समाधि स्थल समिति के लखन चौधरी ने बताया कि संत बोंदरू बाबा ने विक्रम संवत 1790 में केवल 25 वर्ष की आयु में जीवित समाधि ली थी. करीब 300 साल पहले श्रद्धालुओ ने बाबा का मंदिर बनवाया है. यहीं से शुरू हुआ संतान मेला जो आज भी जारी है.
Agency:Bharat.one JharkhandLast Updated:February 12, 2025, 09:20 ISTMahashivratri 2025: 26 फरवरी महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाएगा. इस बार महाशिवरात्रि पर श्रवण नक्षत्र और सिद्धि...