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हनुमान जयंती पर पढ़ें रामचरितमानस की ये चौपाई, मिटेंगे सब संकट, पूरी होंगी मनोकामनाएं, बोनस में मिलेगा हनुमान जी का आशीर्वाद

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Hanuman Jayanti 2025 Special:  हनुमान जयंती का पावन पर्व कल यानि 12 अप्रैल शनिवार को है. चैत्र पूर्णिमा तिथि को प्रभु राम के अनन्य भक्त अंजनि पुत्र हनुमान का जन्म हुआ था. इस दिन हनुमान जी की विशेष पूजा की जाती है. लेकिन आपको बता दें कि हनुमान जी जितनी अपनी पूजा से प्रसन्न नहीं होते हैं, उससे कहीं अधिक भगवान राम की पूजा, गुणगान या राम नाम के जप से होते हैं. कहा जाता है कि हनुमान जी को प्रसन्न करना है तो प्रभु राम की पूजा करें. जिस पर राम जी की कृपा होगी, उसको हनुमान जी का आशीर्वाद बोनस के रूप में मिलेगा. इतना ही नहीं, उससे भगवान शिव भी प्रसन्न रहेंगे क्योंकि वे भी हमेशा राम का ही ध्यान करते हैं. आइए जानते हैं कि मनोकामना पूर्ति, संकट को दूर करने के लिए रामचरितमानस की कौन सी चौपाई पढ़नी चाहिए?

संकटों को दूर करती है ये चौपाई
1. दीन दयाल बिरिदु संभारी, हरहु नाथ मम संकट भारी
रामचरितमानस की यह चौपाई तुलसीदास जी ने उस जगह लिखा है, जब हनुमान जी माता सीता से विदा लेकर प्रभु राम के पास वापस लौटने को हैं. तब माता सीता हनुमान जी से प्रभु राम के लिए एक संदेश कहती हैं. जिसका अर्थ है कि दीनों पर दया करने वाले प्रभु राम हमारे इस विकट संकट को दूर कीजिए.

माना जाता है कि जो भी व्यक्ति सच्चे मन और भक्ति भाव से इस चौपाई को पढ़ता है. उस पर प्रभु राम की कृपा होती है और वह संकटों से मुक्त हो जाता है. इसे संकटों से मुक्ति का शक्तिशाली मंत्र भी माना जाता है.

2. मंगल भवन अमंगल हारी, द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी
रामायण सीरियल के आने से य​ह चौपाई लोगों के जुबान पर रट गई थी. जो काई घोर विपत्ति में पड़ा हो, उस पर कोई संकट आया हो या संकट में फंसने की आशंका है, तो उस व्यक्ति को इस चौपाई को पढ़ना चाहिए. हमेशा अपने भक्तों का मंगल करने वाले और अमंगल को दूर करने वाले प्रभु राम जी उस व्यक्ति पर अपनी कृपा करते हैं और उसका अमंगल नहीं होने देते हैं.

3. तब जनक पाइ बसिष्ठ आयसु ब्याह साज संवारि कै, मांडवी श्रुतिकीरित उरमिला कुंअरि लई हंकारि कै
रामचरितमानस की इस चौपाई को पढ़ने से व्यक्ति का विवाह जल्द होता है. यह चौपाई प्रभु राम और माता सीता के विवाह के समय का है. उनका विवाह होने के बाद भरत, लक्ष्मण और शत्रुघ्न का विवाह मांडवी, श्रुतिकीर्ति और उर्मिला से होता है.

4. राजिव नयन धरैधनु सायक, भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक
इस चौपाई को पढ़ने से व्यक्ति विपत्तियों से सफलतापूर्वक बाहर निकल आता है. प्रभु राम की कृपा से उसका बाल भी बांका नहीं होता है.

5. प्रनवउ पवन कुमार खल बन पावक ग्यान धुन, जासु हृदय आगार बसहि राम सर चाप घर
जो व्यक्ति इस चौपाई को पढ़ता है, उसका भूत, प्रेत, नकारात्मक शक्तियां कुछ भी बिगाड़ नहीं पाती हैं. हनुमान जी के नाम स्मरण से ही वे सब कांपने लगते हैं.

सभी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए
मनु जाहिं राचेउ मिलिहि सो बरु सहज सुंदर साँवरो।
करुना निधान सुजान सीलु सनेहु जानत रावरो॥
एहि भाँति गौरि असीस सुनि सिय सहित हियँ हरषीं अली।
तुलसी भवानिहि पूजि पुनि पुनि मुदित मन मंदिर चली॥

आप जिस भी शुभ काम के लिए प्रभु राम की कृपा पाना चाहते हैं, उससे पहले आप इन चौपाई को पढ़ें. माता गौरी ने राम विवाह से पूर्व सीता जी को आशीर्वाद दिया, जिससे उनकी मनोकामना पूर्ण हुई. यह उपाय विवाह के लिए बहुत उत्तम माना जाता है.

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