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Kalashtami Upay 2025: जल्द ही सितंबर माह की मासिक कालाष्टमी आने वाली है. उज्जैन के कालभैरव मंदिर में इस दिन विशेष पूजा होती है, जहां भगवान काल भैरव को शराब का भोग लगाया जाता है. इस बार तिथि को लेकर असमंजस वाली …और पढ़ें
वैदिक पंचांग के अनुसार, 14 सितंबर को सुबह 05 बजकर 04 मिनट पर आश्विन माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि शुरू होगी. वहीं, 15 सितंबर को देर रात 03 बजकर 06 मिनट पर अष्टमी तिथि का समापन होगा. इस प्रकार 14 सितंबर को कालाष्टमी मनाई जाएगी.
कालाष्टमी व्रत का महत्व
काल भैरव शिव जी के ही रौद्र रूप हैं, जो भी भक्त कालाष्टमी के दिन काल भैरव बाबा की पूजा विधि अनुसार करता है, उसके सभी पाप, कष्ट, दुख दर्द दूर हो जाते हैं. इस दिन श्रद्धा भाव से व्रत और पूजा करने से भगवान शिव जी की कृपा आपके ऊपर बनी रहती है. कुंडली में मौजूद राहु दोष भी दूर हो सकता है.
महाकाल की नगरी में विशेष महत्व
भगवान कालभैरव का मंदिर क्षिप्रा नदी के किनारे भैरवगढ़ क्षेत्र में स्थित है. इस मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता है कि यहां भगवान काल भैरव की प्रतिमा को शराब का भोग लगाया जाता है और काल भैरव स्वयं शराब ग्रहण करते हैं. पुजारी की ओर से शराब का प्याला काल भैरव के मुख से लगाया जाता है. यह शराब पल भर में गायब हो जाती है. यह चमत्कार देखने लोग देश विदेश से आते हैं.
जरूर करें इन मंत्रों का जाप
– ओम शिवगणाय विद्महे गौरीसुताय धीमहि तन्नो भैरव प्रचोदयात।।
– ओम कालभैरवाय नम:
– ओम भ्रां कालभैरवाय फट्
– धर्मध्वजं शङ्कररूपमेकं शरण्यमित्थं भुवनेषु सिद्धम्।द्विजेन्द्र पूज्यं विमलं त्रिनेत्रं श्री भैरवं तं शरणं प्रपद्ये।।
Dallu Slathia is a seasoned digital journalist with over 6 years of experience, currently leading editorial efforts across Madhya Pradesh and Chhattisgarh. She specializes in crafting compelling stories across …और पढ़ें
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