़ा पांढरा रस्सा और मिसल के लिए प्रसिद्ध है. इसमें भी सबसे जल्दी बनने वाला व्यंजन है मिसल. आकाश और शिवम को मिलकर कोई बिजनेस शुरू करना था. इन दोनों की बहुत गहरी दोस्ती थी. बारहवीं के बाद कोई बिजनेस शुरू करने की उनकी इच्छा थी. शिवम को बिजनेस का अनुभव था लेकिन आकाश की घर की स्थिति थोड़ी तंग थी. उसके माता-पिता खेत मजदूर थे.
तीन से साढ़े तीन लाख रुपये में बिजनेस की शुरुआत
इसलिए बिजनेस करने का साहस उसमें नहीं था, लेकिन किसी तरह हिम्मत जुटाकर आकाश ने साहस किया और उन्होंने मिसल शुरू करने का फैसला किया. इसके लिए उन्होंने पहले विभिन्न प्रकार की मिसल का अध्ययन करने का निर्णय लिया. इसके लिए उन्होंने पूरे साल राज्यभर में प्रसिद्ध 45 प्रकार की मिसल का अध्ययन किया. फिर उन्होंने पैसे जुटाकर लगभग तीन से साढ़े तीन लाख रुपये में अपने बिजनेस की शुरुआत किनी टोल नाका इलाके में की. यह बिजनेस लगभग दो सौ से ढाई सौ स्क्वेयर फुट में शुरू हुआ और यह मिसल बहुत कम समय में ही लोकप्रिय हो गई.
ताजे मसालों का उपयोग करने वाली एकमात्र मिसल
दत्त मिसल शुरू करने से पहले आकाश और शिवम ने विभिन्न प्रकार की 45 मिसल का अध्ययन किया था. उनके स्वाद का निरीक्षण करने के बाद सूखे मसालों का उपयोग करके मिसल बनाई जाती थी. इससे स्वाद में फर्क पड़ता था. इसे ध्यान में रखते हुए इन दोनों दोस्तों ने पहली बार ताजे मसालों का उपयोग मिसल में करने का निर्णय लिया. आज दत्त मिसल पूरे राज्य में पहली मिसल है जो ताजे मसालों का उपयोग करके बनाई जाती है. आज इस मिसल की शाखाएं पुणे, सोलापुर, कोल्हापुर, इस्लामपुर, सांगली, वारणा, कोडोली में हैं और यहां इसे बहुत अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है.
स्वच्छता का रखा जाता है ध्यान
दत्त मिसल की अब तक लगभग ग्यारह फ्रेंचाइजी सेवाओं में हैं, लेकिन बढ़ती प्रतिक्रिया और भीड़ के कारण वे स्वच्छता या खाने की गुणवत्ता पर कभी समझौता नहीं करते. ये दोनों दोस्त खुद हर हफ्ते या पंद्रह दिनों में इन 11 जगहों पर जाते हैं. और उनकी स्वच्छता और खाने की गुणवत्ता पर ध्यान देते हैं. इसके साथ ही जिन्हें वे फ्रेंचाइजी देते हैं उन्हें 15 से 20 दिनों का प्रशिक्षण दिया जाता है. साथ ही स्वच्छता, गुणवत्ता और हाइजीन का महत्व समझाया जाता है.
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दत्त की स्पेशल डिशेस
आकाश और शिवम ने शुरू की हुई यह दत्त मिसल उनकी यूनिक मिसल के कारण बहुत कम समय में प्रसिद्ध हो गई. उनके पास विभिन्न प्रकार की मिसल की डिशेस हैं. जैसे मटका दम मिसल, पनीर मिसल, मिसल थाली, चीज मिसल, दत्त स्पेशल मिसल आदि. दत्त मिसल की शाखाएं पुणे, सोलापुर, वारणा, कोडोली, इस्लामपुर, सांगली और कोल्हापुर में उपलब्ध हैं. शुरुआत में किनी टोल नाका इलाके में शुरू हुई इस मिसल का 80 से 100 प्लेट का खपत होती थी, लेकिन अब यह खपत लगभग 3 से साढ़े तीन हजार प्लेट तक पहुंच गई है.
March 17, 2025, 23:49 IST
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https://hindi.news18.com/news/lifestyle/recipe-datt-missal-kolhapur-special-unique-taste-with-fresh-masala-expanding-across-maharashtra-sa-local18-9108083.html
