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कोरोना से लंबे समय तक परेशान लोगों के दिमाग में होने लगी सूजन, याददाश्त और एकाग्रता में भारी कमी रिसर्च में चौंकाने वाला खुलासा

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Brain Swelling in Long Covid Patients: ग्रीफिन यूनिवर्सिटी की एक स्टडी में पाया गया है जो लोग कोरोना के कारण लंबे समय तक परेशान रहे उनमें याददाश्त और कंस्ट्रेशन की समस्या हो रही है. इसके लिए सूजन जिम्मेदार है.

कोरोना से लंबे समय तक परेशान लोगों के दिमाग में होने लगी सूजन

लॉन्ग कोविड से होने वाली परेशानी.

Brain Swelling in Long Covid Patients: कोरोना ने पूरी मानव सभ्यता को उलट पुलट कर रख दिया. जिसने कोरोनी की बीमारी को झेला वो उस दुख को ज्यादा बेहतर तरीके से समझ सकता है. अधिकांश लोगों को कोरोना के कारण बहुत ज्यादा दिनों तक परेशानी उठानी पड़ी. उसे लोंन्ग कोविड पेशेंट कहा जाता है. जिन लोगों को लंबे समय तक कोरोना की परेशानी बनी रही उनमें स्वाद, गंध और यहां तक कि याददाश्त की समस्या आने लगी है. अब एक स्टडी में दावा किया जा रहा है कि लोंन्ग कोविड मरीजों के दिमाग में सूजन होने लगी है जिसके कारण उन्हें याददाश्त से जुड़ी समस्याएं आ रही है. ग्रिफिथ यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने अपने अध्ययन में पाया है कि दिमाग के हिप्पोकैंपस वाले एरिया में सूजन के कारण लोगों को याददाश्त और कंस्ट्रेशन की समस्या आ रही है.

हिप्पोकैंपस एरिया में सूजन
वैज्ञानिकों ने बताया कि जिस तरह की दिमाग में परिवर्तन कोरोना से लंबे समय तक पीड़ित रहे लोगों में देखा गया ठीक उसी तरह की चीज मायलजिक इंसेफ्लाइटिस या क्रोनिक फेटिक सिंड्रोम वाली मरीजो में भी पाई जाती है. इनके दिमाग में हिप्पोकेंपस बड़ा हो जाता है और कोशिकाओं में सूजन होने लगती है. शोधकर्ताओं ने इसके लिए लोंन्ग कोविड से पीड़ित 17 लोगों के दिमाग का हाई रिज्योल्यूशन एमआरआई कर उनके दिमाग का अध्ययन किया. इसके साथ ही मायलजिक इंसेफ्लाइटिस और क्रोनिक फेटिक सिंड्रोम से पीड़ित 29 मरीजों का भी इसी तरह का परीक्षण किया गया. इसके बाद दोनों तरह के मरीजों के दिमाग में आए परिवर्तन की तुलना की गई. वैज्ञानिकों ने खराब एकाग्रता, खराब नींद, शरीर में दर्द, थकान और दिमाग के हिप्पोकैंपस के साइज के बीच एक संबंध पाया. स्टडी के लेखक मार्शल ग्रेडिसनिक ने बताया कि दोनों तरह के मरीजों के दिमाग में हिप्पोकेंपल वॉल्यूम में अंतर हो जाता है. इससे याददाश्त की दिक्कत होने लगती है और किसी चीज पर फोकस करने में परेशानी होत है. साथ ही ऐसे मरीज किसी चीज पर देर से प्रतिक्रिया देते हैं. मतलब अगर आप इनसे कुछ पूछे तो इसका जवाब देने में वह कुछ सेकेंड देर लगाता है.

नए तरह से इलाज किया जाएगा
शोधकर्ताओं ने यह महसूस किया गया कि अगर बड़ा हिप्पोकैंपस ह तो इसका मतलब न्यूरोजेनेसिस हो सकता है. इससे नए न्यूरोन बनने लगता है या दिमाग में वायरस हो सकते हैं. जिन लोगों को लंबे समय तक कोरोना की परेशानी रही है उनमें याद न रहने और कई तरह की मानसिक समस्याएं आ रही है. ऐसे लोगों को किसी चीज पर ध्यान केंद्रित करने में भी दिक्कतें हो रही है. वहीं नींद में भी परेशानी हो रही है. महिलाएं और युवाओं में ऐसे मामले ज्यादा आए हैं. हालांकि कुछ अध्ययनों में कहा गया है कि ये परेशानियां साल-दो साल में ठीक होने लगी है. इस अध्ययन से कोरोना के मरीजों में इस तरह की समस्याओं का इलाज बेहतर तरीके से हो सकेगा. ऐसी दवा दी जाएगा जिससे दिमाग की सूजन जल्द से जल्द खत्म हो जाएगी.

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कोरोना से लंबे समय तक परेशान लोगों के दिमाग में होने लगी सूजन


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https://hindi.news18.com/news/lifestyle/health-study-says-brain-swelling-in-long-covid-patients-cause-of-memory-loss-sleep-problem-9029283.html

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