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सर्दियों में ताजे सिंघाड़े बाजारों में आने लगते हैं और घरों में उनके अचार की खुशबू फैल जाती है. हल्की कुरकुराहट और मसालेदार स्वाद के साथ यह अचार हर भोजन का आकर्षण बन जाता है. सिंघाड़ों में आयरन, पोटैशियम और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जो शरीर को गर्म रखने और ऊर्जा देने में मदद करते हैं.
भरतपुर. सर्दियों का मौसम आते ही बाजारों में ताजे सिंघाड़े दिखाई देने लगते हैं, और इन्हीं के साथ घरों में शुरू हो जाती है सिंघाड़े के अचार की खुशबू, जो हर किसी को अपनी ओर खींच लेती है. भले ही अचारों की कई किस्में हों, लेकिन सिंघाड़े का अचार सर्दियों में सबसे खास और लोकप्रिय माना जाता है. इसका अनोखा स्वाद, हल्की कुरकुराहट और मसाले की खुशबू इसे हर भोजन का आकर्षण बना देती है. विशेष बात यह है कि इसे बनाना बेहद आसान है और कुछ ही दिनों में यह खाने के लिए तैयार हो जाता है.
भरतपुर सहित कई इलाकों में सर्दियों के मौसम में यह अचार खास लोकप्रिय होता है, क्योंकि सिंघाड़े इस मौसम में सबसे अधिक ताजे और मीठे मिलते हैं. सिंघाड़ों में आयरन, पोटैशियम और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जो शरीर को गर्म रखने के साथ ऊर्जा भी प्रदान करते हैं. इसी वजह से यह अचार स्वाद के साथ सेहत का भी अच्छा स्रोत माना जाता है.
अचार बनाने के लिए हरे और सख्त सिंघाड़ें जरूरी
सिंघाड़े का अचार बनाने के लिए सबसे पहले ताजे, हरे और सख्त सिंघाड़ों का चयन किया जाता है, इन्हें अच्छी तरह धो लिया जाता है. इसके बाद इन्हें हल्का-सा उबाल लिया जाता है, ताकि सिंघाड़े नरम होकर मसाले को अच्छी तरह सोख सकें. उबालते समय ध्यान रहे कि सिंघाड़े अधिक न पकें, वरना उनका स्वाद और बनावट बिगड़ सकती है. अब बारी आती है मसाला तैयार करने की, इसके लिए सरसों के तेल को अच्छी तरह गर्म करके धुआं निकलने तक पकाया जाता है और फिर ठंडा होने के लिए अलग रख दिया जाता है. मसाले में लाल मिर्च पाउडर, हल्दी, नमक, मेथी दाना और थोड़ी-सी हींग मिलाई जाती है. चाहें तो स्वाद बढ़ाने के लिए सरसों के दाने भी हल्का मोटा कूटकर मिलाए जा सकते हैं.
जब तेल हल्का गुनगुना रह जाए, तब इस मसाले को तेल में मिलाकर तैयार मिश्रण बनाया जाता है. अंत में उबले हुए सिंघाड़ों को इस मसाले में अच्छे से मिलाया जाता है, ताकि हर सिंघाड़े पर मसाला समान रूप से लग जाए. इसके बाद अचार को कांच की बोतल में भरकर 2–3 दिनों तक धूप में रखा जाता है. धूप पड़ते ही अचार का रंग और स्वाद दोनों निखर जाते हैं, और कुछ ही दिनों में यह खाने के लिए तैयार हो जाता है. सर्दियों की थाली में परोसा जाने वाला यह सिंघाड़े का अचार, चाहे पराठों के साथ हो या भोजन के साथ, इसका स्वाद भोजन को खास बना देता है.
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Hello I am Monali, born and brought up in Jaipur. Working in media industry from last 9 years as an News presenter cum news editor. Came so far worked with media houses like First India News, Etv Bharat and NEW…और पढ़ें
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