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Animal Health Tips: गर्मी में दुधारू पशुओं की देखभाल बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है. इस दौरान कुछ बातों का ध्यान रखके दूध उत्पादन को बढ़ाया जा सकता है.
बहुत ज्यादा गर्मी दुधारू पशुओं को भी कर सकती है बीमार, इन तरीकों से रखें ख्याल.
हाइलाइट्स
- गर्मी में पशुओं को दिन में 2-3 बार नहलाएं या ठंडे पानी का छिड़काव करें.
- पशुओं को हवादार और साफ स्थान पर रखें, पंखे या कूलर का उपयोग करें.
- गर्मी में दुधारू पशुओं को हरा चारा अधिक खिलाएं और पर्याप्त पानी दें.
रीवा. भयंकर गर्मी और उसमें चलने वाली गर्म हवाएं सिर्फ मनुष्यों के लिए ही खतरनाक नहीं, बल्कि इससे जानवर और पशु-पक्षी भी बीमार पड़ सकते हैं. घर के अंदर रहने वाले पेट्स फिर भी कुछ हद तक सुरक्षित हैं, लेकिन घर के बाहर रहने वाले जानवरों का क्या. अत्यधिक गर्मी के चलते उनका भी पाचन तंत्र खराब हो सकता है और इसका असर दूध उत्पादन पर भी देखने को मिल सकता है. भारत में दुधारू पशुओं की लिस्ट में गाय, भैंस, भेंड बकरी शामिल हैं, जिन्हें बड़े स्तर पर यहां पाला जाता है.
बदलते मौसम के साथ इन्हें भी एक्स्ट्रा देखरेख की जरूरत होती है. समय-समय पर चारा देना, साफ-सफाई करना, दुहना और घुमाना बेसिक केयर है, लेकिन गर्मियों में कुछ और भी चीजों को इसमें शामिल करना होगा. आइए जान लेते हैं इस बारे में बता रहे हैं, रीवा के विटनरी काॅलेज के प्रोफेसर और हेड डाॅक्टर ऐके मिश्रा.
दो से तीन बार नहलाएं
बढ़ती गर्मी में उनके शरीर को ठंडा रखने के लिए दिन में दो से तीन बार नहलाएं या फिर ठंडे पानी का छिड़काव भी कर सकते हैं. इससे उनकी प्रजजन क्षमता और दुग्ध उत्पादन क्षमता बढ़ती है.
साफ व हवादार स्थान पर रखें
पशुओं के रहने की जगह साफ व हवादार होनी चाहिए. अगर उनके रहने वाली जगह ऊपर से खुली हुई है, तो गर्मियों में ऊपर से घास-फूस की मोटी छप्पर डाल दें. इससे उस जगह का तापमान ठंडा बना रहता है. खिड़की व दरवाजों पर बोरी या टाट टांग दें और उस पर समय-समय पर पानी का छिड़काव करते रहें. पॉसिबल हो तो वहां पंखे या कूलर भी लगा दें. खासकर रात के समय खुले बाडे रखें.
हरा चारा जरूर खिलायें
गर्मी में दुधारू पशुओं को हरा चारा ज्यादा से ज्यादा खिलाएं. गर्मी में पशु सूखा चारा कम खाते हैं क्योंकि इसे पचाने में उनके शरीर को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है. ऐसे में बेहतर होगा उनके आहार में हरे चारे की मात्रा ज्यादा हो. इसके साथ ही उन्हें पीने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी दें. दिन में कम से कम तीन से चार बार पानी पिलाएं. किसान भाई चरी को काटकर खिला सकते हैं.
पशु के सानी(खाना) का समय निर्धारित करें
अपने दुधारू पशु के खाने का समय जरूर निर्धारित करें किसान भाई सुबह की सानी यानि खाना सूर्योदय से पहले दें और शाम की सानी रात को दें. जिससे पशु रात को आराम से भोजन पचा सके.
ठंडी जलवायु दुधारू पशुओं के लिए मानवीय है. अगर जानवर लगातार धूप के संपर्क में रहता है तो उसका स्वास्थ्य प्रभावित होता है. तापमान बढ़ने से शरीर का तापमान बढ़ता है. आमतौर पर गर्मियों के दौरान हरे चारे की कमी के साथ-साथ भैंसों में गर्मी के प्रति कम प्रतिरोध के कारण पशुओं के दूध उत्पादन में कमी आती है. भैंसें दिन में कम चरती हैं और शाम को अधिक चरती हैं, और बढ़ती गर्मी के साथ पशुओं में रोग की घटनाएं बढ़ जाती हैं.
Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Bharat.one किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.
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https://hindi.news18.com/news/lifestyle/health-easy-tips-for-taking-care-of-dairy-animals-in-summer-season-like-cow-and-buffalo-to-increase-milk-production-local18-9132670.html
