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Uniqe Curd Making Tips: आज हम आपको पश्चिम चम्पारण ज़िले के वैसे व्यापारियों के माध्यम से दही जमाने की प्रमाणित जानकारी देने वाले हैं, जिनके पूर्वज राजा-महाराजाओं के समय से ही दही का कारोबार करते आ रहे हैं.आज भी…और पढ़ें
प्रतीकत्मक तस्वीर
हाइलाइट्स
- सही तापमान पर मीठा, ताजा एवं मोटा जामन उपयोग करें.
- मिट्टी के बर्तन में दही जमाने से बेहतर परिणाम मिलते हैं.
- दूध का तापमान 40-42 डिग्री सेल्सियस रखें.
पश्चिम चम्पारण. दही जमाना किसे नहीं आता, लेकिन बहुत कम ऐसे लोग हैं जो मक्खन की तरह मोटी तथा मीठी दही जमाने का तरीका जानते हैं. हालांकि सोशल साइट पर इससे संबंधित कई जानकारियां साझा की गई हैं, लेकिन उनके प्रमाणिकता की कोई गारंटी नहीं है. ऐसे में आज हम आपको वैसे व्यापारियों के माध्यम से इस पर प्रमाणित जानकारी देने वाले हैं, जिनके पूर्वज राजा-महाराजाओं के समय से ही दही का कारोबार करते आ रहे हैं. पश्चिम चम्पारण ज़िले का नौतन प्रखंड ऐसे यदुवंशियों का गढ़ है.
यूपी-बिहार के कई ज़िलों में होती है सप्लाई
नौतन प्रखंड स्थित मंगलपुर निवासी तथा दही कारोबारी उदय प्रताप सिंह बताते हैं कि पश्चिम चम्पारण ज़िले का नौतन प्रखंड यदुवंशियों का गढ़ है. मुख्य रूप से यहां का मंगलपुर पंचायत दही व्यवसाय के लिए यूपी तथा बिहार के कई ज़िलों में प्रसिद्ध है. यहां के हर एक घर में दही जमाई जाती है, जिसे निजी उपयोग के साथ गोपालगंज, सीवान, पूर्वी चंपारण, मुजफ्फरपुर, पटना और यूपी में पडरौना, कुशीनगर तथा गोरखपुर तक सप्लाई किया जाता है.
मक्खन की तरह मोटी होगी दही
उदय भी कुछ ऐसा ही काम करते हैं. उन्होंने डेयरी इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी कर करीब 20 वर्षों तक प्रोडक्शन मैनेजर के साथ कई अन्य पदों पर काम किया है. उनकी मानें तो ऑथेंटिक तथा मीठी दही जमाने में दूध का तापमान तथा जामन की सबसे अहम भूमिका होती है. साधारणतः हल्के गर्म दूध में जामन को डालकर उसे कुछ घंटों के लिए छोड़ देने से दही जम तो जाती है, लेकिन उसका टेस्ट कभी पानी की तरह, तो कभी खट्टा हो जाता है. घी से भरी, मीठी तथा मोटी दही के लिए आपको दूध का तापमान 40 से 42 डिग्री सेल्सियस तक रखना है और फिर उसमें उच्च गुणवत्ता वाला जामन ( मीठा तथा गाढ़ा) डालना है.
मिट्टी के बर्तन का करें चुनाव
ध्यान रहे कि दही की मिठास के लिए दूध का सही तापमान सबसे जरूरी है. यदि आप अधिक गर्म दूध में जामन को डालते हैं, तो फिर जामन में मौजूद सभी बैक्टीरिया मर जाएंगे, जिससे दही का स्वाद बेहद खट्टा होगा और उसमें पानी की अधिकता हो जाएगी. इसी प्रकार यदि आप पतला तथा खट्टा जामन का उपयोग करते हैं, तो दही खट्टी और पतली जमेगी. घी से भरी मीठी दही के लिए आपको सही तापमान पर मीठा, ताजा एवं मोटे जामन का उपयोग करना है फिर उसे बिना हिलाए फ्रिज में या ठंडी जगह पर ढक कर रख देना है. बेहतर नतीजे के लिए आप मिट्टी के बर्तन का उपयोग कर सकते हैं. मिट्टी का बर्तन दही जमने की प्रक्रिया में एक्सेस पानी को सोख लेगा, जिससे दही एकदम सॉलिड जमेगी.
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