ओम प्रयास / हरिद्वार. हिंदू धर्म में बहुत से धार्मिक ग्रंथ हैं, जिनका अध्ययन करने से ज्ञान की प्राप्ति होती है. मुख्य रूप से हिंदू धर्म में महर्षि वाल्मीकि द्वारा रचित रामायण और श्रीमद् भागवत गीता का अध्ययन करना श्रेष्ठ बताया गया है. भगवत गीता हिंदू धार्मिक ग्रंथो में प्रमुख है. जिसमें कुल 700 श्लोक और 18 अध्याय हैं. श्रीमद् भागवत गीता के हर अध्याय से जीवन के अलग अलग रहस्यों की प्राप्ति होती है. गीता में भक्ति, मोक्ष, युद्ध, पुरुषोत्तम योग, जीवन के सभी रहस्यों, परमात्मा की प्राप्ति, ध्यान योग आदि सभी का विस्तार पूर्वक वर्णन किया गया है. श्रीमद् भागवत गीता में भगवान विष्णु के सर्वगुण संपन्न अवतार श्री कृष्ण द्वारा कही गई बातों का वर्णन मिलता है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार श्रीमद् भागवत गीता का संपूर्ण पाठ करने से जीवन में आए सभी दुख, समस्याओं आदि से छुटकारा मिल जाता है. विद्वानों के अनुसार गीता में जीवन के सभी रहस्यों के बारे में विस्तार से भगवान कृष्ण ने वर्णन किया है. 11 दिसंबर को गीता जयंती है. इस दिन श्रीमद भागवत गीता का पाठ करने का विशेष महत्व होता है, मान्यता है कि ऐसा करने से जीवन से परेशानियां खत्म हो जाती हैं.
हरिद्वार के विद्वान ज्योतिषी पंडित श्रीधर शास्त्री Bharat.one को बताते हैं कि श्रीमद् भागवत गीता हिंदू धर्म का प्रमुख धार्मिक ग्रंथ है. गीता में भगवान कृष्ण द्वारा कही गई बातें लिखी हुई हैं. वह बताते हैं कि भगवान श्री कृष्ण ने द्वापर युग में कुरुक्षेत्र की रणभूमि में पांडवों और कौरवों के बीच युद्ध होने से पहले अर्जुन को गीता के उपदेश दिए थे. जिससे अर्जुन को सांसारिक, भौतिक और जीवन के सभी रहस्यों के बारे में ज्ञान प्राप्त हुआ था. भगवान कृष्ण से उपदेश सुनने के बाद ही अर्जुन को परम ज्ञान की प्राप्ति हुई और मन में चल रही सभी शंकाएं दूर हो गई थी. श्रीमद् भागवत गीता में भक्ति योग, मोक्ष योग, युद्ध, विभूति योग, ज्ञान विज्ञान, राज विद्या रहस्य योग, ब्रह्म योग, भगवान की प्राप्ति, परम ज्ञान, पुरुषोत्तम योग आदि के बारे में विस्तार से बताया गया है.
पंडित श्रीधर शास्त्री बताते हैं कि हिंदू धर्म के प्रमुख धार्मिक ग्रंथ श्रीमद् भागवत गीता का पाठ करने से जहां जीवन के सभी रहस्यों से पर्दा उठ जाता है, वहीं व्यक्ति को परम धाम और परम ज्ञान की प्राप्ति हो जाती है. द्वापर युग में भगवान कृष्ण ने अर्जुन को गीता का उपदेश मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को दिया था. साल 2024 में गीता जयंती 11 दिसंबर को मनाई जाएगी. इस दिन यदि संपूर्ण गीता का पाठ तन मन पवित्र करके किया जाए तो भगवान कृष्ण की विशेष कृपा प्राप्त होती है और जीवन में चल रही सभी समस्याओं, दुखों का अंत हो जाता है. हिंदू धर्म में गीता का पाठ करना सर्वश्रेष्ठ बताया गया हैं.
FIRST PUBLISHED : December 8, 2024, 08:49 IST
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