
प्रयागराज: कुंभ मेला दुनिया के सबसे बड़े और महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजनों में से एक है, जो हर 12 साल में भारत में आयोजित किया जाता है. यह महापर्व करोड़ों हिंदुओं के लिए एक आध्यात्मिक यात्रा है, जहां वे पवित्र नदियों, खासकर गंगा, यमुना और सरस्वती में स्नान करके अपने पापों का शुद्धिकरण (Cleansing of sins) और मोक्ष प्राप्ति का प्रयास करते हैं. बता दें कि 2025 में कुंभ मेला उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में 13 जनवरी से 26 फरवरी तक आयोजित किया जाएगा.
आधुनिक तकनीक से सुसज्जित महाकुंभ 2025
बता दें कि इस बार महाकुंभ मेला 2025 में आधुनिक तकनीक का प्रयोग होगा, जिससे सुरक्षा, आवाजाही और संचार बेहतर होगा. इस भव्य आयोजन में करीब 45 करोड़ श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है. उत्तर प्रदेश सरकार GPS, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और स्ट्रीमिंग तकनीक का उपयोग करके इसे यादगार बनाने की तैयारी कर रही है.
भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा उपाय
भीड़ को नियंत्रित करने के लिए AI आधारित सर्विलांस सिस्टम का उपयोग किया जाएगा.
मेले में कुल 2,700 CCTV कैमरे लगाए जाएंगे, जिनमें से 328 AI-enabled होंगे.
ये कैमरे:
-भीड़ बढ़ने की स्थिति में अधिकारियों को तुरंत अलर्ट करेंगे.
-रियल-टाइम में गुमशुदा व्यक्तियों की पहचान में मदद करेंगे.
-मानवीय निगरानी को और प्रभावी बनाएंगे.
डिजिटल खोया-पाया सिस्टम: एक डिजिटल खोया-पाया प्रणाली विकसित की जाएगी, जिसमें AI तकनीक का उपयोग होगा:
गुमशुदा व्यक्तियों की तुरंत जानकारी दर्ज की जा सकेगी.
सोशल मीडिया नेटवर्क के जरिए जानकारी साझा कर परिवार से पुनर्मिलन को तेज बनाया जाएगा.
डिजिटल नेविगेशन और जानकारी की पहुंच
सरकार ने एक खास “कुंभ सहायक ऐप” लॉन्च किया है, जो मेले में नेविगेशन को आसान बनाएगा:
यह ऐप घाट, अखाड़े और अन्य धार्मिक स्थलों की सटीक जानकारी देगा.
सभी कैंपों की 3D इमेज भी आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध होगी.
मेले के दौरान होने वाली गतिविधियों और सेवाओं की जानकारी मिलेगी.
सोशल मीडिया के जरिए बेहतर संचार
सोशल मीडिया मेले के दौरान संचार को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा:
-इवेंट्स और सेवाओं की रियल-टाइम अपडेट्स.
-गुमशुदा व्यक्तियों की जानकारी.
-प्रशासन और जनता के बीच तेजी से संपर्क.
लाइव स्ट्रीमिंग और वैश्विक पहुंच
जो लोग मेला स्थल पर नहीं पहुंच सकते, वे लाइव स्ट्रीमिंग के जरिए घर बैठे कुंभ मेला देख सकेंगे. Google नेविगेशन के साथ इंटीग्रेशन से दुनिया भर के लोग मेले की गतिविधियां और मुख्य रस्में, जैसे गंगा आरती, लाइव देख सकेंगे.
क्या आप भी आर्थिक तंगी से हैं परेशान? सिर्फ 5 मिनट के अभ्यास में छिपा है अमीर बनने का गुप्त मंत्र…
सुरक्षा और आधारभूत संरचना का विस्तार
सुरक्षा को मजबूत करने के लिए बड़े पैमाने पर तकनीकी उपाय किए जाएंगे:
मेले क्षेत्र में 56 पुलिस स्टेशन स्थापित होंगे.
100 AI-आधारित कैमरों से 24×7 निगरानी.
सार्वजनिक शौचालयों में सफाई की रियल-टाइम मॉनिटरिंग के लिए स्कैनर लगाए जाएंगे.
कुंभ मेला 2025 न केवल आध्यात्मिक अनुभव होगा, बल्कि यह आधुनिक तकनीक और परंपरा का अद्भुत संगम भी होगा.
FIRST PUBLISHED : December 17, 2024, 16:00 IST

















