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Air Purifier Timing: जहरीली हवा से बचने के लिए दिल्ली-एनसीआर में तमाम लोग एयर प्यूरिफायर का इस्तेमाल कर रहे हैं. कई लोग एयर प्यूरिफायर दिनभर चलाते हैं, तो कुछ लोग सिर्फ रात के वक्त इसका इस्तेमाल करते हैं. अक्सर लोगों का सवाल होता है कि इनडोर पॉल्यूशन से राहत पाने के लिए रोज कितनी देर एयर प्यूरिफायर का इस्तेमाल करना चाहिए. हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो कम पॉल्यूशन वाले दिनों में इसे 8 से 12 घंटे चलाना पर्याप्त है, जबकि ज्यादा प्रदूषण में इसे पूरे दिन चला सकते हैं.
Air Purifier Running Hours: सर्दियां आते ही दिल्ली-एनसीआर की हवा जहरीली हो जाती है और पूरे सीजन इससे लोगों को परेशान होना पड़ता है. कई बार तो एयर पॉल्यूशन इतना ज्यादा बढ़ जाता है कि एयर प्यूरिफायर के बिना सांस लेना भी दुश्वार हो जाता है. जितना प्रदूषण बाहर की हवा में होता है, इनडोर पॉल्यूशन भी उतना ज्यादा होता है. इनडोर टॉक्सिन्स के कारण हमारे घरों की हवा भी सुरक्षित नहीं रह गई है. ऐसे में एयर प्यूरिफायर आज एक जरूरी घरेलू उपकरण बन चुका है. हालांकि इसे लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि इसे दिन में कितने घंटे चलाना चाहिए, ताकि हवा साफ हो सके? चलिए इसी का जवाब जान लेते हैं.
नई दिल्ली के मूलचंद हॉस्पिटल के पूर्व पल्मोनोलॉजिस्ट डॉ. भगवान मंत्री ने Bharat.one को बताया कि घरों के अंदर भी एयर क्वालिटी काफी खराब होती है. इसे साफ रखने के लिए प्यूरिफायर का इस्तेमाल फायदेमंद होता है. अगर घर के अंदर एयर पॉल्यूशन ज्यादा नहीं है, तब एयर प्यूरिफायर को दिन में कम से कम 8 से 12 घंटे चलाना चाहिए. दिल्ली-एनसीआर में इस वक्त पॉल्यूशन बहुत ज्यादा है और इस कंडीशन में प्यूरिफायर को लगातार 24 घंटे चलाना चाहिए. एयर प्यूरिफायर बेहद कम बिजली खर्च करते हैं और लंबे समय तक चलाने के लिए सुरक्षित होते हैं. अगर आप चाहते हैं कि आपके कमरे में PM2.5 का स्तर तेजी से कम हो, तो शुरुआत के कुछ घंटों में इसे हाई स्पीड मोड पर चलाना चाहिए.
एक्सपर्ट्स की मानें तो एयर प्यूरिफायर को कितने समय तक चलाना है, यह बहुत हद तक कवर एरिया और क्लीन एयर डिलीवरी रेट पर निर्भर करता है. छोटे कमरों में 1-2 घंटे में हवा काफी साफ हो जाती है, जबकि बड़े हाल या ड्रॉइंग रूम में एयर प्यूरिफायर को लगातार 6 घंटे या उससे अधिक चलाना पड़ सकता है. अगर आपका प्यूरिफायर रियल टाइम AQI मॉनिटर वाला है, तो आप स्क्रीन पर दिख रहे PM2.5 या PM10 लेवल देखकर टाइम मैनेज कर सकते हैं. आप जरूरत के अनुसार एयर प्यूरिफायर का इस्तेमाल कर सकते हैं.
सुबह और शाम के समय बाहर का प्रदूषण बढ़ता है और घर में घुस सकता है. ऐसी कंडीशन में ज्यादा से ज्यादा एयर प्यूरिफायर चलाएं. खाना बनाते समय भी इस डिवाइस को ऑन कर देना चाहिए, क्योंकि किचन स्मोक और गैस बर्नर की नाइट्रोजन ऑक्साइड हवा को खराब करती है. सोते समय प्यूरिफायर जरूर चलाएं, क्योंकि रात में एयर क्वालिटी का सीधा असर सेहत पर पड़ता है. प्यूरिफायर के साथ कुछ आसान आदतें हवा को और भी साफ रख सकती हैं. घर की नियमित धूल साफ करें. खिड़कियों और दरवाजों में गैप कम करके बाहरी प्रदूषण को आने से रोकें. घर में पेंट, सुगंधित स्प्रे और केमिकल क्लीनर का कम उपयोग करें. किचन और बाथरूम में एग्जॉस्ट फैन चलाएं.
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अमित उपाध्याय Bharat.one Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें
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https://hindi.news18.com/news/lifestyle/health-delhi-ncr-air-pollution-how-long-should-an-air-purifier-run-to-remove-indoor-pollution-know-ideal-timing-ws-n-9914086.html
