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Who is Bhadra: होलिका पर साया! भद्रा काल में क्यों नहीं किया जाता शुभ काम? आचार्य से जानें ये कितना खतरनाक

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Kaun Hain Bhadra: होलिका दहन पर भद्रा का साया रहेगा, जो हिन्दू धर्म के अनुसार अशुभ माना जाता है, लेकिन क्या आप जानते हैं आखिर भद्रा कौन हैं और ये इतने खतरनाक क्यों हैं.

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कौन है भद्रा 

हाइलाइट्स

  • भद्रा काल में शुभ कार्य नहीं किए जाते हैं.
  • भद्रा भगवान सूर्य की पुत्री और शनि देव की बहन हैं.
  • भद्रा काल में होलिका दहन से अशांति बढ़ सकती है.

क्या है भद्रा काल. हिन्दू धर्म मे हर तिथि हर वार का अत्यधिक महत्व रहता है. हर साल फाल्गुन माह की पूर्णिमा के दिन होलिका दहन किया जाता है. इस साल होलिका दहन 13 मार्च दिन गुरुवार को किया जाएगा. होलिका दहन पर भद्रा काल का साया भी रहने वाली है. ज्योति शास्त्र की मानें तो होली पर पूरे दिन भद्रा का साया रहेगा. इसलिए होलिका दहन के लिए लोगों को बहुत कम समय ही मिलने वाला है. आइए उज्जैन के आचार्य आनंद भारद्वाज से जानते हैं कि भद्रा कौन है और इस दौरान शुभ या मांगलिक कार्य क्यों नहीं होते है.

होलिका दहन पर भद्रा काल
पंचांग के अनुसार 13 मार्च को होलिका दहन के दिन भद्रा काल रहेगा. 13 मार्च को भद्रा शाम 6 बजकर 57 मिनट पर शुरू हो जाएगा. ये रात 8 बजकर 14 तक रहेगा. इसके बाद भद्रा मुख का समय शुरू हो जाएगा, जो रात 10 बजकर 22 मिनट तक रहेगा. इसके बाद यानी रात 11 बजकर 26 पर होलिका दहन का शुभ मुहूर्त शुरू हो जाएगा, जोकि देर रात 12 बजकर 30 मिनट तक रहेगा.

जानिए कौन हैं भद्रा?
हिंदू धर्म शास्त्रों में बताया गया है कि भद्रा भगवान सूर्य की पुत्री और शनि देव की बहन हैं. धर्म शास्त्रों में बताया गया है कि भद्रा क्रोधी स्वभाव की हैं. भद्रा के क्रोधी स्वभाव के कारण ही भद्रा काल में कोई भी शुभ और मांगलिक काम नहीं किए जाते हैं. मान्यता है कि भद्रा काल में किए गए, शुभ और मांगलिक कामोंं के शुभ फल प्राप्त नहीं होते. ज्योतिष और पंडित सलाह देते हैं कि भद्रा काल में कोई शुभ और मांगलिक काम न करें.

भद्रा में होलिका दहन से क्या हो सकता है नुकसान?
शास्त्रों के अनुसार माना जाता है कि भद्रा काल में किए गए होलिका दहन से घर-परिवार में अशांति बढ़ सकती है. कई धार्मिक ग्रंथों में उल्लेख है कि भद्रा काल में किया गया कोई भी शुभ कार्य अनिष्टकारी हो सकता है और इससे नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है. यही कारण है कि हर साल होलिका दहन से पहले भद्रा काल की गणना की जाती है, ताकि शुभ मुहूर्त में ही अग्नि प्रज्वलन किया जाए.

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Who is Bhadra: होलिका पर साया! भद्रा काल में क्यों नहीं किया जाता शुभ काम?

Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी, राशि-धर्म और शास्त्रों के आधार पर ज्योतिषाचार्य और आचार्यों से बात करके लिखी गई है. किसी भी घटना-दुर्घटना या लाभ-हानि महज संयोग है. ज्योतिषाचार्यों की जानकारी सर्वहित में है. बताई गई किसी भी बात का Bharat.one व्यक्तिगत समर्थन नहीं करता है.

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