भारत में गेहूं और चावल दोनों ही हमारी रोजमर्रा की थाली का अहम हिस्सा हैं. लगभग हर घर में रोटी और चावल बनाए जाते हैं. ज्यादातर लोग या तो रोटी खाते हैं या चावल और बहुत से लोग दोनों को एक साथ भी खा लेते हैं, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि रोटी और चावल में से कौन-सा सेहत के लिए ज्यादा नुकसानदायक हो सकता है? और क्या दोनों को एक साथ खाना सही है? इन्हीं सवालों के जवाब जानने के लिए Bharat.one की टीम ने डॉक्टर रिद्धि पांडेय से बातचीत की, जिन्होंने डाइट और पाचन से जुड़ी कई जरूरी जानकारियां साझा की.
गलत डाइट है बीमारियों का कारण
डॉक्टर रिद्धि पांडेय ने बताया कि गेहूं और चावल दोनों ही अपने-अपने आप में संपूर्ण आहार हो सकते हैं, लेकिन समस्या तब शुरू होती है, जब इन्हें गलत तरीके से और गलत मात्रा में खाया जाता है. बहुत से लोग यह नहीं जानते कि इन्हें कब, कैसे और कितनी मात्रा में खाना चाहिए. यही कारण है कि कई बीमारियों की जड़ हमारी रोज की डाइट बन जाती है. लोग अक्सर कहते हैं कि वे बाहर का खाना नहीं खाते, घर में भी ज्यादा तेल-मसाला नहीं लेते, फिर भी उन्हें दिक्कतें हो रही है, ऐसे में आर्थराइटिस, जोड़ों का दर्द, डायबिटीज, किडनी या लिवर से जुड़ी समस्याएं सामने आने लगती हैं.
एक साथ नहीं खाएं गेहूं और चावल
डॉक्टर ने बताया कि गेहूं और चावल को एक साथ खाने से बचना चाहिए. दोनों का पाचन तंत्र अलग-अलग तरह से काम करता है. जब हम रोटी और चावल एक ही थाली में एक साथ खाते हैं, तो पाचन तंत्र पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है. इससे गैस, एसिडिटी, पेट फूलना, कब्ज जैसी समस्याएं हो सकती हैं. लंबे समय तक ऐसा करने से शरीर में सूजन और अन्य गंभीर दिक्कतें भी हो सकती हैं.
एक समय में 3 रोटी होती हैं पर्याप्त
डॉ रिद्धि ने बताया कि एक समय में 2 से 3 रोटी पर्याप्त होती हैं. इससे ज्यादा रोटी खाने पर वह आसानी से नहीं पचती और पेट में भारीपन महसूस होने लगता है. खासकर शहरी जीवनशैली में, जहां फिजिकल एक्टिविटी कम होती है, ज्यादा रोटी खाना नुकसानदायक हो सकता है. इसके उलट, गांवों में रहने वाले लोग ज्यादा मेहनत-मजदूरी करते हैं, उनकी शारीरिक गतिविधि काफी ज्यादा होती है, इसलिए उनका पाचन तंत्र मजबूत होता है. वे भारी भोजन भी आसानी से पचा लेते हैं.
सेहत के लिए सही नहीं है यह आदत
डॉक्टर ने यह बताया कि शहरी लोग अक्सर थाली को सुंदर और भरा-भरा दिखाने के चक्कर में एक ही समय पर कई तरह के व्यंजन परोस लेते हैं. रोटी, चावल, सब्जी, दाल, रायता, मिठाई और न जाने क्या-क्या. यह आदत सेहत के लिए सही नहीं है. खाने का उद्देश्य सिर्फ पेट भरना नहीं, बल्कि शरीर को सही पोषण देना होना चाहिए. इसलिए थाली में वही रखें, जितनी जरूरत हो और जो शरीर के लिए फायदेमंद हो.
सीमित मात्रा में खाना चाहिए चावल
चावल के मामले में भी सावधानी जरूरी है. डॉक्टर ने बताया कि चावल को सीमित मात्रा में ही खाना चाहिए. खासकर सफेद चावल का ग्लाइसेमिक इंडेक्स ज्यादा होता है, जिससे ब्लड शुगर तेजी से बढ़ता है. इसलिए डायबिटीज के मरीजों को सफेद चावल से खास तौर पर परहेज करने की सलाह दी जाती है. चावल पकाने के बाद उसका अतिरिक्त पानी निकाल देना चाहिए, ताकि उसमें मौजूद अतिरिक्त स्टार्च कम हो सके.
रात का भोजन होना चाहिए हल्का
डाइट को लेकर डॉक्टर रिद्धि पांडेय ने शहरी लोगों के लिए एक सरल दिनचर्या सुझाया और कहा कि सुबह का भोजन सबसे महत्वपूर्ण होता है. सुबह 10 बजे तक पेट भरकर लेकिन संतुलित भोजन कर लेना चाहिए. अगर सुबह आप रोटी खा रहे हैं, तो चावल बिल्कुल न लें. दोपहर में हल्का भोजन करें, जिसमें आप सिर्फ चावल ले सकते हैं, लेकिन रोटी और चावल दोनों को एक साथ न खाएं. दिन के बीच में फल, मखाना, लावा जैसे हल्के और हेल्दी स्नैक्स लिए जा सकते हैं. रात का भोजन बहुत हल्का होना चाहिए, ताकि पाचन तंत्र को आराम मिल सके.
पार्टी में खुद पर कंट्रोल रखना जरूरी
अक्सर देखा गया है कि लोग रोजमर्रा की डाइट में तो थोड़ा बहुत ध्यान रखते हैं, लेकिन पार्टी या फंक्शन में खुलकर खाते हैं. इसपर डॉक्टर ने कहा कि पार्टी में भी खुद पर कंट्रोल रखना बेहद जरूरी है. जरूरत से ज्यादा खाने की वजह से ही पार्टी के बाद सुस्ती, गैस, पेट दर्द, कब्ज या एसिडिटी जैसी समस्याएं होती हैं. कई बार गैस का दर्द इतना तेज होता है कि लोगों को हार्ट अटैक का शक होने लगता है, जबकि असल में वह दर्द पेट की गड़बड़ी की वजह से होता है.
सेहतमंद रहने के लिए जरूरी है संतुलन
वहीं, डॉक्टर रिद्धि पांडेय ने बताया कि सेहतमंद रहने के लिए सबसे जरूरी है संतुलन. चाहे गेहूं हो या चावल, दोनों ही पूरी तरह से गलत नहीं हैं. गलत है तो उनका गलत समय पर, गलत मात्रा में और गलत संयोजन में सेवन करना. अगर आप गेहूं या चावल में से किसी एक को एक समय में चुनते हैं, मात्रा पर ध्यान देते हैं और अपनी फिजिकल एक्टिविटी के अनुसार डाइट तय करते हैं, तो कई बीमारियों से खुद-ब-खुद बचा जा सकता है.
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https://hindi.news18.com/news/lifestyle/health-roti-vs-rice-which-is-better-for-health-doctors-advice-on-eating-wheat-and-rice-together-local18-10121277.html
