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Best Morning Wake Up Time: हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार सुबह 4:30 से 6 बजे के बीच उठना शरीर और दिमाग के लिए सबसे फायदेमंद माना जाता है. इस समय उठने से एनर्जी बढ़ती है, तनाव कम होता है और एकाग्रता में सुधार होता है. इसके उलट देर तक सोने से सर्केडियन रिदम बिगड़ती है. इससे थकान, चिड़चिड़ापन और पाचन संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं. सही नींद, समय पर जागना और नियमित दिनचर्या अपनाने से सेहत में काफी सुधार हो सकता है.
Early Rising Health Benefits: सुबह सही वक्त पर उठा जाए, तो लोग तरोताजा महसूस करते हैं. कई लोग दोपहर तक सोते रहते हैं और उसका असर उनकी सेहत पर देखने को मिलता है. हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो सही समय पर सोना-जागना सेहत के लिए बेहद जरूरी है. इसमें किसी भी तरह का फेरबदल करने से शरीर की नेचुरल क्लॉक यानी सर्केडियन रिदम बिगड़ जाती है. इसका सेहत पर बुरा असर पड़ता है और कई तरह की बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है. ऐसे में अक्सर सवाल उठता है कि सुबह कितने बजे उठना सेहत के लिए ठीक रहता है? चलिए इस बारे में जरूरी बातें जान लेते हैं.
आयुर्वेद एक्सपर्ट्स की मानें तो सुबह 4:30 बजे से 6:00 बजे के बीच उठना स्वास्थ्य के लिए सबसे लाभदायक माना जाता है. योग और आयुर्वेद इस समय को ब्रह्म मुहूर्त कहते हैं, जो दिमाग को शांत, क्रिएटिव और एकाग्र बनाता है. इस वक्त वातावरण में ऑक्सीजन की मात्रा ज्यादा होती है, जिससे ताजा हवा शरीर और दिमाग को एक्स्ट्रा एनर्जी देती है. जो लोग इस समय उठते हैं, वे बाकी लोगों की तुलना में ज्यादा एक्टिव और स्वस्थ पाए जाते हैं. सुबह जल्दी उठने से मेटाबॉलिज्म तेज होता है, जिससे पाचन और वजन नियंत्रण में मदद मिलती है. जल्दी उठने वाले लोगों में तनाव कम, नींद बेहतर और एकाग्रता ज्यादा पाई जाती है. दिनभर ऊर्जा बनी रहती है और थकान कम महसूस होती है.
अब सवाल है कि सुबह देर तक सोने से क्या नुकसान होते हैं? इस पर एक्सपर्ट्स का कहना है कि सुबह देर तक सोने से शरीर की सर्केडियन रिदम गड़बड़ा जाती है. इसका असर हार्मोन, पाचन और मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ता है. लेट उठने वालों में थकान, चिड़चिड़ापन, सिरदर्द और आलस ज्यादा देखा जाता है. इसके अलावा देर से उठने के कारण नाश्ता देर से या छोड़ा जाता है, जिससे ब्लड शुगर लेवल अस्थिर हो सकता है और शरीर कमजोर महसूस करता है. अगर आप देर से उठते हैं, तो आपकी रात की नींद का पैटर्न बिगड़ जाता है. शरीर को नींद का सबसे अच्छा फायदा तभी मिलता है जब आप नियमित समय पर सोएं और जागें.
स्लीप एक्सपर्ट्स मानते हैं कि सुबह उठने का कोई फिक्स टाइम नहीं होता है, बल्कि 7-8 घंटे की नींद लेने के बाद लोगों को जागना चाहिए. हालांकि रात को 10 से 11 बजे के बीच सोने का टाइम सबसे बेहतर होता है. इस हिसाब से लोगों को 6 से 8 बजे के बीच जागना चाहिए. आयुर्वेद और मॉडर्न साइंस दोनों में सुबह जल्दी उठने और पर्याप्त नींद लेने के फायदे बताए गए हैं. जल्दी उठने के लिए रात में समय पर सोना सबसे जरूरी है. सोने से 1 घंटा पहले मोबाइल और टीवी स्क्रीन से दूरी बनाएं, हल्का भोजन करें और कैफीन से बचें. रात में नींद का एक निश्चित समय तय करें और 7-8 घंटे की नींद जरूर लें. जैसे ही सुबह उठें, तुरंत पानी पिएं और बाहर की ताजा हवा में कुछ मिनट खड़े हों.
(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)

अमित उपाध्याय Bharat.one Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें
अमित उपाध्याय Bharat.one Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्… और पढ़ें
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