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Putrada ekadashi 2025 : पुत्रदा एकादशी पर भूलकर भी न करें इन चीजों का दान, कुछ काम भी इस दिन करना खतरनाक

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Putrada Ekadashi Benefits : इस बार तिथियों में हेरफेर की वजह से पुत्रदा एकादशी की सही तारीख को लेकर कन्फ्यूजन की स्थिति थी. इस बार पुत्रदा एकादशी का व्रत दो दिनों का है. अगर किसी तिथि का क्षय यानी तिथि घटती है तो वो पर्व एक दिन पूर्व मनाने का विधान है. ये व्रत आज सुबह 7:50 से शुरू होकर 1 जनवरी की तड़के 1:47 तक होगा. इस व्रत को पुत्र रत्न की प्राप्ति की इच्छा से रखते हैं. जिनकी संतान है, वे उनकी सलामती के लिए इस व्रत को करते हैं.

मिर्जापुर. साल की आखिरी एकादशी व्रत को लेकर क्या आप भी कन्फ्यूजन में हैं. समय के साथ पारण कब करें, इसको लेकर भी संशय की स्थिति बनी हुई है. Bharat.one ने इस बारे में विंध्यधाम के ज्योतिषी से साल की आखिरी एकादशी पर पूजन विधि से लेकर पारण और दान देने के लिए वस्तुओं के बारे में पूछा. इससे न सिर्फ आपका संशय दूर होगा. बल्कि, समस्याएं भी खत्म होंगी. साल के आखिरी एकादशी पुत्रदा एकादशी को लेकर कई मान्यताएं भी हैं. ज्योतिष अखिलेश अग्रहरि बताते हैं कि 2025 का अंतिम दिन बेहद ही शुभ फल दे रहा है. पौष मास के अंतिम दिन शुक्ल पक्ष का अंतिम एकादशी है. इस दिन किए गए पुण्य का असर अगले वर्ष 2026 में देखने को मिलेगा. इस दिन कोई अनर्गल कार्य नहीं करें. ये व्रत पारिवारिक सुख-शांति, पुत्र की प्राप्ति और भगवान विष्णु के लिए किया जाता है.

दोनों दिन व्रत, लेकिन पारण कब

इस व्रत को लेकर कई संशय भी हैं जैसे व्रत कब है और पारण कब करें. ये व्रत 30 और 31 दोनों दिन है. अगर 30 दिसंबर को व्रत रखते हैं तो इसका पारण 31 दिसंबर को 1 बजकर 26 मिनट पर कर सकते हैं. 31 दिसंबर को व्रत रखने वाले 1 जनवरी 2026 को सुबह 7.14 मिनट से लेकर 9.18 मिनट पर पारण कर सकते हैं. अखिलेश अग्रहरि बताते हैं कि यह दिन कामनाओं की पूर्ति के लिए होता है. पुत्र की कामना हो या अन्य कुछ हो. संकल्प लेकर रखे गए व्रत से विशेष लाभ होगा. इस व्रत से पूरे साल की एकादशी का फल मिलता है. इस दिन भगवान विष्णु का विधि-विधान से पूजा-अर्चना करें. उनके 7 नामों का जाप करें. पाठ करें और उनका ध्यान करें. उत्तम फल प्राप्त होगा. इस दिन सौभाग्य से पूरे साल भगवान की कृपा बरसेगी.

न करें इनका दान

अखिलेश अग्रहरि के मुताबिक, पुत्रदा एकादशी पर शनि से जुड़ी वस्तुओं कंबल, लोहा या तिल आदि का दान करने से बचें. कोई रचनात्मक काम नहीं करें. उत्साह के बीच में खुद को संभालें. कोई भी अनैतिक आहार का सेवन नहीं करें. पूजन करना चाहते हैं तो 31 दिसंबर को राहुकाल को छोड़कर किसी भी समय कर सकते हैं. इससे पूरा साल अच्छा रहेगा और विशेष फल मिलेगा.

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Priyanshu Gupta

Priyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu…और पढ़ें

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