Last Updated:
Delhi Famous Litti Chokha: देवेंद्र ने जब 90 हजार की नौकरी छोड़कर लिट्टी-चोखा बनाने और बेचने का फैसला लिया तो सबने उनको बेवकूफ करार दिया. पर देवेंद्र अपने फैसले पर अडिग रहे. आज मिस्टर लिट्टीवालै के नाम से उनका लिट्टी चोखा पूरे देश में फेमस है. पीएम मोदी भी उनके लिट्टी-चोखा के फैन हैं.
बिहार के छपरा के रहने वाले देवेंद्र सिंह ने मिस्टर लिट्टी वाले की शुरुआत साल 2010 में की थी और साल 2011 में पहली बार प्रगति मैदान के ट्रेड फेयर में इन्होंने छोटा सा स्टॉल लगाकर लोगों को बिहार का पारंपरिक खाना लिट्टी चोखा खिलाया था. इन्होंने 90000 रुपये की नौकरी छोड़कर लिट्टी चोखा बेचना शुरू किया था.
शुरुआत में तो लोगों ने उन्हें पागल समझा, लेकिन आज उनका टर्नओवर करोड़ों रुपये है. सबसे बड़ी बात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इनके लिट्टी चोखा के स्वाद के दीवाने हैं. दिल्ली के मॉल से लेकर सड़क और इंडिया गेट तक मिस्टर लिट्टी वाले के यहां आपने लिट्टी चोखा का स्वाद तो जरूर चखा होगा. मिस्टर लिट्टी वाले नाम के पीछे बिहार के छपरा के रहने वाले देवेंद्र सिंह हैं.
वर्तमान में पूरे दिल्ली में मिस्टर लिट्टी वाले की एक ब्रांच विनोद नगर, दूसरी ब्रांच इंडिया गेट और तीसरी ब्रांच लक्ष्मी नगर के बड़े से मॉल में है. आज मॉल के अंदर मिस्टर लिट्टी वाला बड़े से बड़े ब्रांड को टक्कर दे रहे हैं और बड़े-बड़े ब्रांड के बीच में लोग मिस्टर लिट्टी वाले का देसी लिट्टी चोखा खाने आ रहे हैं. देवेंद्र सिंह ने बताया कि उनका सपना है कि वह मिस्टर लिट्टी वाले को इंटरनेशनल करें यानी इसे विदेशों में भी बेचें और अगले दो साल में वह मिस्टर लिट्टी वाले को विदेशों में बेचने लग जाएंगे.
Add Bharat.one as
Preferred Source on Google
उन्होंने बताया कि विदेश के लोगों को भी लिट्टी चोखा का स्वाद चखाएंगे, तैयारी चल रही है. इसी के साथ फ्रेंचाइजी के लिए भी लोगों की भारी डिमांड होने के बावजूद वह नहीं दे रहे हैं, क्योंकि जब इंटरनेशनल ब्रांड मिस्टर लिट्टी वाला बन जाएगा तब वह लोगों को फ्रेंचाइजी देंगे. देवेंद्र सिंह ने बताया कि उन्होंने होटल मैनेजमेंट का कोर्स किया था. पत्नी सरकारी बैंक में अफसर हैं.
उन्होंने बताया कि पूरा परिवार अच्छी नौकरी वाला है. देवेंद्र सिंह खुद भी 90,000 रुपए की नौकरी कर रहे थे, लेकिन एक बार जब उन्होंने देखा कि दिल्ली के बड़े से बड़े मॉल और हर जगह पर फास्ट फूड और बड़े ब्रांड बिक रहे हैं, लेकिन बिहार का पारंपरिक खाना लिट्टी चोखा गायब है तो यहीं से कई रात वह सो नहीं पाए और उन्होंने 90,000 की नौकरी छोड़कर लिट्टी बेचने का प्लान किया.
इस दौरान परिवार वालों को लगा कि उनके घर का बेटा पागल हो गया है और नाक कटवा देगा, क्योंकि जिस समाज से वह आते हैं, उस समाज में ऐसा काम अच्छा नहीं माना जाता. इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और लिट्टी चोखा बेचते-बेचते आज देवेंद्र सिंह का टर्नओवर करोड़ों में है. देवेंद्र सिंह कहते हैं कि लिट्टी चोखा सेहत के लिए बेहद फायदेमंद है.
उन्होंने बताया कि यह सिर्फ आटा, सत्तू, बैंगन, प्याज और टमाटर की सब्जी और सरसों की चटनी के साथ खाया जाता है. इससे पेट भी भर जाता है. देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भारतीय जनता पार्टी के नेता मनोज तिवारी और रविशंकर प्रसाद समेत बिहार का हर एक नेता उनके लिट्टी चोखा का स्वाद चख चुके हैं.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
https://hindi.news18.com/photogallery/lifestyle/recipe-mister-littiwale-devendra-singh-crore-turnover-pm-loves-taste-local18-ws-l-10102478.html
