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संतान प्राप्ति के लिए प्रसिद्ध है ये मंदिर, बस 41 दिन तक करें उपाय, इस चीज का लगाया जाता है भोग

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ऋषिकेश: देवभूमि उत्तराखंड में स्थित ऋषिकेश एक प्रसिद्ध तीर्थ स्थल है, जहां हर साल हजारों लोग घूमने और मंदिरों के दर्शन के लिए आते हैं. यहां के प्राचीन और मान्यता प्राप्त मंदिरों में गौरी शंकर महादेव मंदिर का विशेष स्थान है. यह मंदिर ऋषिकेश के त्रिवेणी घाट के पास स्थित है और यहां भक्तजन संतान प्राप्ति व अन्य मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए पूजा करते हैं.

ऋषिकेश का गौरी शंकर महादेव मंदिर
Bharat.one के साथ बातचीत के दौरान इस मंदिर के महंत श्री गोपाल गिरी ने बताया कि यह मंदिर ऋषिकेश के प्राचीन मंदिरों में से एक है. गौरी शंकर महादेव मंदिर का इतिहास भी समृद्ध है. मंदिर में मां गौरी की प्रतिमा की स्थापना आदि गुरु शंकराचार्य ने की थी, जिससे यह मंदिर धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व रखता है. यह न केवल एक महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है, बल्कि ऋषिकेश के प्राचीन और लोकप्रिय मंदिरों में से एक है, जहां आने से भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं.

भक्त करते हैं पूजा
भक्तजन यहां मनोकामना पूरी करने के लिए 41 दिन का चिल्ला करते हैं, जिसमें वे प्रतिदिन जल अर्पण और मां गौरी की उपासना करते हैं. साथ ही यहां की धूनी की भभूति को कई रोगों के उपचार के लिए लाभकारी माना जाता है. भक्तजन यहां अपनी संतान प्राप्ति की इच्छा पूरी करने के लिए भी विधिपूर्वक पूजा करते हैं.

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संतान प्राप्ति की कामना होती है पूरी 
महंत गोपाल गिरी ने बताया कि जो भी भक्तजन यहां विधि अनुसार पूजा करते हैं, उनकी संतान प्राप्ति की इच्छा पूरी होती है. जिसके लिए भक्त 41 दिन का चिल्ला करते हैं. इस दौरान वो प्रतिदिन मां गौरी की उपासना करते हुए जल अर्पित करते हैं और भोग लगाते हैं. भक्तजन अपनी श्रद्धा के अनुसार 41 दिनों तक इस संकल्प को निभाते हैं, जिससे उनकी संतान प्राप्ति की कामना पूरी होती है. इसके साथ ही, अन्य मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए भी भक्त यहां आते हैं. विशेष रूप से सोमवार के दिन भक्त मां गौरी को श्रीखंड और खीर का भोग लगाते हैं. साधु-संतों को भोजन कराना भी इस पूजा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होता है. श्रद्धालु अपने पूरे मन से इस पूजा में सम्मिलित होकर, मां गौरी की कृपा प्राप्त करने की और संतान प्राप्ति की कामना करते हैं.

Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी, राशि-धर्म और शास्त्रों के आधार पर ज्योतिषाचार्य और आचार्यों से बात करके लिखी गई है. किसी भी घटना-दुर्घटना या लाभ-हानि महज संयोग है. ज्योतिषाचार्यों की जानकारी सर्वहित में है. बताई गई किसी भी बात का Bharat.one व्यक्तिगत समर्थन नहीं करता है.

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