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Brass Water Benefits in Winter: सर्दियों में पीतल के बर्तन में पानी पीना किसी वरदान से कम नहीं है. आयुर्वेदिक डॉक्टर के अनुसार, यह न केवल शरीर की तासीर को गर्म रखता है बल्कि आपके पाचन तंत्र को भी मजबूत बनाता है. पीतल में रखा पानी बैक्टीरिया को मारता है, जिससे सर्दियों में होने वाले गले के इन्फेक्शन और बुखार का खतरा कम होता है. डॉक्टर इसके बारे में विस्तार से बता रहे हैं.
सर्दी शुरू होते ही पानी पीने में बहुत ध्यान रखना चाहिए. ऐसे समय में एक पुरानी परंपरा फिर से हमारी आधुनिक जिंदगी में आ रही है. मतलब, पीतल के बर्तन में पानी रखकर पीना. पीतल कोई शुद्ध धातु नहीं है, ये तांबा और जस्ता का मिश्रण होता है. इसी वजह से पीतल के बर्तन में रखा पानी तांबे के गुण ले लेता है. एक्सपर्ट्स कहते हैं कि ये पानी सर्दियों में शरीर को जरूरी गर्मी देता है.
तांबा पानी को शुद्ध करने की प्राकृतिक क्षमता रखता है, लेकिन पीतल में ये गुण बनाए रखने की ताकत होती है. इन दोनों के मिश्रण से पीतल का पानी न तो बहुत ठंडा होता है और न ही शरीर को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि ये संतुलित रहता है. इसी वजह से पुराने समय से पीतल के टब और बर्तन खूब इस्तेमाल किए जाते हैं. बदलते मौसम में इसे शरीर के लिए सही पानी माना जाता है.
पाचन की समस्याएं, खासकर सर्दियों में आम होती हैं. कब्ज, गैस और पेट में असहजता जैसी परेशानियों में तांबे का पानी राहत देता है, ऐसा आयुर्वेद विशेषज्ञ बताते हैं कि तांबा पाचन तंत्र को एक्टिव करता है और शरीर की अंदरूनी गर्मी को भी बैलेंस करता है. माना जाता है कि तांबे के बर्तन में रखा पानी लगातार पीने से पाचन बेहतर होता है.
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कहा जाता है कि तांबा शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में अहम भूमिका निभाता है. जब तांबे के गुण पीतल के जरिए पानी में मिलते हैं, तो माना जाता है कि यह सर्दियों में होने वाली सर्दी और वायरस संक्रमण से बचाता है. इसलिए यह पानी खासकर बुजुर्ग लोग ज्यादा इस्तेमाल करते हैं. ऐसा माना जाता है कि यह शरीर को अंदर से मजबूत करता है और मौसमी बीमारियों के खतरे को कम करता है.
आयुर्वेद में तांबा को शुद्धता का प्रतीक और पीतल को संतुलन का प्रतीक माना जाता है. तांबा शरीर के दोषों को कंट्रोल करता है और पीतल शरीर की स्थिरता बनाए रखता है. सर्दियों में इन दोनों के मिश्रण से बना पानी शरीर को गर्म और स्वस्थ रखता है, ऐसा आयुर्वेदिक किताबों में बताया गया है. इसी वजह से ये परंपरा पीढ़ी दर पीढ़ी चली आ रही है.
आजकल स्टील और प्लास्टिक के बर्तन ज्यादा इस्तेमाल होते हैं, लेकिन जैसे-जैसे लोग सेहत के बारे में जागरूक हो रहे हैं, वैसे-वैसे वे फिर से प्राकृतिक चीजों की तरफ लौट रहे हैं. लोग केमिकल्स से दूर और नेचुरल तरीके पसंद कर रहे हैं. इसी वजह से सर्दियों में पीतल के बर्तन और टंकी की मांग फिर से बढ़ रही है. अब ये सिर्फ परंपरा नहीं है, बल्कि सेहत के लिए एक समझदारी भरा चुनाव बन गया है.
कुल मिलाकर, सर्दियों में पीतल के बर्तन में रखा पानी शरीर के लिए फायदेमंद माना जाता है और यह पाचन से लेकर इम्यूनिटी तक कई अच्छे असर देता है, ऐसा विशेषज्ञ मानते हैं. लेकिन, यह सभी के लिए सही नहीं होता, ऐसा भी कहा गया है. अपनी सेहत की स्थिति और डॉक्टर की सलाह के हिसाब से ही कोई बदलाव करना चाहिए.
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https://hindi.news18.com/photogallery/lifestyle/health-health-benefits-of-drinking-water-from-brass-vessel-in-winter-ayurveda-tips-hindi-10001274.html
