Gulgul Bhajiya Recipe: छत्तीसगढ़ खानपान और अपनी पारंपरिक रहन सहन के लिए जाना जाता है. वहीं, छत्तीसगढ़ की रसोई में कई ऐसे व्यंजन बनते हैं जो अनोखे स्वाद के कारण पसंद किए जाते हैं, इन्हीं में से एक है गुलगुल भजिया, जिसे आमतौर पर त्योहारों, पारिवारिक कार्यक्रमों या जब भी अचानक मीठा खाने का मन करे, तुरंत बनाकर खाया जाता है. इसका स्वाद इतना लाजवाब होता है कि बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक इसे बड़े चाव से खाते हैं. आइए जानते हैं छत्तीसगढ़ की पारंपरिक गुलगुल भजिया बनाने की आसान और स्वादिष्ट विधि.
गुलगुल भजिया बनाने के लिए सबसे पहले जरूरी सामान तैयार कर लें-
गेहूं का आटा
गुड़ या शक्कर (आप किसी भी मीठे से बना सकते हैं)
सौंफ
इलायची पाउडर
खाने का सोडा
तलने के लिए तेल
गुलगुल भजिया बनाने की विधि
• अगर गुड़ से बना रहे है तो सबसे पहले गुड़ को छोटे–छोटे टुकड़ों में तोड़कर पानी में घोल लें, ताकि मीठा पानी तैयार हो जाए.
• उसके बाद एक बड़े बर्तन में गेहूं का आटा लें, उसमें सौंफ और इलायची पाउडर मिलाएं, सौंफ की खुशबू गुलगुल भजिया के स्वाद को दोगुना कर देती है. अब गुड़ के मीठे पानी को थोड़ा-थोड़ा डालते हुए आटे को अच्छी तरह मिलाएं और घोल तैयार करें. घोल न बहुत गाढ़ा होना चाहिए, न बहुत पतला. अब इसमें एक चुटकी खाने का सोडा डालकर फिर से अच्छे से मिक्स कर लें.
• अब भजिया तलने के लिए गैस ऑन करें और कड़ाही में हल्की आंच पर तेल गरम होने दें, जब तेल गरम हो जाए, तो हाथों की सहायता से गोल-गोल छोटे गुलगुले बनाते हुए घोल को तेल में डालें, इन्हें 4 – 5 मिनट तक धीमी आंच पर तलें, जब तक ये सुनहरे लाल न हो जाएं, फिर झारे (छन्नी) की मदद से इन्हें निकालकर प्लेट में रख लें.
• आपका पारंपरिक छत्तीसगढ़ी गुलगुल भजिया बनकर तैयार है, इसे परिवार, दोस्तों या मेहमानों को परोसें, तेल से निकलते ही गुलगुल भजिया हल्के-फुल्के कुरकुरे और गुड़ की वजह से एकदम गुलाब जामुन जैसे लाल दिखाई देते हैं, गर्म-गर्म खाने में इनका स्वाद बहुत ही अच्छा लगता है, लेकिन इसकी खासियत यह है कि ठंडा होने पर यह और भी ज्यादा स्वादिष्ट लगते हैं, इसलिए बहुत लोग इसे पूरी तरह ठंडा होने के बाद ही खाते हैं.
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