Night Clothes Washing Effects: आज की तेज़ रफ्तार ज़िंदगी में समय सबसे बड़ी चुनौती बन चुका है. ऑफिस, बच्चों की पढ़ाई, घर के बाकी काम दिन कब निकल जाता है, पता ही नहीं चलता. ऐसे में कई लोग रात के वक्त बचे हुए काम निपटाने लगते हैं. कपड़े धोना भी उन्हीं कामों में से एक है, जो अक्सर रात में कर लिया जाता है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि यह आदत आपके घर की शांति और जीवन की स्थिरता पर असर डाल सकती है? वास्तु शास्त्र और ज्योतिष में रात के समय किए जाने वाले कुछ कामों को लेकर साफ चेतावनियां दी गई हैं. खासतौर पर कपड़े धोने को लेकर. सुनने में यह बात अजीब लग सकती है, लेकिन कई घरों में लगातार परेशानियों की वजह इसी छोटी-सी आदत से जुड़ी बताई जाती है. वास्तु विशेषज्ञों का मानना है कि समय का सही चयन नकारात्मक ऊर्जा को रोकने में बड़ी भूमिका निभाता है. आइए विस्तार से समझते हैं भोपाल निवासी ज्योतिषी एवं वास्तु सलाहकार पंडित हितेंद्र कुमार शर्मा से कि रात में कपड़े धोने से क्यों बचना चाहिए और इसका जीवन पर क्या प्रभाव पड़ता है.
वास्तु शास्त्र में रात का समय क्यों माना जाता है संवेदनशील?
वास्तु शास्त्र के अनुसार दिन का समय सूर्य की सक्रिय ऊर्जा से जुड़ा होता है. सुबह और दोपहर के समय वातावरण में सकारात्मकता अधिक रहती है. वहीं रात का समय तामसिक ऊर्जा का माना जाता है, जब नकारात्मक शक्तियां ज़्यादा सक्रिय होती हैं. ऐसे समय में अगर कपड़े धोए जाते हैं, खासकर खुले स्थान पर सुखाने के लिए डाले जाते हैं, तो माना जाता है कि वे नकारात्मक ऊर्जा को सोख लेते हैं. बाद में जब वही कपड़े पहने जाते हैं, तो उसका असर सीधे व्यक्ति के मन और शरीर पर पड़ सकता है.
गीले कपड़े और नकारात्मक ऊर्जा का संबंध
वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार गीले कपड़े ऊर्जा को जल्दी吸収 करते हैं. रात के समय वातावरण में मौजूद भारी और नकारात्मक कंपन गीले कपड़ों के ज़रिए घर में प्रवेश कर सकते हैं. यही वजह है कि पुराने समय में कपड़े हमेशा दिन में धोने और धूप में सुखाने की परंपरा थी.
रात में कपड़े धोने से क्या समस्याएं हो सकती हैं?
कई लोगों को लगता है कि यह सिर्फ एक मान्यता है, लेकिन वास्तु के अनुसार इसके प्रभाव धीरे-धीरे सामने आते हैं.
मानसिक अशांति और तनाव
रात में धुले कपड़े पहनने से व्यक्ति को बेचैनी, अनचाहा तनाव और नींद से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं. कई लोग बिना वजह चिड़चिड़ापन महसूस करने लगते हैं.
घर में बढ़ता वास्तु दोष
अगर यह आदत रोज़ की बन जाए, तो घर में वास्तु दोष बढ़ने लगता है. इसका असर पारिवारिक रिश्तों, आर्थिक स्थिति और स्वास्थ्य पर भी पड़ सकता है.
सकारात्मक ऊर्जा में कमी
दिन में धूप में सुखाए गए कपड़ों में प्राकृतिक ऊर्जा होती है, जो मन को शांत रखने में मदद करती है. रात में धोए गए कपड़ों में यह ऊर्जा नहीं रह पाती.
अगर मजबूरी हो तो क्या करें?
आज के समय में हर किसी के लिए नियमों का पालन करना आसान नहीं होता. अगर कभी-कभार रात में कपड़े धोने की मजबूरी हो, तो उन्हें बाहर खुले में सुखाने से बचें. बेहतर है कि सुबह धूप निकलने पर ही कपड़े सुखाएं और पहनने से पहले अच्छे से हवा लगने दें.
सही समय पर सही आदत
वास्तु शास्त्र का मकसद डर पैदा करना नहीं, बल्कि जीवन को संतुलित रखना है. छोटी-छोटी आदतों में बदलाव करके आप घर के माहौल को बेहतर बना सकते हैं. कपड़े धोने जैसे रोज़मर्रा के काम अगर सही समय पर किए जाएं, तो उसका सकारात्मक असर लंबे समय तक महसूस होता है.
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