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किचन का एक विशेष मसाला , जिसे जावित्री (Mace) कहते है. यह दिखने में भले ही नाजुक हो, लेकिन इसके फायदे हैरान करने वाले हैं. यह जायफल का बाहरी आवरण है, जो भारतीय खानपान के साथ आयुर्वेद का महत्हैत्वपूर्ण हिस्सा है. जावित्री एंटीऑक्सीडेंट्स, विटामिन और मिनरल्स से भरपूर होती हैं, जो सेहत को भीतर से मजबूत बनाने में रामबाण हैं.

अगर आपको भी गैस, एसिडिटी, पेट फूलना या कब्ज जैसी समस्याएं परेशान कर रही है, तो जावित्री राहत की सांस दिला सकती है. यह पाचन तंत्र को सक्रिय कर भूख बढ़ाती है और मतली-उल्टी में भी कारगर मानी जाती है. इसके अलावा, आंतों में जो हानिकारक कीड़ों और संक्रमण मौजूद होते हैं, उनसे लड़ने में भी यह मददगार साबित होती है.

जावित्री शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाकर ढाल बनने का काम करती है. यह बदलते मौसम में होने वाली सर्दी-खांसी, जुकाम और बुखार से बचाव करती है. इसके एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-फंगल गुण यीस्ट और बैक्टीरिया से होने वाले संक्रमणों से भी निजात दिलाने में बेहद लाभकारी है.

हृदय स्वास्थ्य के लिए जावित्री किसी टॉनिक से कम नहीं है. यह रक्त संचार को बेहतर बनाकर दिल को स्वस्थ रखने में भी मदद करती है. इसमें पोटेशियम और मैग्नीशियम पाए जाते हैं, जो ब्लड प्रेशर को संतुलित रखने में सहायक माने जाते हैं. इसके सही प्रयोग से हृदय पर अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ता और ऊर्जा बनी रहती है.
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राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय नगर बलिया की फेमस आयुर्वेदाचार्य डॉ. वंदना तिवारी के अनुसार, आज के भागदौड़ की जिंदगी में तनाव और अनिद्रा आम समस्या बन गई है. जावित्री मानसिक शांति देने में मदद करती है और चिंता-अवसाद को कम करने में भी सहायक है. इसका हल्का-सा सेवन दिमाग को रिलैक्स कर गहरी और सुकून भरी नींद देने में सहायता प्रदान कर सकती है.

जावित्री में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो जोड़ों के दर्द और गठिया जैसी समस्याओं में राहत दिला सकते हैं. सूजन कम करने की इसकी क्षमता शरीर को आराम पहुंचाती है. यहीं नहीं, कभी-कभार होने वाले सिरदर्द में भी जावित्री का इस्तेमाल लाभकारी होता है, खासकर जब दर्द तनाव से संबंधित हो.

जावित्री त्वचा की खूबसूरती के लिए भी कमाल की औषधीय मसाला है. यह दाग-धब्बे, मुंहासे और टैनिंग को कम करने में भी मददगार है. यह शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालकर त्वचा को अंदर से साफ करती है, जिससे चेहरे पर प्राकृतिक चमक और ताजगी नजर आने लगती है.

जावित्री को पुरुषों में शक्ति बढ़ाने के लिए बाहरी रूप से उपयोग किया जाता है, लेकिन विशेषज्ञ सलाह जरूरी है. कुछ शोध इसे पेट के कैंसर से बचाव और मस्तिष्क की सक्रियता बढ़ाने से भी जोड़ते हैं. हालांकि, अधिक मात्रा नुकसानदायक हो सकती है, इसलिए संयम, समझदारी और आयुर्वेदिक चिकित्सक से परामर्श लेकर ही इसका सेवन करना उचित होता हैं.
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https://hindi.news18.com/photogallery/lifestyle/recipe-mace-javithri-no-less-than-sanjivani-keeps-entire-body-including-stomach-heart-in-good-shape-know-benefits-local18-ws-kl-10099303.html

















