REWA News: अगर आप चाय के दीवाने हैं तो तंदूरी चाय का नाम आपने जरूर सुना होगा. वो मिट्टी के कुल्हड़ में धुएं के साथ पकती झागदार गर्मागरम और खुशबूदार चाय जो एक बार पी ली तो फिर नॉर्मल चाय फीकी लगने लगती है लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इस खास चाय को 5 स्टार होटल जैसे घर पर भी बनाया जा सकता है और वो भी बेहद आसान तरीके से.
आज हम आपको बताने जा रहे हैं तंदूरी चाय के फायदे, उसकी असली खुशबू का राज और स्टेप-बाय-स्टेप उसका रीवा वाला देसी तरीका, जिससे आप भी अपने घर पर इस स्टाइलिश चाय का मजा ले सकते हैं- बिना किसी झंझट के.
सर्दी के मौसम में रीवा के हर तंग गली में कुल्हड़ वाली चाय आपको जरूर मिल जायेगी, लेकिन यहां लोग इसे तंदूरी चाय के नाम से ली जानेगे. तंदूरी चाय दरअसल एक खास तरह की चाय है जो मिट्टी के गर्म कुल्हड़ में चाय को उबालकर तैयार की जाती है. पहले कुल्हड़ को तेज आंच पर गर्म किया जाता है, फिर उसमें तैयार चाय डाली जाती है. गर्म कुल्हड़ के संपर्क में आते ही चाय उबलती है, उसमें से धुआं निकलता है और वही धुआं उसे वो खास ‘तंदूरी स्वाद’ देता है जो और किसी चाय में नहीं होता.
सेहत के लिहाज से क्यों खास है तंदूरी चाय-
तंदूरी चाय सिर्फ स्वाद में नहीं, सेहत में भी बेहतर मानी जाती है.कुल्हड़ की मिट्टी से मिलते हैं मिनरल्स – जो पाचन में मदद करते हैं. तेल या घी नहीं होता – चाय का शुद्ध रूप बरकरार रहता है. गैस और एसिडिटी में राहत – कुल्हड़ की मिट्टी ठंडी तासीर देती है. केमिकल-फ्री प्रोसेस – न कोई स्टील का बर्तन, न प्लास्टिक – सिर्फ मिट्टी, पानी और चाय.
तंदूरी चाय बनाने के लिए सामग्री-
1 कप दूध
1 कप पानी
2 चम्मच चाय पत्ती
स्वाद अनुसार चीनी
2-3 इलायची (कुटी हुई)
1 छोटा टुकड़ा अदरक (कद्दूकस किया हुआ)
1 छोटा मिट्टी का कुल्हड़
गैस पर रखने वाला चिमटा या जाली.
तंदूरी चाय बनाने की विधि-
सबसे पहले चाय तैयार करें-
एक बर्तन में पानी, चाय पत्ती, अदरक और इलायची डालें और उबालें.जब चाय रंग छोड़ने लगे तो दूध और चीनी डालें.
अच्छे से उबालें ताकि चाय गाढ़ी और मसालेदार हो जाए.
कुल्हड़ को तंदूर बनाएं-
मिट्टी के कुल्हड़ को सीधा आंच पर रखें (अगर आपके पास BBQ ग्रिल हो तो और भी अच्छा).
जब तक वो एकदम गर्म ना हो जाए (हल्का काला या जलने लगे), तब तक सेंकते रहें.
गर्म कुल्हड़ को किसी स्टील बाउल या कप में रखें.
अब धीरे-धीरे उसमें चाय उड़ेलें.
चाय कुल्हड़ से टकराते ही उबलने लगेगी और उसमें से धुआं निकलने लगेगा- यहीं से आता है असली तंदूरी फ्लेवर.
परोसने का अंदाज-
अब इस चाय को दूसरे कुल्हड़ या कप में डालकर परोसें.
चाहें तो ऊपर से थोड़ा इलायची पाउडर छिड़क सकते हैं.
स्पेशल टिप्स
मिट्टी का कुल्हड़ नया हो तो पहले उसे पानी में भिगो दें, ताकि वो टूटे नहीं.
अगर आपके पास गैस पर रखने का स्टैंड या ग्रिल नहीं है, तो ओवन में भी कुल्हड़ गर्म कर सकते हैं.
एक बार इस्तेमाल हुए कुल्हड़ को दोबारा गर्म न करें- यह सही नहीं माना जाता और स्वाद भी बिगड़ता है.
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