Brain 4 Phase: हमारा ब्रेन कुदरत की कारीगरी का अनमोल उपहार है. यह हर काम ऑटोमोटिक मोड में करता है. अक्सर हमारी सोच होती है कि हमारी उम्र जैसे-जैसे बढ़ती है, वैसे-वैसे हमारे दिमाग की क्षमता भी बढ़ जाती है. अगर आप भी ऐसा सोचते हैं तो आप गलत हैं क्योंकि दिमाग की समझदारी का अलग चरण होता है. वैज्ञानिकों ने इस राज से पर्दा उठाते हुए दावा किया है कि ब्रेन 32 साल की उम्र तक किशोर अवस्था में ही रहता है. यानी 32 साल की उम्र तक आपके दिमाग में परिपक्वता नहीं आती और समझदारी वयस्कों की तरह नहीं बनती.
32 साल तक मस्तिष्क का किशोरावस्था
मस्तिष्क के 5 अलग-अलग चरण
शोधकर्ताओं ने बताया कि मस्तिष्क अपने 5 चरणों से गुजरता है. यह मुख्यता चार चरण होते हैं लेकिन वृद्धावस्था को दो चरणों में बांट दिया गया है. रिपोर्ट के मुताबिक मस्तिष्क का बचपन जन्म से 9 वर्ष तक रहता है. इसके बाद किशोरावस्था आता है जो 9 से 32 वर्ष तक बना रहता है. 32 साल से 66 साल की उम्र तक मस्तिष्क का प्रौढ़ावस्था आता है. इसके बाद वृद्धावस्था आता है. वृद्धावस्था दो चरणों से गुजरती है. प्रारंभिक वृद्धावस्था 66 से 83 वर्ष तक का और अंतिम वृद्धावस्था 83 वर्ष के बाद आता है. शोध की प्रमुख लेखिका डॉ.अलेक्सा मौस्ली ने बीबीसी से बताया कि मस्तिष्क जिंदगी भर खुद को दोबारा रीवायर करता रहता है. यह हमेशा अपने कनेक्शनों को मजबूत और कमजोर करता रहता है और यह बदलाव कोई एकसमान प्रक्रिया नहीं है इसमें उतार-चढ़ाव और अलग-अलग चरण होते हैं. कुछ लोग का दिमाग इन प्रमुख उम्रों तक दूसरों से पहले या बाद में पहुंच सकते हैं लेकिन शोधकर्ताओं का कहना है कि डेटा में ये उम्र बेहद स्पष्ट रूप से सामने आई है. ये पैटर्न केवल इसलिए उजागर हो सके क्योंकि इस अध्ययन में बड़ी मात्रा में मस्तिष्क स्कैन शामिल थे. यह अध्ययन नेचर कम्युनिकेशंस पत्रिका में प्रकाशित हुआ है.
मस्तिष्क का बचपन वाला चरण- इस पहले चरण में मस्तिष्क तेजी से आकार में बढ़ता है और कोशिकाओं के बीच मौजूद अतिरिक्त कनेक्शनों (जिन्हें सिनेप्स कहा जाता है) को कम करना शुरू करता है. ये कनेक्शन जन्म के समय बड़ी मात्रा में बनते हैं. इस अवस्था में मस्तिष्क की कार्यक्षमता कम हो जाती है. यह कुछ वैसा ही काम करता है जैसे कोई बच्चा पार्क में इधर-उधर बिना दिशा के घूमता हो, जहां मन करे वहां चला जाए. इस अवस्था में सीधे बिंदु A से B तक पहुंचने में असमर्थ होता है.
किशोरावस्था – यह बदलाव नौ वर्ष की उम्र से अचानक शुरू होता है, जब मस्तिष्क में मौजूद कनेक्शनों में बेहद तीव्र और कठोर दक्षता का दौर आता है. डॉ. मौस्ली के अनुसार, यह मस्तिष्क के चरणों के बीच होने वाला सबसे गहरा और बड़ा परिवर्तन है. इसी अवधि में मानसिक स्वास्थ्य विकारों के शुरू होने का सबसे ज्यादा खतरा होता है. यह समय आमतौर पर यौवनारंभ के आसपास शुरू होता है. लेकिन अब यह प्रमाण भी मिलता है कि इसका अंत हमारी पहले की मान्यताओं से कहीं अधिक देर से होता है. पहले इसे सिर्फ किशोर वर्षों तक सीमित माना जाता था. इसके बाद न्यूरोसाइंस ने दिखाया कि यह 20 साल तक जारी रहती है और अब शोध से पता चलता है कि यह 30 साल की शुरुआत तक बढ़ती है. यह मस्तिष्क का एकमात्र चरण है जिसमें न्यूरॉन्स का नेटवर्क और भी अधिक कुशल होता जाता है.
प्रौढ़ावस्था यानी वयस्क– 32 साल की उम्र के बाद मस्तिष्क इसके बाद मस्तिष्क अपने सबसे लंबे और स्थिर चरण में प्रवेश करता है, जो लगभग तीन दशकों तक चलता है. इस दौरान मस्तिष्क में परिवर्तन पहले की तुलना में बहुत धीमे होते हैं लेकिन यहीं हम देखते हैं कि मस्तिष्क की दक्षता में होने वाला सुधार अब धीरे-धीरे उल्टा यानी कम होना शुरू हो जाता है. डॉ. मौस्ली के अनुसार यह परिवर्तन बुद्धिमत्ता और व्यक्तित्व के एक स्थिर स्तर से मेल खाता है जिसे हममें से कई लोग स्वयं में या दूसरों में अनुभव करते हैं.
प्रारंभिक वृद्धावस्था – यह चरण 66 वर्ष की आयु में शुरू होता है लेकिन यह अचानक या तेज़ गिरावट नहीं होती. इसके बजाय मस्तिष्क के कनेक्शनों के पैटर्न में धीरे-धीरे बदलाव आते हैं. पूरे मस्तिष्क की एक साथ समन्वयित कार्यप्रणाली की जगह, मस्तिष्क अब अलग-अलग क्षेत्रों में बंटने लगता है जिनमें प्रत्येक क्षेत्र अपने आप में अधिक मज़बूत जुड़ाव के साथ कार्य करता है.
उन्नत वृद्धावस्था- इसके बाद 83 वर्ष की आयु में हम अंतिम चरण में प्रवेश करते हैं. इस समूह के लिए डेटा कम था क्योंकि स्कैन करने के लिए पर्याप्त स्वस्थ मस्तिष्कों को खोजना मुश्किल था. इस चरण में मस्तिष्क में होने वाले बदलाव प्रारंभिक वृद्धावस्था जैसे ही होते हैं लेकिन अधिक तेजी से होता है.
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