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Chirchita Health Benefits: साधारण दिखने वाला चिरचिटा पौधा आयुर्वेद का चमत्कारी औषधीय पौधा है. यह जोड़ों के दर्द. सूजन. किडनी स्टोन. पेशाब की रुकावट और त्वचा रोगों में बेहद लाभकारी है. जड़ का पाउडर. पत्तों का रस और लेप—तीनों रूपों में इसका उपयोग किया जा सकता है.
नागौर. आयुर्वेद में ऐसे कई पौधे वर्णित हैं. जिन्हें हम रोज देखते तो हैं लेकिन उनके गुणों से अनजान रहते हैं. इन्हीं में से एक है चिरचिटा. जिसे आयुर्वेद में अपामार्ग कहा जाता है. पतला. ऊँचा और छोटे–छोटे काँटेदार बीजों वाला यह पौधा रास्तों. खेतों और झाड़ियों के पास आसानी से मिल जाता है. साधारण सा दिखने वाला यह पौधा असल में कई रोगों का प्राकृतिक और बेहद असरदार उपचार है.
जोड़ों के दर्द और सूजन में बेहद लाभकारी
हेल्थ एक्सपर्ट डॉ. अंजु चौधरी बताती हैं कि चिरचिटा की जड़ का पाउडर जोड़ों के दर्द और सूजन में रामबाण है. जड़ को सुखाकर बनाया गया इसका पाउडर शरीर की सूजन कम करता है और पुराने दर्द को धीरे–धीरे कम करता है. गठिया के शुरुआती मामलों में भी यह राहत देने का काम करता है.
पेशाब की रुकावट और जलन में तुरंत आराम
चिरचिटा की पत्तियों का रस मूत्रवर्धक गुणों से भरपूर है. इसे सेवन करने पर.
- पेशाब की रुकावट दूर होती है.
- जलन और दर्द में कमी आती है.
- यूरिन फ्लो सामान्य हो जाता है.
यह किडनी को सक्रिय कर शरीर के टॉक्सिन बाहर निकालने में मदद करता है.
किडनी स्टोन को तोड़ने और पिघलाने में कारगर
डॉ. चौधरी बताती हैं कि चिरचिटा का रस या जड़ का पाउडर किडनी स्टोन के छोटे कणों को तोड़ने में सहायक होता है. यह मूत्रमार्ग को साफ करता है और पथरी को प्राकृतिक रूप से बाहर निकालने में मदद करता है. स्टोन की समस्या वाले मरीजों के लिए यह एक भरोसेमंद घरेलू उपचार है.
त्वचा रोगों में असरदार घरेलू उपचार
चिरचिटा का लेप दाद–खाज. फोड़े–फुंसी और कीड़े के काटने से हुई सूजन में काफी राहत देता है. इसकी जड़ या पत्तियों को पीसकर बनाए गए पेस्ट को त्वचा पर लगाने से सूजन कम होती है और घाव जल्दी भरते हैं. इसके एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण त्वचा रोगों में सहायक होते हैं.
पाचन तंत्र को करता है मजबूत
चिरचिटा का पाउडर कब्ज. गैस और अपच की समस्या में फायदेमंद है. यह पेट की सफाई करता है और पाचन तंत्र को प्राकृतिक रूप से सक्रिय रखता है. इसके नियमित सेवन से पाचन संबंधी शिकायतें कम होती हैं.
चिरचिटा का सेवन और उपयोग कैसे करें
ग्रामीण शारदा देवी बताती हैं कि चिरचिटा का उपयोग तीन मुख्य तरीकों से किया जाता है—
- जड़ का पाउडर. जड़ को सुखाकर बारीक पीसें. रोज़ 1 चम्मच गुनगुने पानी के साथ लें.
- पत्तों का रस. ताज़ी पत्तियों को पीसकर रस निकालें. 1–2 चम्मच पानी में मिलाकर पिएँ.
- लेप. पत्तियों या जड़ का पेस्ट बनाएँ और प्रभावित त्वचा स्थान पर लगाएँ.
चिरचिटा एक उपेक्षित लेकिन अत्यंत उपयोगी औषधीय पौधा है. जोड़ों के दर्द. किडनी स्टोन. सूजन. त्वचा रोग और पाचन समस्याओं में इसके फायदे अविश्वसनीय हैं. सही तरीके से उपयोग करने पर यह घर की आयुर्वेदिक दवाई बन सकता है.
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