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Hanuman Jayanti: हनुमत जयंती को लेकर क्यों है संशय? वायु पुराण के अनुसार इस दिन मनाए जन्म दिवस, जानें पूरी पूजा विधि

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दरभंगा:- हनुमान जयंती को लेकर लोगों में संशय बना रहता है, क्योंकि एक साल में दो बार हनुमान जयंती मनाई जाती है. ज्योतिषाचार्य कामेश्वर सिंह और दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय के ज्योतिष शास्त्र विभाग के एचओडी डॉक्टर कुणाल कुमार झा ने Bharat.one को बताया कि हनुमान जयंती इस साल 30 अक्टूबर 2024 को मनाई जाएगी. वायु पुराण के अनुसार, हनुमान जी का जन्म कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष में चतुर्दशी तिथि को हुआ था, जब सूर्य मंगलवार को स्वाती नक्षत्र में और मेष लग्न में था. यह शिव के अंश के रूप में हनुमान जी का अवतार है.

हनुमान जयंती का महत्व
कहा जाता है कि हनुमान जी अब भी धरती पर उपस्थित हैं और अपने भक्तों की रक्षा करते हैं. डॉक्टर कुणाल कुमार झा ने Bharat.one को आगे बताया कि हनुमान जयंती हर साल कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी को मनाई जाती है. इस दिन हनुमान जी का पूजन, हवन और पाठ स्तोत्र संकीर्तन करने से विशेष लाभ होगा. यह दिन भक्ति और श्रद्धा का प्रतीक है. हनुमान जी की पूजा से सुख, समृद्धि और सफलता प्राप्त होती है.

हनुमान जयंती की पूजा विधि
इस दिन प्रातः काल में स्नान करें और हनुमान जी की मूर्ति या चित्र की पूजा करें. चंदन, फूल, फल और धूप अर्पित करें, फिर हनुमान चालीसा और श्लोक का पाठ करें. इसके बाद हवन और आरती करें. हनुमान जयंती एक महत्वपूर्ण त्यौहार है, जो भक्ति और श्रद्धा का प्रतीक है. वायु पुराण के अनुसार कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी को हनुमान जी का जन्म दिवस मनाना चाहिए. वायु पुराण के अनुसार, कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी को हनुमान जी का जन्म दिवस हनुमान जयंती पर संशय होता है.

Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी, राशि-धर्म और शास्त्रों के आधार पर ज्योतिषाचार्य और आचार्यों से बात करके लिखी गई है. किसी भी घटना-दुर्घटना या लाभ-हानि महज संयोग है. ज्योतिषाचार्यों की जानकारी सर्वहित में है. बताई गई किसी भी बात का Bharat.one व्यक्तिगत समर्थन नहीं करता है.

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