Yoga For Digestion : आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, अनियमित खान-पान और घंटों एक ही जगह बैठकर काम करने की आदत ने हमारे पाचन तंत्र को सुस्त बना दिया है. एसिडिटी, पेट फूलना (Bloating) और गैस जैसी समस्याएं अब आम हो गई हैं. कई बार देर रात का खाना या तनाव भी पेट को बेचैन कर देता है. योग विशेषज्ञ हिमालयन सिद्धा अक्षर के अनुसार, योग न केवल मन को शांत करता है, बल्कि हमारे आंतरिक अंगों की मालिश कर पाचन क्रिया को भी दुरुस्त करता है. नियमित रूप से कुछ खास योगासनों का अभ्यास पेट के अंगों में रक्त संचार बढ़ाता है, जिससे गैस से तुरंत राहत मिलती है.

गैस और कब्ज के लिए 6 असरदार योगासन-
1. अर्ध मत्स्येंद्रआसन (Half Fish Pose)- यह आसन पेट के अंगों को ‘ट्विस्ट’ यानी मरोड़ने में मदद करता है. जिससे पेट के अंग उत्तेजित होते हैं, और फंसी हुई गैस आसानी से बाहर निकल जाती है और रीढ़ की हड्डी भी लचीली बनी रहती है.
2. सेतु बंधासन (Bridge Pose)- यह आसन कोर को मजबूत करने और पाचन मार्ग को सक्रिय करने के लिए बेहतरीन है. इसके अभ्यास से पेट के अंगों की मालिश होती है और पाचन क्षेत्र में रक्त संचार बढ़ाकर गैस और कब्ज से राहत दिलाता है.
3. त्रिकोणासन (Triangle Pose)- खड़े होकर किया जाने वाला यह आसन पूरे शरीर में खिंचाव पैदा करता है. अगर आप निचमित अभ्यास करें तो यह आंतों को सक्रिय करता है और मेटाबॉलिज्म को तेज करता है, जिससे खाना पचाना आसान हो जाता है.
4. उत्तान श्वानासन (Puppy Pose)- यह एक आरामदायक लेकिन खिंचाव वाला अभ्यास है जो पेट की मांसपेशियों को रिलैक्स करता है. योग विशेषज्ञ अक्षर कहते हैं, “यह आसन पेट की मांसपेशियों को आराम देता है और तनाव को कम करता है, जो अक्सर पाचन समस्याओं का मुख्य कारण होता है.”
5. पवनमुक्तासन (Wind-Relieving Pose)- जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है, यह गैस की समस्या के लिए सबसे शक्तिशाली आसन माना जाता है. अगर आपके पेट में गैस की समस्या रहती है और दर्द रहता है तो आप यह अभ्यास करें. यह पेट के निचले हिस्से पर दबाव डालता है, जिससे फंसी हुई हवा आसानी से निकल जाती है और बाउल मूवमेंट बेहतर होता है.
इस तरह अगर आप गैस और एसिडिटी को ठीक करने के लिए दवाइयों का सेवन करते हैं तो बेहतर होगा कि इन नेचुरल तरीकों को अपनाएं और बिना साइड इफेक्ट के फायदा देखें. इन 6 योगासनों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाकर आप न केवल पेट की समस्याओं से बच सकते हैं, बल्कि पूरे दिन हल्का और ऊर्जावान महसूस कर सकते हैं. याद रखें, योग का अभ्यास खाली पेट या खाने के कम से कम 3-4 घंटे बाद ही करें.
(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)
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