Wedding Rituals : भारतीय संस्कृति में खास तौर पर हिन्दू धर्म की महिलाएं अपनी मांग में सिंदूर लगाती हैं. यह सिंदूर सबसे पहले दूल्हा खुद अपनी दुल्हन की मांग में अंगूठी से भरता है. ऐसा माना जाता है कि सिंदूर लगाने से पति की उम्र लंबी होती है. साथ ही यह शादीशुदा महिला की निशानी भी माना जाता है. यह परंपरा काफी प्राचीन है और अपनी मांग में सिंदूर महिला जब तक भरती हैं जब तक पति-पत्नी साथ रहते हैं. हालांकि, ऐसा नहीं है कि सिंदूर भरने के सिर्फ धार्मिक कारण ही हैं. मांग में सिंदूर भरने के कुछ वैज्ञानिक कारण भी हैं. आइए इनके बारे में जानते हैं भोपाल निवासी ज्योतिषी एवं वास्तु सलाहकार पंडित हितेंद्र कुमार शर्मा से.
क्या कहते हैं शास्त्र?
शास्रों के अनुसार, एक महिला अपनी शादी के दिन पति द्वारा मांग में सिंदूर भरने के बाद से उस समय तक इसे खुद भरना जारी रखती है जब तक की पति जीवित रहता है. पौराणिक कथाओं के अनुसार, जो महिलाएं अपनी मांग में सिंदूर भरती हैं उनके पति की बुरी शक्तियों से रक्षा माता पार्वती करती हैं.
भाग्य को बढ़ाता है सिंदूर
महिलाएं अपनी मांग लाल रंग से भरती हैं और इस रंग को काफी शुभ माना जाता है. यह सुखी वैवाहिक जीवन का प्रतीक भी होता है. ऐसा माना जाता है कि, यह महिला की सकारात्मकता को बढ़ाता है जिसका असर उसके पति पर भी होता है साथ ही उसे सेहतमंद भी बनाता है. इसके अलावा सिंदूर महिलाओं को कई दोषों को दूर करता है.
क्या है वैज्ञानिक कारण?
महिलाओं द्वारा मांग में सिंदूर भरे जाने का सिर्फ धार्मिक कारण ही नहीं बल्कि वैज्ञानिक कारण भी है. विज्ञान के अनुसार, सिंदूर हल्दी और लाइम से बनता है और इसे मांग में भरा जाता है. ऐसे में यह स्ट्रेस और स्ट्रेन को कम करने में मदद करता है. इसके अलावा सिंदूर महिलाओं को अधिक एक्टिव बनाता है और यह ब्लड प्रेशर को भी कंट्रोल करने में भी मददगार है.
FIRST PUBLISHED : November 16, 2024, 11:10 IST
