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वजन घटाना है? डॉक्टर ने बताया इस चीज को भरपूर खाएं, मोटापा के खिलाफ सुरक्षा कवच बन जाएगा


Weight Loss Secret: रात भर जब हम भूखे रहते हैं तो सुबह उठते ही हमें जोर से भूख लगती है. हम छटपटाने लगते हैं. इस कारण सुबह उठते ही हम खाने पर टूट पड़ते हैं. इसमें कोई संदेह नहीं कि सुबह का नाश्ता हमारे बॉडी को पूरे दिन के लिए सेट करता है लेकिन अक्सर हम इसमें गलती कर देते हैं. हम सुबह में कुछ भी खा लेते हैं, पौष्टिकता पर जोर नहीं देते. इस कारण हमारा वजन बढ़ जाता है और पेट की समस्या होने लगती है. प्रसिद्ध एंडोक्राइनोलॉजिस्ट डॉ. एलेसिया रोएनल्ट कहती हैं कि अगर आपको वजन कम करना है तो सुबह के नाश्ते को कम मत कीजिए बल्कि उसमें प्रोटीन से भरी चीजों को शामिल कीजिए. ऐसा करेंगे तो आपका वजन और पेट दोनों कम होगा. आइए इसके कारण बताते हैं.

सुबह प्रोटीन ज्यादा क्यों है जरूरी
डॉ. एलेसिया रोएनल्ट कहती हैं कि जब आप सुबह में पर्याप्त प्रोटीन लेते हैं, तो यह न केवल आपकी बेवजह की भूख को शांत करता है, बल्कि आपको दिन भर बेहतर फूड चॉइसेज लेने के लिए मानसिक रूप से तैयार भी करता है. प्रोटीन को पचने में टाइम लगता है. इस कारण पेट में भूख लगने वाले हार्मोन घ्रेलिन को कम करता है संतुष्टि वाले हार्मोन लेप्टिन को बढ़ाता है. इस कारण भूख न के बराबर लगती है. यही कारण है जब आप सुबह-सुबह प्रोटीन वाली पौष्टिक चीजों का ज्यादा सेवन करेंगे तो आपको भरपूर एनर्जी भी मिलेगी और भूख भी कम लगेगी. जो लोग कैलोरी डेफिसिट डाइट लेते हैं उनके लिए प्रोटीन एक सुरक्षा कवच की तरह काम करता है.

अनाज बनाम अंडे: विज्ञान क्या कहता है
अक्सर हमारे नाश्ते की प्लेट में कार्बोहाइड्रेट का दबदबा होता है. चाहे वह पराठा हो, टोस्ट, रोटी-सब्जी या ओटमील. लेकिन शोध और डॉ. रोएनल्ट के सुझाव एक अलग कहानी बयां करते हैं. रिसर्च के अनुसार, जो लोग सुबह अनाज के बजाय अंडों का सेवन करते हैं, वे अगले 36 घंटों तक काफी कम कैलोरी का सेवन करते हैं. अंडे शरीर में ‘सैटाइटी’ (तृप्ति) की भावना को बढ़ाते हैं. यह सरल सा बदलाव न केवल आपको दोपहर के भोजन तक ऊर्जावान रखता है, बल्कि शरीर के जिद्दी फैट को कम करने में भी मदद करता है. कार्बोहाइड्रेट आधारित नाश्ता इंसुलिन स्पाइक का कारण बन सकता है, जिससे कुछ ही घंटों बाद फिर से भूख लगने लगती है, जबकि प्रोटीन आधारित नाश्ता आपके शुगर लेवल को स्थिर रखता है.

30 ग्राम’ का जादुई आंकड़ा और इसकी चुनौती
डॉ. रोएनल्ट सलाह देती हैं कि एक आदर्श ब्रेकफास्ट में लगभग 30 ग्राम प्रोटीन होना चाहिए. यह वह मात्रा है जो मांसपेशियों के रखरखाव और मेटाबॉलिज्म को सक्रिय करने के लिए पर्याप्त मानी जाती है. हालांकि, इसे केवल एक ही स्रोत से प्राप्त नहीं करना चाहिए. मसलन अगर अंडे से प्रोटीन मिलता है तो इतने अंडे ही न खा लें. करीब 5 अंडे से आपको 30 ग्राम प्रोटीन मिलेगा. डॉ. रोएनल्ट कहती हैं, अंडे बेहतरीन हैं, लेकिन रोज पांच अंडे खाना हर किसी के लिए प्रैक्टिकल नहीं है. इससे कुछ नुकसान ही हो सकता है. ऐसे में अलग-अलग प्रोटीन के स्रोतों का सेवन करना चाहिए.

प्लेट को कैसे सजाएं
प्रोटीन के लक्ष्य को पूरा करने के लिए केवल अंडों पर निर्भर रहने के बजाय, अपनी प्लेट में अलग-अलग खाद्य पदार्थों का मिश्रण करें. डॉ. रोएनल्ट के अनुसार, एक संतुलित ‘पावर ब्रेकफास्ट’ कुछ ऐसा दिख सकता है. जैसे कॉम्बो पैक में दो अंडों के साथ एक कप ग्रीक या आइसलैंडिक योगर्ट परफेक्ट होगा. उसी तरह एक कप पनीर (कॉटेज चीज) प्रोटीन का एक शानदार स्रोत है. अगर आप नॉन-वेजिटेरियन हैं तो आप सीफूड, लीन मीट या पोल्ट्री (जैसे चिकन ब्रेस्ट के स्लाइस) को भी शामिल कर सकते हैं. इस तरह के मिश्रण से न केवल आपको आवश्यक 30 ग्राम प्रोटीन मिलता है, बल्कि आपके शरीर को अलग-अलग प्रकार के अमीनो एसिड्स भी प्राप्त होते हैं.

फाइबर भी जरूरी
प्रोटीन राजा है, तो फाइबर उसका वफादार सेनापति. डॉ. रोएनल्ट का मानना है कि केवल प्रोटीन ही काफी नहीं है, इसके साथ सब्जियों (फाइबर) को जोड़ना सोने पर सुहागा जैसा है. ब्रेकफास्ट में सब्जियां शामिल करने से भोजन का आयतन (Volume) बढ़ जाता है, जिससे पेट भरा हुआ महसूस होता है और पाचन धीमा होता है. फाइबर ब्लड शुगर के स्तर को अचानक बढ़ने से रोकता है, जिससे एनर्जी क्रैश (दोपहर में होने वाली थकान) की समस्या नहीं होती. संक्षेप में, ‘प्रोटीन + फाइबर’ का फॉर्मूला वजन घटाने के सफर को न केवल आसान बनाता है बल्कि इसे टिकाऊ भी बनाता है. जैसा कि एंडोक्रिनोलॉजिस्ट कहती हैं अपने शरीर को सही ईंधन दें, और आपका शरीर इसके बदले में आपको बेहतर स्वास्थ्य और ऊर्जा देकर धन्यवाद देगा.


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https://hindi.news18.com/news/lifestyle/health-endocrinologist-explains-weight-loss-secret-this-superfood-shield-against-obesity-and-belly-fat-10238467.html

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