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‘महाकुंभ में डुबकी लगाने का म‍िल रहा है सौभाग्‍य, तो भूल से भी प्रयागराज जाकर मत करना ये 3 काम, जानें नियम

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Mahakumbh Main Snan Ke Niyam 2025: हर 12 सालों में हमें कुंभ के दौरान पव‍ित्र संगम में आस्‍था की डुबकी लगाने का मौका म‍िलता है. लेकिन महाकुंभ 2025 इसलिए खास है, क्योंकि इस तरह का ग्रह योग 144 वर्षों के बाद बना है. ऐसे में…और पढ़ें

Mahakumbh 2025: आस्‍था के सबसे बड़े पर्व ‘महाकुंभ’ का शुभ आरंभ आज मकर सक्रांति के द‍िन ‘अमृत स्‍नान’ के साथ शुरू हो चुका है. हाड़ कंपा देने वाली ठंड के बावजूद, लाखों श्रद्धालु ब्रह्म मुहूर्त में संगम की पवित्र गंगा-यमुना सरस्वती में आस्था की डुबकी लगाने पहुंचे. आज से शुरू हुआ ये महापर्व अब श‍िवरात्री तक जारी रहेगा और हर द‍िन लाखों लोग श्रद्धा की डुबकी लगाएंगे. कहते हैं कुंभ में यूं तो लाखों श्रृद्धालुओं की भीड़ पहुंचती है, लेकिन ये भाग्‍य की ही बात होती है कि आपको महाकुंभ में नहाने के और साधु-संतों के दर्शन करने का सौभाग्‍य प्राप्‍त होता है. लेकिन इसके बाद भी कई लोग कुंभ में जा कर भी कुछ ऐसी गलत‍ियां कर देते हैं कि आप अपना सारा पुण्‍य कमा ही नहीं पाते. वृंदावन के प्रस‍िद्ध कथावाचक श्री पुंडर‍िक गोस्‍वामी बताते हैं कि महाकुंभ में जाने के न‍ियम क्‍या हैं?

पुंडर‍िक गोस्‍वामी कहते हैं, ‘सबसे पहला न‍ियम, अगर कुंभ में जा रहे हो तो कभी यहां से ‘श‍िकायत’ करते हुए मत लौट‍िएगा या वहां जाकर श‍िकायत मत कीज‍िएगा. जैसे ‘कमरा बहुत गंदा था’ या ‘खाने का अच्‍छा नहीं म‍िला…’ अगर आपको ऐसी श‍िकायतें ही करनी है तो कुंभ में जानें की कोई जरूरत नहीं है. क्‍योंकि जब आप लौटेंगे तो क्‍या लेकर वापस आएंगे, ‘समस्‍याएं.’ दूसरा नियम है, कई लोग ऐसे हैं जो संगम का जल लेकर आते हैं. लेकिन वहां से स‍िर्फ जल लेकर मत आइए. संगम के जल के साथ कुंभ क्षेत्र की म‍िट्टी भी लेकर आइए. क्‍योंकि उस भूम‍ि पर पूर ब्रह्मांण के साधुओं ने अपने चरण रखे हैं.’

वह आगे कहते हैं, ‘ये भूम‍ि इतनी पव‍ित्र है कि कोई पता नहीं कि एक रात पहले श‍िव अपने चरण वहां रखकर गए हों. आपको मालूम नहीं कि अभी नंदी महाराज घूमकर गए हों. वहां जाओं तो क‍िसी को भी साधारण मत समझना. जो साधारण लगे, वही सबसे असाधारण है.’



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