Last Updated:
छत्तीसगढ़ में जिमी कांदा एक लोकप्रिय और पौष्टिक कंदमूल है, जो शाकाहारी होते हुए भी नॉनवेज जैसा स्वाद देता है. इसमें कार्बोहाइड्रेट, फाइबर, प्रोटीन, विटामिन और मिनरल्स प्रचुर मात्रा में होते हैं.
छत्तीसगढ़ का पारंपरिक सुपरफूड ‘ जिमी कांदा ‘ जानिए खास रेसिपी!
हाइलाइट्स
- जिमी कांदा छत्तीसगढ़ का पारंपरिक सुपरफूड है.
- यह शाकाहारी होते हुए भी नॉनवेज जैसा स्वाद देता है.
- इसमें कार्बोहाइड्रेट, फाइबर, प्रोटीन, विटामिन और मिनरल्स होते हैं.
बिलासपुर: छत्तीसगढ़ और अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में जिमी कांदा (याम या सूरन) न केवल अपने अनोखे स्वाद बल्कि अपने अद्भुत पोषण मूल्य के कारण भी प्रसिद्ध है. यह एक ऐसा कंदमूल है, जो वेजिटेरियन होने के बावजूद मछली जैसी स्वादिष्टता प्रदान करता है. इसे विभिन्न प्रकार से पकाया जाता है, जिसमें तलने, मसालेदार ग्रेवी में पकाने और दही के साथ बनाने जैसी विधियां शामिल हैं. यह केवल स्वाद में ही नहीं, बल्कि सेहत के लिए भी फायदेमंद है, क्योंकि इसमें भरपूर मात्रा में कार्बोहाइड्रेट, फाइबर, प्रोटीन, विटामिन और मिनरल्स पाए जाते हैं. आइए जानते हैं जिमी कांदा के लाभ, इसे बनाने की विधि और इसकी खासियतें.
छत्तीसगढ़ में जिमी कांदा एक पारंपरिक और लोकप्रिय भोजन है, जिसे अलग-अलग तरीकों से बनाया जाता है. खासकर यह उन लोगों के लिए बेहतरीन विकल्प है, जो शाकाहारी होते हुए भी नॉनवेज जैसा स्वाद चाहते हैं. इसे तलने के बाद मसालेदार ग्रेवी में पकाया जाता है, जिससे इसका स्वाद और भी निखर जाता है. कई जगह इसे दही के साथ भी पकाया जाता है, जिससे यह अधिक मलाईदार और लजीज बन जाता है.
जिमी कांदा बनाने की विधि: एक स्वादिष्ट व्यंजन
कंद को सुखाना और तलना
जिमी कांदा को पहले काटकर अच्छी तरह सुखा लिया जाता है. फिर इसे गर्म पानी से धोकर या सरसों के तेल में तलकर रखा जाता है.
मसालेदार ग्रेवी तैयार करना
एक कड़ाही में तेल गर्म कर उसमें जीरा और मेथी डाली जाती है. फिर इसमें प्याज, लहसुन और अदरक का पेस्ट डालकर भूनते हैं जब तक मसाले अच्छी तरह पक न जाएं.
ग्रेवी में तला हुआ जिमी कांदा डालना
तले हुए जिमी कांदा को इस भुने हुए मसाले में डालकर अच्छे से पकाया जाता है. लगभग आधे घंटे तक धीमी आंच पर पकाने के बाद हल्का पानी मिलाया जाता है.
स्वादिष्ट और पौष्टिक व्यंजन तैयार
पकने के बाद यह व्यंजन स्वाद में मछली जैसा लगता है, जिससे यह शाकाहारी लोगों के लिए एक अलग अनुभव प्रदान करता है. इसे चावल या रोटी के साथ परोसा जाता है, जो खाने में बेहद स्वादिष्ट होता है.
जिमी कांदा: पोषण से भरपूर ऊर्जा का स्रोत
जिमी कांदा केवल स्वाद में ही नहीं, बल्कि पोषण में भी एक सुपरफूड है. इसमें प्रचुर मात्रा में कार्बोहाइड्रेट और फाइबर होते हैं, जो शरीर को ऊर्जा प्रदान करते हैं और पाचन को बेहतर बनाते हैं. इसमें मौजूद प्रोटीन मांसपेशियों को मजबूत करता है, जबकि विटामिन C और B6 इम्यूनिटी और तंत्रिका तंत्र को बेहतर बनाते हैं. इसके अलावा, पोटेशियम, कैल्शियम, मैग्नीशियम और आयरन जैसे खनिज हृदय, हड्डियों और रक्त संचार के लिए अत्यंत लाभदायक होते हैं. इसके एंटीऑक्सीडेंट गुण शरीर में सूजन को कम करते हैं और इसे एक हेल्दी आहार बनाते हैं.
जिमी कांदा न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि अन्य राज्यों में भी धीरे-धीरे लोकप्रिय हो रहा है. यह एक स्वादिष्ट और पौष्टिक विकल्प है, जिसे विभिन्न प्रकार से पकाया जा सकता है. यदि आप वेज में नॉनवेज जैसा स्वाद चाहते हैं या हेल्दी डाइट का हिस्सा बनाना चाहते हैं, तो जिमी कांदा आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है. इसे अपने भोजन में शामिल करें और इसके अद्भुत स्वाद और सेहतमंद लाभों का आनंद लें!
Bilaspur,Bilaspur,Chhattisgarh
March 16, 2025, 11:25 IST
Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Bharat.one किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
https://hindi.news18.com/news/lifestyle/health-benefits-eating-jimmy-kanda-is-a-traditional-superfood-of-chhattisgarh-which-tastes-like-fish-and-is-excellent-in-health-local18-9103666.html
