Home Food Delhi Famous Kebab: 70 साल पुरानी है यह सबसे स्वादिष्ट कबाब की...

Delhi Famous Kebab: 70 साल पुरानी है यह सबसे स्वादिष्ट कबाब की दुकान, यहां स्वाद लेने के लिए मुंबई से आते हैं सेलिब्रिटी

0
3


दिल्ली: पुरानी दिल्ली को दिल्ली-6 के नाम से भी जाना जाता है. यहां पर कई मशहूर इमारतें, बाजार और दुकाने हैं. यहां दुकानों पर मिलने वाले कई स्वादिष्ट व्यंजन पुरानी दिल्ली की पहचान भी हैं. यहीं पर कुरैशी कबाब कॉर्नर के नाम से एक दुकान है. यहां का कबाब खाने के लिए भीड़ उमड़ पड़ती है. सिर्फ दिल्ली से नहीं, बल्कि अन्य राज्यों से आए हुए लोग और मुंबई के भी कई बड़े सेलिब्रिटी भी यहां आकर लजीज कबाब खा चुके हैं. हाल ही में कुछ महीने पहले स्टैंड अप कॉमेडियन मुनव्वर फारूकी, आईपीएल में बड़ा नाम कमा चुके अब्दुल समद और इमरान मलिक भी आकर इनके यह लजीज कबाब खा चुके हैं.

दुकान के मालिक मोहम्मद इरशाद कुरैशी ने बताया कि यह दुकान 70 साल पुरानी है और वह खुद इस दुकान पर 26 साल से काम कर रहे हैं. इनके स्वाद के राज के बारे में पूछने पर इनका कहना था कि यह काफी कम मसाले इस्तेमाल करते हैं. ताकि बच्चे और बड़े भी आराम से इनके कबाब खा सकें. इनके यहां कई तरह के कबाब मिलते हैं. जैसे कि बड़े का कबाब, मटन के कबाब और चिकन कबाब.

यह है इनके रेट
कबाब के अलावा इनके यहां पर आप चिकन टिक्का, चिकन मलाई टिक्का भी खा सकते हैं. इनके बड़े के कबाब का रेट 160 रुपए, चिकन कबाब 200 रुपए और मटन कबाब का रेट 240 रुपए है. जिसमें आपको पर प्लेट 4 पीस खाने को मिल जाएंगे.

वहीं, ग्राहक फराज ने बताया कि वह यहां 2012-13 में आए थे और उन्हें पहली बार यहां 1 घंटा रुककर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा था. डॉक्टर जीशान का कहना था कि वह यहां 4-5 साल से लगातार आ रहे हैं.

जानें कैसे पहुंचे दुकान पर
यदि आपको भी यहां पर आकर इस कबाब का मजा लेना है, तो वॉयलेट लाइन पकड़कर जामा मस्जिद मेट्रो स्टेशन पर उतरकर गेट नंबर 1 से बाहर आकर थोड़ी ही दूर चलने पर कुरेशी कबाब कॉर्नर दिख जाएगा. यह दुकान हफ्ते के सातों दिन खुली रहती है. दोपहर 2:00 बजे से लेकर रात 12:00 बजे के बीच में आप कभी भी यहां पर जा सकते हैं.


.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.

https://hindi.news18.com/news/delhi-ncr/famous-qureshi-kebab-corner-celebrities-mumbai-come-eat-food-recipe-local18-8768268.html

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Exit mobile version