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दरभंगा में डॉक्टर कुणाल कुमार झा ने बताया कि वास्तु शास्त्र अनुसार नाम और स्थान के वर्ग संख्या से घर चुनना शुभ या अशुभ संकेत देता है, जिससे कलह या खुशहाली तय होती है.
दरभंगा. घर बनाने से पहले जैसा कि लोग वास्तु शास्त्र का विवेचन करते हैं उसका अध्ययन करते हैं ताकि घर में वास्तु दोष न हो और खुशहाली बनी रहे. ठीक उसी प्रकार से वास्तु शास्त्र के मुताबिक नाम के आधार पर भी शहर का चयन किया जाता है. जिससे कि आपके जीवन में या फिर आपके घर में कलह नहीं हो.
तो यदि आप भी घर बनाने की सोच रहे हैं तो नाम के आधार पर आप गांव या फिर शहर या मोहल्लों का चयन कर सकते हैं. इसमें ऐसा भी कर सकते हैं कि परिवार के जिस व्यक्ति के नाम से उसे मोहल्ले में शुभ संकेत मिल रहे हैं उसके नाम से आप वहां जमीन की खरीदारी कर वास्तु दोष से मुक्त हो सकते हैं.
किस हिसाब से की जाती है गणना
इस पर विस्तृत जानकारी देते हुए कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर ज्योतिष विभाग के विभागाध्यक्ष डॉक्टर कुणाल कुमार झा बताते हैं कि इसमें काकनी एक विचार होता है जिसमें वर्ग के आधार पर गणना की जाती है जैसे किसी व्यक्ति का नाम नंदलाल है और वह काशी में घर बनाना चाहता है तो नंदलाल का वर्ग संख्या कितना होगा. तो इसमें कहा गया है कि एक “अ, क, च, ट, त, प, य और स” इसे आठ वर्ग में बांटा गया है. कहां गया है जिस व्यक्ति को कहीं घर बनाना है तो उसे व्यक्ति का जो भी वर्ग संख्या आएगी जैसे नंदलाल हुआ तो “न” पांच हुआ उसको दो से गुणा कर दीजिए यानी 5 की 2 से गुणा की तो 10 हो गया, काशी में उसको घर बनाना है तो काशी का जो वर्ग संख्या है वह दो हुआ उसको दोगुना कर दिए तो चार हुआ. तो इसमें नंदलाल का वर्ग संख्या 5 मिला दिए तो 5 और 4, 9 हुआ इसमें 8 से भाग देते हैं तो एक शेष बसता है तो ग्राम के नाम की संख्या में यदि एक बचा तो वह अशुभ कारक हुआ.
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