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Cold Weather Warning: पहाड़ों पर बर्फबारी के कारण मैदानी इलाकों में फिर ठंड बढ़ गई है. मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि अगले कुछ दिनों तक उत्तर भारत के कई राज्यों में कड़ाके की ठंड पड़ सकती है. डॉक्टर्स की मानें तो ठंड बढ़ने पर कुछ लोगों को ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत होती है, ताकि उनकी तबीयत न बिगड़े.
Cold Weather and Health Issues: फरवरी का महीना शुरू हो चुका है, लेकिन उत्तर भारत में सर्दी का दौर अभी जारी है. पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी से मैदानी इलाकों में तापमान में गिरावट हुई है. मौसम विभाग ने अनुमान जताया कि अगले कुछ दिनों तक कई राज्यों में कड़ाके की ठंड पड़ सकती है. अचानक बढ़ती ठंड और ठंडी हवाएं कुछ बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए खतरा बन सकती हैं. ऐसे में अगर इससे बचने की कोशिश नहीं की गई, तो बड़ी मुसीबत पैदा हो सकती है. डॉक्टर्स का साफ कहना है कि इस समय जरा सी लापरवाही भी सेहत को बिगाड़ सकती है. इसलिए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है.
नई दिल्ली के सर गंगाराम हॉस्पिटल के प्रिवेंटिव हेल्थ एंड वेलनेस डिपार्टमेंट की डायरेक्टर डॉ. सोनिया रावत ने Bharat.one को बताया कि सर्दी का सबसे ज्यादा खतरा दिल के मरीजों को होता है. ठंड में ब्लड वेसल्स सिकुड़ जाती हैं, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है और हार्ट अटैक का जोखिम भी बढ़ जाता है. दिल की बीमारी से जूझ रहे लोगों को सुबह-सुबह ठंडी हवा में टहलने से बचना चाहिए, नियमित दवाएं लेनी चाहिए और शरीर को गर्म रखने पर खास ध्यान देना चाहिए. सीने में दर्द, सांस फूलना या अत्यधिक थकान महसूस होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए. हार्ट के मरीज ठंड से बचने की हरसंभव कोशिश करें.
डॉक्टर ने बताया कि जब ठंड बढ़ती है, तब अस्थमा और सांस से जुड़ी बीमारियों के मरीजों को दिक्कत होने लगती है. दरअसल ठंडी हवा के कारण ऐसे मरीजों को सांस लेने में दिक्कत, खांसी और घरघराहट की समस्या होने लगती है. ऐसे मरीजों को मास्क पहनकर बाहर निकलना चाहिए, ठंडी चीजों से परहेज करना चाहिए और डॉक्टर द्वारा दिए गए इनहेलर या दवाएं नियमित रूप से लेनी चाहिए. रात के समय ठंड बढ़ने पर अतिरिक्त सावधानी बरतना जरूरी है.
एक्सपर्ट ने बताया कि ठंड के मौसम में फिजिकल एक्टिविटी कम हो जाती है, जिससे ब्लड शुगर लेवल बिगड़ सकता है. ठंड के कारण हाथ-पैरों में सुन्नता और घावों के देर से भरने की समस्या भी बढ़ जाती है. डायबिटीज के मरीजों को अपने ब्लड शुगर की नियमित जांच करनी चाहिए, संतुलित आहार लेना चाहिए और हल्की-फुल्की एक्सरसाइज को दिनचर्या में शामिल रखना चाहिए. इसके अलावा ठंड बढ़ने पर जोड़ों के दर्द और आर्थराइटिस के मरीजों को समस्या होने लगती है. ठंड के कारण जोड़ों में जकड़न और दर्द बढ़ना कॉमन समस्या है. ऐसे लोगों को गर्म कपड़े पहनने, हल्की स्ट्रेचिंग करने की सलाह दी जाती है.
डॉक्टर रावत ने बताया कि ठंड में शरीर का तापमान बनाए रखने के लिए ब्लड फ्लो में बदलाव होता है, जिससे बीपी अचानक बढ़ सकता है. हाई बीपी के मरीजों को ज्यादा ठंड में बाहर निकलने से बचना चाहिए और नमक का सेवन कम करना चाहिए. इसके अलावा बीपी कंट्रोल करने के लिए तनाव से बचना और नियमित रूप से अपना ब्लड प्रेशर चेक करना जरूरी है. सर्दी के मौसम में सतर्कता ही इन बीमारियों से बचाव का सबसे असरदार तरीका है.
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अमित उपाध्याय Bharat.one Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें
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https://hindi.news18.com/news/lifestyle/health-cold-wave-not-over-yet-in-north-india-doctor-says-these-5-patients-must-stay-alert-to-prevent-problems-10134733.html
