मार्च का महीना शुरू होते ही मौसम ने करवट ले ली है. सुबह-शाम हल्की ठंड का एहसास हो रहा है तो दोपहर में तेज धूप लोगों को गर्मी का संकेत दे रही है, ऐसे में इस बार होली भी मार्च के शुरुआती दिनों में पड़ रही है. बदलते मौसम के इस दौर में जहां बाजार रंग-गुलाल और मिठाइयों से सजे हैं, वहीं ठंडी चीजों का सेवन उनके लिए हानिकारक भी हो सकता है.
बता दें कि होली का नाम आते ही लोगों के मन में ठंडई, आइसक्रीम और फ्रिज के ठंडे पानी, कोल्ड्रिंक्स की तस्वीर उभरने लगती है, कई लोग तो होली से पहले ही कोल्ड ड्रिंक और ठंडी चीजों का सेवन शुरू कर देते हैं, लेकिन यह लापरवाही सेहत पर भारी पड़ सकती है. अस्पतालों में इन दिनों गले के संक्रमण, सर्दी-खांसी और बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है.और लगातार डॉक्टर इसका सेवन न करने की लोगों को सलाह भी दे रहे है.
डॉक्टर ने दी जानकारी
वहीं मानिकपुर सीएचसी में तैनात डॉक्टर सत्येंद्र कुमार ने Bharat.one से बातचीत में बताया कि यह मौसम सबसे संवेदनशील होता है, न पूरी तरह ठंड गई है और न ही पूरी तरह गर्मी आई है. ऐसे में शरीर का तापमान संतुलित रखना जरूरी है,अगर इस समय ज्यादा ठंडी चीजों का सेवन किया जाए तो गले में इंफेक्शन, वायरल फीवर और टॉन्सिल जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ सकती हैं.होली का त्योहार रंगों और उमंग का प्रतीक है, लेकिन इसमें लापरवाही बिल्कुल नहीं बरतनी चाहिए.
सिर्फ खानपान ही नहीं, रंगों को लेकर भी सावधानी जरूरी
उन्होंने आगे की जानकारी में बताया कि कोल्ड ड्रिंक, फ्रिज का पानी और आइसक्रीम का सेवन कम से कम करें. साथ ही बीच-बीच में गुनगुने पानी से गरारा करते रहें, ताकि गला सही रहें. वर्तमान समय में अस्पताल में सबसे ज्यादा मरीज, गले के संक्रमण से जुड़ी समस्याओं के आ रहे हैं.
सिर्फ खानपान ही नहीं, रंगों को लेकर भी सावधानी जरूरी है, बाजारों में सस्ते और केमिकलयुक्त आर्टिफिशियल रंगों की भरमार है. उन्होंने लोगों को चेतावनी दी है कि ऐसे रंग त्वचा पर एलर्जी, आंखों में जलन और संक्रमण का कारण बन सकते हैं,कई बार लंबे समय तक इनके इस्तेमाल से गंभीर बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है. उन्होंने सलाह दी कि होली खेलते समय केवल हर्बल और प्राकृतिक रंगों का उपयोग करें.
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https://hindi.news18.com/news/lifestyle/health-health-tips-for-holi-choose-herbal-colors-and-avoid-icy-drinks-10237811.html
