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Putrada ekadashi 2025 vrat kab hai special remedies related to Tulsi Maa Lakshmi will shower money know Putrada Ekadashi January date and time

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उज्जैन. हिन्दू धर्म में हर तिथि हर व्रत का अलग-अलग महत्व है. साल में 24 एकादशी के व्रत रखे जाते हैं. हर महीने में 2 बार एकादशी व्रत किया जाता है. एक कृष्ण और दूसरा शुक्ल पक्ष में धार्मिक मान्यता है कि एकादशी तिथि पर जगत के पालनहार भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की विशेष पूजा करने से जातक को शुभ फल की प्राप्ति होती है. साथ ही सभी मन्नते पूरी होती हैं. इस दिन किया गया व्रत अनेक फल की प्राप्ति कराता है. इस दिन अगर तुलसी से जुड़े विशेष उपाय कर लिए जाए, तो सालभर लक्ष्मी नारायण का आर्शीवाद मिलता है. आइए उज्जैन के पंडित आनंद भारद्वाज से जानते किन उपायों से आर्थिक तंगी दूर होंगी.

जानिए कब मनाई जाएगी एकादशी 
वैदिक पंचांग के अनुसार साल की पहली एकादशी यानी पुत्रदा एकादशी तिथि की शुरुआत 9 जनवरी दोपहर 1 बजकर 12 मिनट पर हो जाएगी. इसका समापन अगले दिन यानी 10 जनवरी को दोपहर 12 बजकर 43 मिनट पर होगा. उदया तिथि के अनुसार पुत्रदा एकादशी का व्रत 10 जनवरी को ही रखा जाएगा. इस एकादशी को वैकुंठ एकादशी भी कहते है.

जरूर करे इस तुलसी से जुड़े उपाय 
– ऐसे तो रोजाना माँ लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए जातक कई प्रकार के जतन करता है, लेकिन एकादशी के दिन तुलसी को श्रृंगार का सामान अर्पित किया जाए, तो मां लक्ष्मी अधिक प्रसन्न होती है.

– ऐसे तो रोजाना कई लोग तुलसी की पूजा करते है, लेकिन एकादशी के दिन तुलसी को लाल धागा बांधना चाहिए. मान्यता है कि ऐसा करने से भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं.

– नौकरी में अगर बहुत प्रयास के बाद भी विघ्न-बाधा आ रही है.तो एकादशी के दिन तुलसी पर 11, 21 या 51 दीपक जलाकर तुलसी चालीसा का पाठ करना चाहिए। मान्यता है कि ऐसा करने दूर होती है.

– बहुत प्रयास के बाद अगर सफलता हाथ नहीं लग रही है. धन आते ही ठीक नहीं पा रहा हो तो एकादशी के दिन स्नान- ध्यान करने के बाद भगवान विष्णु व माता लक्ष्मी की पूजा करें. पूजा के समय गाय के कच्चे दूध में तुलसी की मंजरी मिलाकर भगवान विष्णु का अभिषेक करना चाहिए.यह उपाय करने से आर्थिक स्थिति मे सुधार आता है.

Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी, राशि-धर्म और शास्त्रों के आधार पर ज्योतिषाचार्य और आचार्यों से बात करके लिखी गई है. किसी भी घटना-दुर्घटना या लाभ-हानि महज संयोग है. ज्योतिषाचार्यों की जानकारी सर्वहित में है. बताई गई किसी भी बात का Bharat.one व्यक्तिगत समर्थन नहीं करता है.

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