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Health Tips: देखने में साधारण और कांटेदार, लेकिन इसके अंदर छुपा है लीवर के लिए असली खजाना. मिल्क थीसल लीवर की कोशिकाओं की रक्षा करता है, शरीर से विषाक्त पदार्थ निकालता है और सेहत को कई तरह से सुधारता है. क्या आप जानते हैं कि यह जड़ी-बूटी सिर्फ लीवर ही नहीं, बल्कि आपकी त्वचा, पाचन और ऊर्जा का भी रखवाला है.
अक्सर हम कांटेदार पौधे को देखकर यहीं सोचते हैं कि इसको छूने से हमें काटा चुभ सकता है. लेकिन यह वास्तव में कई कांटेदार पौधे हमारी सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होता है. इनमें सेहत का खजाना छिपा हुआ होता है. ऐसा ही एक पौधा है मिल्क थीसल, यह एक औषधि कांटेदार पौधा है. पुराने लोग इसे जड़ी बूटी वाला कांटा कहते हैं क्योंकि इसके कांटे जितने खतरनाक दिखते हैं इसके फायदे उतने ही जबरदस्त है.
मिल्क थिसल राजस्थान के गांव में सदियों से इस्तेमाल होता आ रहा है .बुजुर्ग लोग कहते हैं कि यह पौधा जितना कांटेदार है उतना ही शरीर के लिए अच्छा है. मिल्क थीसल के प्रमुख लाभों में लिवर का स्वास्थ्य सुधारना, शरीर को डिटॉक्सिफाई करना और एंटीऑक्सीडेंट गुण प्रदान करना शामिल है.
यह त्वचा के स्वास्थ्य को भी बढ़ावा देता है, कोलेस्ट्रॉल को कम कर सकता है और इंसुलिन प्रतिरोध को कम करने में मदद कर सकता है. इसके अलावा इसमें सूजन रोधी गुण होते हैं जो कुछ कैंसर और एलर्जी अस्थमा के लक्षणों को कम करने में सहायक हो सकते हैं.
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आयुर्वेदिक डॉक्टर मुकेश शर्मा ने बताया कि यह सिर्फ एक पौधा नहीं है, बल्कि स्वास्थ्य के लिए खजाना है. खास तौर पर यह लीवर स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभकारी होता है. मिल्क थीसल लीवर की कोशिकाओं की रक्षा करता है और उन्हें क्षति से बचाता है. यह फैटी लिवर हेपेटाइटिस और सिरोसिस जैसी लीवर की बीमारियों के लिए सहायक उपचार के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है.
उन्होंने बताया कि मिल्क थीसल लीवर को डिटॉक्स करने और शरीर से विषाक्त पदार्थ को निकालने में मदद करता है. इसमें मौजूद सिलीमारीन एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट है जो शरीर को फ्री रेडिकल से होने वाले नुकसान से बचाता है. इसके साथ ही यह त्वचा स्वास्थ्य के लिए भी काफी फायदेमंद है.अपने एंटीऑक्सीडेंट और सूजन रोधी गुणों के कारण यह मुंहासे और अन्य त्वचा समस्याओं को कम करने में सहायक होता है.
यह पौधा कांटेदार और मजबूत होता है. इसकी जड़े सुगंधित और औषधिय गुणों से भरपूर होती है. इसकी जड़ों को धूप में सुखाकर लंबे समय तक रखा जा सकता है.गांव के लोग इसे खेत से ताजा काटकर इस्तेमाल करना पसंद करते हैं क्योंकि तब इसके असर सबसे ज्यादा होते हैं. गांव की महिलाएं कहती है कि अगर चाय में थोड़ी अदरक और पुदीना भी डाल दी जाए तो स्वाद दोगुना बढ़ जाता हैं. इसकी चाय पीने से पेट हल्का रहता है और रोगों से बचाव भी होता है.
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https://hindi.news18.com/photogallery/lifestyle/health-health-benefits-of-milk-thistle-plant-local18-ws-kl-10113714.html
