Uncategorized कृष्ण की उदासी दूर करने के लिए यहां विराजी राधा,भगवान चिट्ठी से सुनते पुकार By bharat - September 10, 2024 0 5 FacebookXPinterestWhatsApp मंदिर के पंडित गोविंद राव आठले ने Bharat.one से कहा कि यह मंदिर सन 1655 में बनवाया गया था. इसमें मथुरा वृंदावन की तरह की प्रतिमा स्थापित की गई थी. पहले भगवान कृष्ण की प्रतिमा अकेली थी. जिससे उनके चेहरे पर मायूसी देखी गई.