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कानपुर के आनंदेश्वर मंदिर में पहली बार भस्म आरती की शुरुआत हुई है, जो उज्जैन के महाकाल मंदिर से प्रेरित है. अब हर सोमवार को भस्म आरती होगी. भक्तों ने इसे अद्भुत आध्यात्मिक अनुभव बताया.
आनंदेश्वर मंदिर
हाइलाइट्स
- आनंदेश्वर मंदिर में भस्म आरती की शुरुआत हुई.
- हर सोमवार को भस्म आरती का आयोजन होगा.
- भक्तों ने इसे अद्भुत आध्यात्मिक अनुभव बताया.
कानपुर: कानपुर के सबसे प्रसिद्ध आनंदेश्वर मंदिर में पहली बार भस्म आरती की शुरुआत की गई है. यह आयोजन उज्जैन के महाकाल मंदिर की तर्ज पर किया गया है. अब हर सोमवार को यहां भस्म आरती का आयोजन होगा.इस खास अनुष्ठान के दौरान भक्तों ने भोलेनाथ के दिव्य स्वरूप के दर्शन किए और भक्ति में डूब गए. इस अवसर पर महंत और पुजारियों ने भगवान शिव का खास श्रृंगार किया. शिवलिंग को गुलाल और फूलों से सजाया गया, फिर भस्म से आरती उतारी गई. इस दौरान पूरे मंदिर परिसर में “हर-हर महादेव” के जयघोष गूंजते रहे.
इस आयोजन के बारे में मंदिर समिति ने बताया कि भस्म आरती की परंपरा उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर से प्रेरित है. अब इसे हर सोमवार को आयोजित करने की योजना बनाई गई है ताकि भक्तों को अद्भुत आध्यात्मिक अनुभव मिल सके.
भस्म आरती का महत्व
भस्म आरती का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है. मान्यता है कि भगवान शिव को भस्म (राख) काफी प्रिय है. भस्म को वैराग्य और मृत्यु के प्रतीक के रूप में देखा जाता है, जो जीवन के नश्वर होने का संदेश देता है. मंदिर के महंत ने बताया, “शिव को संहार का देवता माना जाता है और भस्म उनकी इसी प्रवृत्ति का प्रतीक है. भक्त जब इसे देखते हैं तो उन्हें यह एहसास होता है कि यह संसार क्षणभंगुर है और हमें मोक्ष की ओर बढ़ना चाहिए.”
भक्तों में भस्म आरती को लेकर उत्साह
भस्म आरती को देखने के लिए मंदिर में भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे. भक्तों ने मंत्रोच्चारण के बीच आरती में भाग लिया और भगवान शिव की आराधना की. कई श्रद्धालुओं ने इसे अपने जीवन का सबसे अनूठा अनुभव बताया. मंदिर प्रशासन ने बताया कि अब हर सोमवार को भस्म आरती का आयोजन किया जाएगा. इसमें भक्तों की बढ़ती संख्या को देखते हुए व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाया जाएगा. वहीं, सोशल मीडिया पर भी इस भस्म आरती के वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिससे भक्तों की रुचि और बढ़ गई है.
मंदिर प्रशासन की अपील
मंदिर प्रशासन ने भक्तों से अपील की है कि वे आरती के समय अनुशासन बनाए रखें और मंदिर की पवित्रता का ध्यान रखें. साथ ही, भस्म आरती के दौरान मोबाइल फोन का अधिक उपयोग न करने की सलाह दी गई है ताकि सभी लोग ध्यान और भक्ति में पूरी तरह से लीन हो सकें. आनंदेश्वर मंदिर में इस नई परंपरा की शुरुआत से श्रद्धालु भी काफी खुश है. अब भक्त हर सोमवार को इस अनूठे आध्यात्मिक अनुभव का हिस्सा बन सकेंगे और भोलेनाथ का आशीर्वाद पा सकेंगे.
Kanpur,Kanpur Nagar,Uttar Pradesh
March 19, 2025, 18:16 IST
Anandeshwar Mandir: आनंदेश्वर मंदिर में भस्म आरती का अनूठा अनुभव, हर-हर महादेव
