दिखने वाला है ब्लड मून, यहां देखें भोपाल, इंदौर में कब खत्म होगा चंद्र ग्रहण
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Chandra Grahan Timing in MP: ज्योतिषियों की मानें तो 3 मार्च को दिखने वाला चंद्र ग्रहण एकदम लाल दिखेगा, जिसे ब्लड मून के नाम से भी जाना जाता है. यहां आप जानेंगे भोपाल, इंदौर, उज्जैन व जबलपुर ग्रहण लगने का समय क्या रहेगा.
इस वर्ष फाल्गुन मास की पूर्णिमा का दिन विशेष महत्व लेकर आ रहा है. वजह यह है कि इसी तिथि पर वर्ष 2026 का पहला चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है. यह दुर्लभ खगोलीय घटना केवल विज्ञान की दृष्टि से ही नहीं, बल्कि धार्मिक मान्यताओं और ज्योतिषीय प्रभावों के कारण भी अत्यंत शुभ-अशुभ संकेतों से जुड़ी मानी जा रही है.
इस वर्ष रंगों के पर्व होली पर एक अनोखा संयोग बनने जा रहा है.इसी दिन साल का पहला चंद्र ग्रहण लगने वाला है, जो 3 मार्च को पड़ेगा और भारत में भी स्पष्ट रूप से देखा जा सकेगा. इस विशेष खगोलीय घटना के दौरान चंद्रमा पूरी तरह से लालिमा में डूबा नजर आएगा. चांद का यह रूप “ब्लड मून” कहलाता है, जिसे विज्ञान, धर्म और ज्योतिष तीनों ही दृष्टियों से बेहद खास माना जा रहा है.
यह चंद्र ग्रहण भारत में स्पष्ट रूप से दिखाई देगा, इसलिए इसका सूतक काल भी पूरी तरह मान्य रहेगा. शास्त्रों और धार्मिक परंपराओं के अनुसार ग्रहण व सूतक अवधि में किसी भी प्रकार के शुभ, मांगलिक या नए कार्य वर्जित माने गए हैं. मान्यता है कि इस समय वातावरण में नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ जाता है, जिससे नए प्रोजेक्ट, महत्वपूर्ण निर्णय या शुभ कार्य शुरू करना उचित नहीं होता. इस दौरान संयम, जप और साधना को श्रेष्ठ माना गया है.
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ऐसे में आइए जानते हैं कि भारत में चंद्र ग्रहण कब लगेगा, सूतक काल कब शुरू होगा और मध्य प्रदेश के भोपाल, इंदौर, उज्जैन व ग्वालियर में कब से कब तक चंद्रग्रहण लगेगा. आइए जानते है, अपने शहर की टाइमिंग.
साल का पहला चंद्र ग्रहण 3 मार्च को दोपहर को 3 बजकर 20 मिनट से शुरू होगा और 6 बजकर 47 मिनट तक रहेगा. बता दें, कि सूतक काल ग्रहण लगने से 9 घंटे पहले शुरू हो जाता है और ऐसे में 3 मार्च को सूतक काल सुबह 6 बजकर 20 मिनट से शुरू होगा. मध्य प्रदेश में चंद्रोदय शाम 6:20 से 6:30 बजे के बीच होता, इसलिए शाम 6:30 बजे से शाम 6:47 बजे तक आंशिक ब्लड मून दिखेगा. चंद्र ग्रहण की अवधि लगभग 3 घंटे 27 मिनट की रहेगी.
चंद्र ग्रहण के अगर समय की बाट करे तो, भोपाल में लोग शाम 6 बजकर 21 मिनिट के लगभग से चंद्र ग्रहण देख पाएंगे, जबकि इंदौर में यह शाम 6 बजकर 35 मिनिट लगभग पट दिखेगा. उज्जैन और जबलपुर में भी यह शाम 6:30 बजे के आसपास लगेगा. सूतक सुबह 6:20 बजे शुरू होगा. इस दौरान मंदिर बंद रहेंगे और पूजा-पाठ टाले जा सकते हैं.
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ग्रहण से नौ घंटे पूर्व सूतक काल प्रभावी हो जाता है. इसी कारण 3 मार्च की सुबह 6:20 बजे से सूतक काल आरंभ होगा. इस अवधि में पूजा-पाठ, मूर्तियों का स्पर्श, भोजन बनाना और भोजन करना वर्जित माना गया है.
वैसे तो भगवान की पूजा आरधना किसी भी समय कर सकते है. लेकिन इस बार साल के पहले ग्रहण भारत में दिखाई देगा, इस दौरान हर शुभ कार्य के साथ भगवान की भी पूजा नहीं की जाएगी. इसलिए धार्मिक उपायों को करने से नकारात्मक प्रभावों से बचा जा सकता है, जैसे कि इस दौरान ईष्टदेव के मंत्रों का जाप करें, खासकर चंद्र मंत्रों का उच्चारण करें. मंत्रों का जाप सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है.
