Home Lifestyle Health शतावरी के फायदे आयुर्वेद में, उपयोग और सेवन का सही तरीका जानें.

शतावरी के फायदे आयुर्वेद में, उपयोग और सेवन का सही तरीका जानें.

0
0


Last Updated:

शतावरी, एक शक्तिशाली आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी, मानव स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी है. आयुर्वेद में हजारों वर्षों से इसका उपयोग विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं के समाधान के लिए किया जाता रहा है, और इसके आधार पर अनेक औषधियाँ भी बनाई जाती हैं.

प्रकृति में ऐसे अनेकों पेड़ पौधे पाए जाते हैं जो मानव शरीर के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं, ऐसा ही एक पौधा है शतावरी, यह एक शक्तिशाली आयुर्वेदिक जड़ी बूटी है. आयुर्वेद में हजारों सालों से स्वास्थ्य समस्याओं के समाधान के लिए इसका उपयोग किया जा रहा है. आयुर्वेदिक डॉक्टर नरेंद्र कुमार ने बताया कि शतावरी के उपयोग से आयुर्वेद में अनेकों आयुर्वेदिक दवा भी बनाई जाती है.

उन्होंने बताया कि, शतावरी को आमतौर पर इसके पाउडर , कैप्सूल या फिर काढ़े के रूप में लिया जा सकता है. सबसे आम तरीका है एक चम्मच शतावरी पाउडर को एक गिलास गर्म दूध के साथ मिलाकर सेवन किया जाता है. इसमें शहद या गुड़ भी मिलाया जा सकता है. इसका सेवन सुबह नाश्ते के बाद या फिर रात को सोने से पहले किया जा सकता है.

आयुर्वेदिक डॉक्टर ने बताया कि शतावरी के फायदे अनेक हैं. यह तनाव और चिंता को कम करने में मददगार है और अनिद्रा की समस्या को दूर करती है. पुरुषों और महिलाओं दोनों में प्रजनन क्षमता बढ़ाने और हार्मोन्स को संतुलित करने में भी फायदेमंद है. यह रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करती है, पाचन तंत्र को दुरुस्त रखती है और शरीर से विषैले पदार्थों को बाहर निकालने में सहायक है. इसके अलावा, यह त्वचा में निखार लाती है और बालों के स्वास्थ्य के लिए भी उत्तम मानी जाती है.

Add Bharat.one as
Preferred Source on Google

आयुर्वेदिक डॉक्टर नरेंद्र कुमार ने बताया कि शतावरी एक सुरक्षित और गुणकारी जड़ी बूटी है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि इसे बिना सोचे-समझे लिया जाए. इसकी तासीर ठंडी होती है, इसलिए सर्दियों में इसके सेवन पर थोड़ा ध्यान देने की जरूरत है. किसी भी हर्बल सप्लीमेंट की तरह, शतावरी को भी सही मात्रा और सही तरीके से ही लेना चाहिए.

उन्होंने बताया कि, शतावरी एक झाड़ीदार पौधा है जिसकी जड़ों का इस्तेमाल औषधि के रूप में किया जाता है. इसे हर्बल रैजूविनेटर भी कहा जाता है क्योंकि यह शरीर को ऊर्जा और स्फूर्ति प्रदान करती है.आयुर्वेद में इसे रसायन जड़ी बूटी माना गया है, जो न सिर्फ शारीरिक बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद है.

आयुर्वेदिक डॉक्टर के अनुसार, शतावरी स्वास्थ्य को बेहतर बनाने की क्षमता रखती है. महिलाओं के हार्मोन संतुलन, स्तनपान कराने वाली माताओं में दूध वृद्धि और शरीर की कमजोरी दूर करने में विशेष रूप से फायदेमंद मानी जाती है. यह प्राकृतिक रूप से शरीर को पोषण देती है, थकान कम करती है और आंतों की सूजन जैसी समस्याओं में राहत पहुंचाती है.

न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।
homelifestyle

जानिए शतावरी के फायदे आयुर्वेद में, उपयोग और सेवन का सही तरीका


.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.

https://hindi.news18.com/photogallery/lifestyle/health-health-benefits-of-shatawari-local18-ws-kl-9910791.html

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Exit mobile version