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Winter Special Kannauj Food: सर्दियों में खास पसंद की जाती है कन्नौज की ये चिक्की, स्वाद के साथ देती है सेहत

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कन्नौज: इत्र नगरी केवल इत्र के लिए नहीं मशहूर है बल्कि यहां की खास पट्टी भी लोग खूब पसंद करते हैं. विशेषकर सर्दियों के मौसम में मिलने वाली चिक्की पट्टी स्वाद में तो बेहतरीन होती ही है साथ ही सेहत के लिए भी बढ़िया होती है. ये गुड़ और मूंगफली के दानों से बनती है और लोग इसे पैक कराकर बड़ी मात्रा में अपने घर भी ले जाते हैं. इसे एक महीने तक स्टोर कर सकते हैं, ये खराब नहीं होती और मीठा खाने के शौकीन लोगों को नुकसान भी नहीं करती.

कैसे बनती ये चिक्की
यूं तो कई दुकानों पर चिक्की पट्टी मिलती है पर कलावती गट्टा भंडार की ये दुकान पिछले 100 साल से भी ज्यादा समय से ये काम कर रही है. अब यहां चौथी पीढ़ी के लोग इस परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं. सर्दियों के मौसम में इस दुकान पर गुड़ वाली चिक्की और पट्टी बनाने का काम शुरू होता है, जो करीब तीन से चार महीने तक चलता है. यह चिक्की और पट्टी पूरी तरह हाथ से बनाई जाती है, इसमें मशीन का कोई इस्तेमाल नहीं होता.

इसे तैयार करने की प्रक्रिया बहुत ही सफाई और ध्यान से की जाती है. सबसे पहले गुड़ की चाशनी तैयार की जाती है. जब चाशनी ठंडी हो जाती है, तो उसे एक बड़ी कढ़ाई में डाला जाता है और उसमें मूंगफली मिलाई जाती है. इस मिश्रण को एक बड़े रोल की तरह आकार दिया जाता है.

इसके बाद इसे साफ-सुथरी सतह पर फैलाकर बड़े बेलन से बेलकर बराबर आकार में काटा जाता है. इसके लिए खास सांचों का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे इसे बिस्किट के आकार में भी काटा जाता है. यहां पर अलग-अलग क्वालिटी की चिक्की तैयार की जाती है. सबसे अच्छी क्वालिटी की पट्टी के लिए बड़े और बेहतरीन मूंगफली के दानों का इस्तेमाल किया जाता है.

क्या रहता रेट, कहां जाती है
इस चिक्की गुड़ वाली पट्टी के रेट अलग-अलग होते हैं. ये ₹80 से शुरू होकर ₹100 किलो तक होती है. इसकी क्वालिटी पर भी रेट निर्धारित होते हैं. मोटे और बड़े दाने वाली चिक्की पट्टी के रेट 100 से ₹120 किलो तक रहते हैं. वहीं इसकी डिमांड कन्नौज सहित आसपास के करीब 10 जिलों में बहुत ज्यादा रहती है. आज के समय में देसी मिठाई के रूप में भी यह जानी जाती है. लोग खाना खाने के बाद मिठाई की जगह इसको खाना पसंद करते हैं, जिससे खाना अच्छे से डाइजेस्ट हो जाता है.

क्या बोले कारोबारी
कारोबारी सक्षम वैश्य बताते हैं कि वे चिक्की पट्टी बनाने का काम काफी समय से कर रहे हैं. चिक्की पट्टी नवंबर माह से शुरू होकर फरवरी के अंतिम समय तक बनती है. यह खास किस्म की पट्टी मिठास के लिए जानी जाती है. लोग मिठाई की जगह अब इस पट्टी का प्रयोग करने लगे हैं. ये खाने में यह बहुत ही स्वादिष्ट रहती है और स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद रहती है. इसका रेट भी बहुत ज्यादा नहीं रहता जिस कारण लोग इसको खूब पसंद करते हैं. चीनी की अपेक्षा गुड़ शरीर के लिए फायदेमंद होता है, इस पट्टी में गुड़ का ही प्रयोग सबसे ज्यादा होता है.


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https://hindi.news18.com/news/lifestyle/recipe-chikki-winter-special-food-made-from-jaggery-peanuts-favourite-of-local-people-local18-8877704.html

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